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सनी लियोनी ही नहीं कोहली भी कर चुके हैं विवादास्पद विज्ञापन

कई ऐसे विज्ञापन हैं जो अपने कंटेंट के चलते विवादास्पद ही नहीं घटिया भी हैं

Updated On: Dec 12, 2017 04:57 PM IST

Animesh Mukharjee Animesh Mukharjee

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सनी लियोनी ही नहीं कोहली भी कर चुके हैं विवादास्पद विज्ञापन

सूचना प्रसारण मंत्रालय का कहना है कि कॉन्डम के ऐड दिन में 6 से रात 10 बजे तक न दिखाए जाएं. इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. विज्ञापन बनाना रचनात्मक दृष्टि से बड़ा मुश्किल काम है. खास तौर पर वीडियो ऐड. लिखने वाले को लगभग 30 सेकेंड में पूरी कहानी कहनी होती है. इसके साथ ही चीजों को ऐसे ढंग से पेश करना होता है जिसमें विज्ञापन लोगों के दिमाग पर चढ़ जाए. सबसे बड़ी मुश्किल है कि कुछ एक प्रोडक्ट्स को छोड़कर एक थीम पर दुबारा विज्ञापन नहीं बन सकता.

मोटरसाइकिल, कार, साबुन, डियो और टूथपेस्ट के विज्ञापन अमूमन एक जैसे होते हैं. इनमें कभी-कभी ही कुछ नया दिखता है. जैसे क्लोज़प का ‘क्या आप क्लोज़अप करते हैं,’ ‘दाग अच्छे हैं,’ ‘बुलट चले तो दुनिया रास्ता दे’ और ‘फॉग चल रहा है’ जैसे विज्ञापन.

इस प्रेशर में कई विज्ञापन ऐसे बन जाते हैं जिनपर प्रतिबंध लगाना पड़ता है. ज्यादातर मौकों पर ये विज्ञापन से निकल रहे गलत संदेश के चलते होता है. कभी-कभी विज्ञापन कुछ ज्यादा ही उत्तेजक हो जाता है. सबसे कम मौकों पर ये प्रोडक्ट की कमी के चलते होता है. चलिए बात करते हैं कुछ कुख्यात विज्ञापनों पर और उनके पीछे के विवाद पर.

टफ शूज़

भारत के विवादस्पद विज्ञापनों की बात इस प्रिंट ऐड के बिना नहीं हो सकती. 90 के दशक के दो सबसे चर्चित मॉडल्स मिलिंद सोमण और मधु सप्रे इस विज्ञापन में थे. जूतों के इस विज्ञापन में इन दोनों के अलावा जूते थे और एक अजगर था. ज़ाहिर तौर पर विवाद होना था. पर ये विज्ञापन आज भी लोगों को अच्छे से याद है. जो उस दौर में नहीं देख पाए थे. अब गूगल कर के देख लेते हैं.

milind soman madhu sapre

18 अगेन

इस विज्ञापन को विवादास्पद नहीं घिनौना कहना चाहिए. और इस विज्ञापन से ज्यादा ये प्रोडक्ट और इसके पीछे की सोच घिनौनी और घटिया है. 18 अगेन प्रोडक्ट दावा करता है कि ये किसी महिला के निजी अंग को दोबारा 18 की उम्र जैसा कर सकता है. मतलब ‘वहां’ की मसल्स को टाइट करके संबंध बनाने के दौरान कुंवारेपन का अहसास देता है. विज्ञापन में किया गया दावा मेडिकल सर्जरी के बिना कभी पूरा नहीं हो सकता. ऐड में जहां पत्नी पति को पुराने अहसास ताजा कराती है. विज्ञापन परोक्ष रूप से संदेश देता है कि ये 18 अगेन शादी से पहले संबंध बना चुकी लड़कियों की शादी में ‘मदद’ कर सकता है.

क्लीन ऐंड ड्राई इंटिमेट वॉश

इस प्रोडक्ट में और 18 अगेन में एक ही फर्क है. 18 अगेन, टाइटनिंग करता है, इंटिमेट वॉश व्हाइटनिंग. गोरेपन की सनक में डूबे देश में ‘सब कुछ’ गोरा होना चाहिए. वो भी खासतौर पर महिलाओं के लिए. नहीं तो आप को वेजाइना को गोरा बनाने वाली क्रीम का पुरुष वर्जन नहीं मिलेगा. खास बात है कि इन विज्ञापनों पर बैन लगा है, प्रोडक्ट उपलब्ध है.

फास्ट ट्रैक

विराट कोहली आज के युवा भारत के सबसे चर्चित नाम हैं. कह सकते हैं कि उनके जैसा पति कितनी लड़कियां चाहती होंगी. मगर फास्टट्रैक के एक विज्ञापन की मानें तो विराट की हैंडसमनेस के लिए उनके आस-पास की लड़कियां ‘कुछ भी’ कर सकती हैं. विराट और जेनेलिया डिसूजा वाले इस विज्ञापन में विराट पायलट होते हैं और जेनेलिया एयर होस्टेस. विराट के लुक या शायद घड़ी को देख जेनेलिया अपनी ड्यूटी ताक पर रख देती हैं. इस विज्ञापन पर तमाम विमानन कंपनियों ने आपत्ति की थी, जो जायज़ थी.

डियो का कोई भी विज्ञापन

हर विज्ञापन में सिर्फ एक ही फर्क होता है, कहीं लड़की पूजा करने जाती है, कहीं बीच पर, कहीं पार्टी में. लड़के को इम्प्रेशन बनाने के लिए हवा में डियो उड़ाने की जरूरत होती है.

मोटोरोला

मोटोरोला का ये पुराना विज्ञापन भारत में कभी रिलीज़ नहीं हुआ. इसके पीछे वाजिब कारण है. इस फीचर फोन में एक बटन दबाकर फोटो खींचने की सुविधा थी. ऐड दिखाता है कि लोग कैसे इसी फीचर से लड़कियों की स्कर्ट के नीचे से, वॉशरूम से निकलते समय वगैरह से फोटो खींच रहे हैं.

नो स्मोकिंग

ये दरअसल विज्ञापन नहीं एक शॉर्ट फिल्म नुमा चीज़ है. जिसके हिसाब से सिगरेट नहीं पीने की एक ही वाजिब वजह है. सुहागरात पर सनी लियोनी सामने हो तो ऐन वक्त पर टें न बोल जाओ. (क्षमा करिए इस विज्ञापन पर इससे ज्यादा सही भाषा में कुछ नहीं कहा जा सकता)

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