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#ThisIsNotConsent: सोशल मीडिया पर महिलाएं क्यों शेयर कर रही हैं अपनी अंडरवियर की तस्वीरें

दरअसल आयरलैंड की सांसद रूथ कॉपिंगर ने सदन में अंडरवेयर लहराकर अपना विरोध दर्ज कराया है

Updated On: Nov 16, 2018 03:37 PM IST

FP Staff

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#ThisIsNotConsent: सोशल मीडिया पर महिलाएं क्यों शेयर कर रही हैं अपनी अंडरवियर की तस्वीरें

आयरलैंड में एक अलग तरीके का विरोध चल रहा है. इस विरोध में वहां की महिलाएं सोशल मीडिया पर अपने अंडरवियर की तस्वीरें पोस्ट कर रही हैं. महिलाएं अपने-अपने अंडरवियर की तस्वीरों को ThisIsNotConsent (यह सहमति नहीं है) हैशटैग के साथ ट्वीट कर रही हैं. न्यूज 18 की खबर के अनुसार सिर्फ इतना ही नहीं इसे लेकर देश भर में रैलियों का आयोजन भी किया जा रहा है. हाल ही में वहां की एक महिला नेता ने संसद में काले रंग के अंडरवियर को हवा में उड़ा दिया था.

दरअसल आयरलैंड की सांसद रूथ कॉपिंगर ने सदन में अंडरवियर लहराकर अपना विरोध दर्ज कराया है. 'पीड़िता को ही दोषी ठहराने' की मानसिकता का विरोध करने के लिए आयरलैंड की महिला सांसद रूथ कॉपिंगर सदन में नीले रंग का थॉन्ग (लेस वाला अंडरवियर) लेकर पहुंची थीं. उन्होंने ट्रायल के दौरान कोर्ट में पीड़िता का अंडरवियर दिखाए जाने का तीखा विरोध करते हुए कहा, 'यहां थॉन्ग दिखाना शर्मसार करने वाला हो सकता है लेकिन सोचना होगा कि जब एक महिला के अंडरवियर को कोर्ट में दिखाया गया, तो उसे कैसा लगा होगा.' वहीं देश भर की महिलाओं की ओर से किया जा रहा यह अनोखा विरोध अब चर्चा का विषय बन गया है.

दरअसल महिलाओं का यह विरोध दक्षिण-पश्चिम आयरलैंड के कॉर्क शहर में एक बलात्कार के मामले से संबंधित है, जिसमें अभियुक्त के वकील ने जूरी से कहा था कि 17 साल की शिकायतकर्ता ने एक अजीब इनरवियर पहनी हुई थी. वकील ने अपने मुवक्किल का बचाव करते हुए जूरी को बताया कि रेप की इस घटना के पीछे महिला का अंडरवियर ही जिम्मेदार है क्योंकि को देखने के बाद आरोपी ने उसके साथ ऐसी घटना को अंजाम दिया.

इसी बात को लेकर महिलाएं नाराज हुई हैं. महिला राजनेताएं भी इस घटना का विरोध करने के लिए संसद से लेकर सड़क तक उतर गई हैं. लोगों का कहना है कि क्या कोई महिला अपने मनपंसद का अंडरवियर भी नहीं पहन सकती है. इसके बाद आयरलैंड की महिलाओं ने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए अंडरवियर का फोटो सोशल मीडिया पर शेयर करना शुरू कर दिया है.

कार्यकर्ता न्यायिक प्रणाली के उन सदस्यों को भी बाहर करने की मांग कर रहे हैं जो अदालत में पीड़ितों को दोषी ठहराते हैं. आयरिश प्रधानमंत्री लियो वरदकर ने यह भी कहा कि यह मुद्दा देश के लोगों के लिए चिंता का विषय है. इस बात पर विचार किया जा रहा है कि आखिर इन घटनाओं पर किस तरह से लगाम लगाया जाए.

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