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अजीबोगरीब ऑपरेशन: ब्रेन सर्जरी के दौरान गिटार बजाता रहा मरीज

इस ऑपरेशन के लिए गिटार बजाना जरूरी था. पढ़े क्यों.

FP Staff Updated On: Jul 21, 2017 06:07 PM IST

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अजीबोगरीब ऑपरेशन: ब्रेन सर्जरी के दौरान गिटार बजाता रहा मरीज

आईटी शहर बेंगलूरू में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. खबरों के मुताबिक, सिटी हॉस्पिटल में एडमिट एक शख्स एक तरफ तो गिटार बजा रहा था, वहीं दूसरी ओर डॉक्टर्स उसके ब्रेन का ऑपरेशन कर रहे थे.

ऑपरेशन के दौरान उस शख्स की उंगलियां गिटार के तारों को छेड़ रही थीं, वहीं डॉक्टर्स उनके दिमाग की मांसपेशियों को जला रहे थे.

डायस्टोनिया की थी बीमारी

बताया जा रहा है कि 32 साल के अभिषेक प्रसाद एक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर से परेशान चल रहे थे. उनकी शिकायत थी कि वो जब भी गिटार बजाते थे, तो उनकी बाईं हथेली की तीन उंगलियों में दर्द बना रहता था.

उन्हें ये परेशानी बीते डेढ़ साल से हो रही थी. इसके बाद जब वो अपनी परेशानी लेकर डॉक्टर के पास गये तो उन्हें पता चला कि वो 'डायस्टोनिया' नामक बीमारी से पीड़ित थे.

जांच में पता चला कि गिटार बजाने में उंगलियों के लगातार प्रयोग करने के कारण उनको इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

डॉक्टरों ने बीमारी को ठीक करने के लिए सर्जरी करने का फैसला किया, वो भी उनके द्वारा गिटार बजाते हुए. करीब 7 घंटे चले इस ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर्स लगातार अभिषेक के दिमागी मांसपेशियों को झटके दे रहे थे और वो इससे बेखबर आराम से गिटार से बजा रहे थे.

गिटार बजाते वक्त ही हो सकती थी उन नसों की पहचान

इस मामले में ब्रिटिश कोलंबिया यूनिवर्सिटी के सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. संजव सीसी ने बताया, 'उन्हें दर्द की शिकायत उसी समय होती थी, जब वो गिटार बजाते थे, तो उस प्रॉब्लम को समझने और जानने के लिए जरूरी था कि वो ऑपरेशन के समय वैसा ही करें, जिससे उस जगह का सही-सही पता लगाया जा सके, जहां उन्हें दिक्कत आ रही थी.

वहीं इस अनोखे ऑपरेशन के बारे में एक अन्य न्यूरोलाजिस्ट डॉ. शरन श्रीनिवासन ने कहा, 'इस सर्जरी में दिमाग के उस हिस्से को ऑपरेट करके जलाया जाता है, जो सही ढंग से कार्य नहीं कर रहा होता है. इस सर्जरी से पहले उनके दिमाग में एक खास तरह के फ्रेम लगाए गए. इसे लगाने के लिए उनके ब्रेन में चार छेद किया गया. जिसके बाद इनके दिमाग की एमआरआई की गई. एमआरआई की तस्वीरों में 8 से 9 इंच गहरे तिहरे तस्वीरों के जरिये ब्रेन में परेशानी वाले उस हिस्से की पहचान की गई. इसके साथ ही उसी जगह से दिमाग के भीतर सर्जरी के लिए रास्ता बनाया गया.'

उन्होंने आगे बताया, 'इस तरह उनके ब्रेन में ड्रिल करके 14 एमएम का होल किया गया और लोकल एनेस्थीसिया दिया गया. इसके बाद एक विशेष इलेक्ट्रोड को डालकर ब्रेन के उस खास हिस्से को उत्तेजित किया गया और उस जगह की सटीक पहचान करके परेशानी को दूर किया गया.'

ऑपरेशन के बाद अभिषेक ने बताया, 'मैं हैरान था कि मेरी उंगलियां ऑपरेशन टेबल पर ही सही काम करने लगीं और ऑपरेशन के खत्म होने के साथ ही मेरी उंगलियां 100 फीसदी काम करने लगीं और मैं उन्हें पहले की तरह ही मोड़ सकता था. ऑपरेशन के तीन दिन के भीतर मैं हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हो गया और पहले की तरह गिटार बजाने लगा.'

(न्यूज 18 से साभार)

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