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Teacher's Day: इस खास दिन को गूगल ने ऐसे किया सेलिब्रेट

गूगल डूडल में गूगल के g को ग्लोब शेप में बनाया है जो घूमकर एक शिक्षक का रूप ले लेता है और फिर उसमें से कुछ बुलबुल निकलते हैं

Updated On: Sep 05, 2018 12:47 PM IST

FP Staff

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Teacher's Day: इस खास दिन को गूगल ने ऐसे किया सेलिब्रेट

आज यानी 5 सितंबर को टीचर्स डे के मौके पर गूगल ने एनिमेटेड डूडल बनाकर इस दिन को सेलिब्रेट किया है. गूगल ने अपने डूडल में g को ग्लोब के शेप में बनाया है जो घूमकर एक शिक्षक का रूप ले लेता है, और फिर उसमें से कुछ बुलबुले निकलते हैं जो मैथ्स से लेकर केमिस्ट्री और स्पोर्ट्स से लेकर म्यूजिक को दर्शाते हैं.

इस डूडल के जरिए गूगल ने ये दर्शाने की कोशिश की है कि शिक्षक हमारी जिंदगी में क्या मायने रखते हैं? वो शिक्षक ही होते हैं जो हमें इस लायक बनाते हैं कि हम खुद के पैरों पर खड़े हो सकें. गुरु शिष्य का रिश्ता बेहद खास होता है और इसी खास रिश्ते को 'शिक्षक दिवस' के रूप में मनाया जाता है.

5 सितंबर को क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस?

5 सितंबर 1962 को डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म हुआ था. डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक विद्वान और दार्शनिक होने के साथ-साथ एक महान शिक्षक भी थे. उन्होंने अपने क्षेत्र में कई बड़े काम किए जिसकी वजह से उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा. दरअसल डॉ सर्वपल्ली भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति भी रह चुके हैं. जब वे राष्ट्रपति बने तो लोगों ने 5 सितंबर को  'राधाकृष्णन दिवस' के रूप में मनाने का फैसला लिया. लेकिन ये सुझाव राधाकृष्णन को पसंद नहीं आया और उन्होंने इस दिन को 'टीचर्स डे' के तौर मनाने का प्रस्ताव रखा, जिसके बाद से हर साल 5 सितंबर को 'टीचर्स डे' के रूप में मनाया जाने लगा.

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन दार्शनिक थे, दुनिया के धर्मों के व्याख्याता और भारत की संस्कृति के दूत भी! सेना के सर्वोच्च कमांडर के रूप में उन्होंने देश की दो जंगों में अगुवाई की लेकिन इन सारी भूमिकाओं के निर्वाह के बीच उनका मन अपने को शिक्षक ही मानता रहा. 17 अप्रैल 1975 को उनका निधन हो गया. उनके निधन के बाद 1984 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया.

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