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सुषमा स्वराज ने ट्रोलर्स को दिया करारा जवाब, इंतजार क्यों? लो कर दिया ब्लॉक

लोगों ने कहा ट्रोल लोगों को चुप कराने के लिए नया शब्द है, ठीक वैसा ही जैसे लिबरल और धर्मनिर्पेक्ष लोग सांप्रदायिक, संघी और भक्त जैसे शब्दों का प्रयोग कर के बहस को खत्म कर देते थे

Updated On: Jul 03, 2018 09:32 PM IST

FP Staff

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सुषमा स्वराज ने ट्रोलर्स को दिया करारा जवाब, इंतजार क्यों? लो कर दिया ब्लॉक

लखनऊ के एक दंपति के पासपोर्ट विवाद को लेकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का लगातार सामना कर रही हैं. सुषमा भी ट्रोलर्स को जवाब दे रही हैं. मंगलवार को उन्होंने अपनी आलोचना करने वाले एक ट्रोलर को ब्लॉक करते हुए कहा कि ‘इंतजार क्यों, लीजिए ब्लॉक कर दिया.'

दरअसल, सोनम महाजन नाम के वेरिफाइड ट्विटर हैंडल ने सुषमा स्वराज को टैग करते हुए लिखा, 'ये गुड गवर्नेंस देने आए थे. ये लो भाई, अच्छे दिन आ गए हैं. सुषमा स्वराज जी, मैं आपकी फैन थी और आपको गाली देने वालों से लड़ी थी. अब आप प्लीज मुझे भी ब्लॉक कर दीजिए, इनाम दीजिए, इंतजार रहेगा.'

विदेश मंत्री ने इस ट्वीट का अपने ही अंदाज में जवाब दिया. उन्होंने एक लाइन का जवाब देते हुए कहा, 'इंतजार क्यों? लीजिए ब्लॉक कर दिया.'

बता दें कि पासपोर्ट विवाद को लेकर विदेश मंत्री पिछले कुछ दिनों से ट्रोल के अभद्र पोस्ट को लाइक कर अपना विरोध प्रदर्शित कर रही थीं. ये ट्रोल उन्हें निशाना बना रहे थे.

ट्रोल भी भक्त, संघी और सांप्रदायिक की तरह नया लेवल है

सोनम महाजन को ब्लोक करने के बाद उनके समर्थन में कई लोग आ गए. विकास सारस्वत नाम के प्रमाणिक अकाउंट से ट्वीट किया गया. जिसमें उन्होंने कहा कि ट्रोल लोगों को चुप कराने के लिए नया शब्द है, ठीक वैसे ही जैसे लिबरल और धर्मनिर्पेक्ष लोग सांप्रदायिक, संघी और भक्त जैसे शब्दों का प्रयोग कर के बहस को खत्म कर देते थे.

सुषमा ने ट्विटर पर कराया था सर्वे

सुषमा ने बीते रविवार को ट्विटर पर एक सर्वे भी किया था. उन्होंने इसमें यूजर से पूछा था कि क्या वे लोग इस तरह की ट्रोलिंग को मंजूरी देंगे. इस पर 57 फीसदी लोगों ने ‘ना’ में जवाब दिया था, जबकि 43 फीसदी लोगों ने ‘हां’ में जवाब दिया.

दरअसल, लखनऊ स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र के अधिकारी विकास मिश्रा के तबादले के बाद सुषमा को ट्रोल निशाना बना रहे हैं. मिश्रा ने हिंदू-मुस्लिम दंपति को कथित तौर पर अपमानित किया था. इस मुद्दे पर विदेश मंत्री का समर्थन नहीं करने को लेकर विपक्षी कांग्रेस केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी की आलोचना कर रही है.

विवाद के वक्त विदेश यात्रा पर थीं सुषमा

यह विवाद जिस वक्त हुआ था, उस समय विदेश मंत्री फ्रांस, बेल्जियम और लक्जमबर्ग की आधिकारिक यात्रा पर थीं. सुषमा ने 24 जून को ट्वीट कर कहा था, 'मैं 17 से 23 जून 2018 तक भारत से बाहर थी. मैं नहीं जानती कि मेरी गैरहाजिरी में क्या हुआ. हालांकि, मुझे कुछ ट्वीट से सम्मानित किया गया. मैं उसे आपसे साझा कर रही हूं. इसलिए मैंने उन्हें लाइक किया है.'

सुषमा को गडकरी का समर्थन

इस बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी सुषमा के समर्थन में उतर आए हैं. उन्होंने कहा, 'जिस तरह से सुषमा को ट्रोल किया गया और उनके खिलाफ जिस तरह का दुष्प्रचार किया गया, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. मेरी उनसे बातचीत हुई थी, लेकिन जब फैसला (पासपोर्ट के विषय पर) लिया गया था, तब वह देश में नहीं थीं.'

(साभार न्यूज18)

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