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क्विक शॉट: टॉयलेट हमारे यहां फिल्म और प्रेम के काम आते हैं

देश-दुनिया की हर हलचल पर आलोक पुराणिक की टेढ़ी नजर.

Updated On: Aug 13, 2017 09:55 AM IST

Alok Puranik Alok Puranik
लेखक आर्थिक पत्रकार हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय में कामर्स के एसोसिएट प्रोफेसर हैं

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क्विक शॉट: टॉयलेट हमारे यहां फिल्म और प्रेम के काम आते हैं

#GorakhpurTragedy

मरने में चॉइस

सरकारी अस्पताल में ऑक्सिजन न होने से मरिए या तोर्टिस अस्पताल के बिल देखकर हार्ट अटैक से मरिए. लोकतंत्र चुनाव के मौके देता है न.

#GorakhpurTragedy

सुधार

बच्चे ऑक्सीजन की कमी से नहीं बुखार से मरे-सरकार. प्लीज मंत्री जी इसे हालात में बेहतरी न बताने लगिएगा.

#GorakhpurTragedy

नार्मल माने क्या

नार्थ कोरिया यूएस को धमका रहा हो, एक समाजवादी दूसरे समाजवादी पे भुनभुना रहा हो और गोरखपुर के अस्पताल में अगस्त में बच्चे मर रहे हों तो मानें नॉर्मलत्व भड़भड़ा कर छाया हुआ है.

#karnataka

रिसोर्ट की तरफ

जैसे ही अमित शाह ने कहा हम कर्नाटक में सरकार बनाएंगे, कर्नाटक के कांग्रेसी सीएम ने अपने विधायकों को रिसोर्ट में भेज दिया.

#Karnataka

चुनाव से पहले ही

अमित शाह- हम कर्नाटक में सरकार बनाएंगे. जूनियर बीजेपी नेता-सर,चुनाव के बाद या पहले ही.

#sharadyadav

नीतिश से बदला

शरद यादव नितीश से बदला लेने के लिए बीजेपी जॉइन करके बिहार के बीजेपी प्रभारी बन सकते हैं.

#ToiletEkPremKatha

प्रेम और फिल्म 

यूएस का बच्चा-टॉयलेट हमारे यहां टॉयलेटोचित गतिविधियों के काम आते हैं. इंडियन बच्चा-बैकवर्ड अमरीकन, टॉयलेट हमारे यहां फिल्म और प्रेम के काम आते हैं.

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