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माया कोडनानी बरी: जिसने एक ट्रैफिक सिग्नल तक नहीं तोड़ा वो...

ट्विटर पर लोगों ने इस फैसले पर तरह-तरह की प्रतिक्रिया दी है

FP Staff Updated On: Apr 20, 2018 12:41 PM IST

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माया कोडनानी बरी: जिसने एक ट्रैफिक सिग्नल तक नहीं तोड़ा वो...

गुजरात के नरोदा पाटिया दंगा मामले में गुजरात हाईकोर्ट का फैसला आ गया है. मामले की मुख्य आरोपी बनाई गईं गुजरात की पूर्व बीजेपी मंत्री माया कोडनानी को अदालत ने बरी कर दिया है. जबकि इसी मामले में बाबू बजरंगी की आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखी गई है.

इस फैसले के आते ही ट्विटर पर लोगों की प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई है. तहसीन पूनावाला ने लिखा है कि हाईकोर्ट का फैसला आ चुका है. निर्दोष महिलाओं और बच्चों को मारा गया लेकिन इसके बावजूद माया कोडनानी को महिला एवं बाल विकास मंत्री बनाया गया. इससे क्या फर्क पड़ता है कि हाइकोर्ट क्या कहता है. माया कोडनानी जेल से बाहर होंगी जैसे वो पहले थीं.

एक ट्विटर यूजर ने लिखा है कि एक लेडी डॉक्टर जिनके बहुत सारे मुस्लिम पेशेंट्स थे और जिन्होंने एक ट्रैफिक सिग्नल तक नहीं तोड़ा, जो दंगों के दौरान वहां मौजूद भी नहीं थी, उन्हें फंसाया गया. माया कोडनानी पर ऐसा फैसला पहले ही आ जाना चाहिए था.

एक ट्विटर यूजर ने लिखा है कि माया कोडनानी को आखिरकार हाईकोर्ट से इंसाफ मिला. वो दंगों के वक्त गुजरात विधानसभा में थीं, नरोदा में नहीं.

संगीतकार विशाल डडलानी ने लिखा है कि माया कोडनानी जिन्हें 97 मुसलमानों की हत्या का दोषी पाया गया था, जो मेडिकल ग्राउंड पर वर्षों तक बेल लेकर बाहर रहीं अब गुजरात हाईकोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है. अब इसपर क्या कहा जाए!

एक ट्विटर यूजर ने लिखा है कि भारत में में हुए दंगों में किसी ने किसी को नहीं मारा. ऐसा लगता था कि गुजरात दंगों के पीड़ितों को इंसाफ मिलेगा. लेकिन अब उम्मीद टूटती दिख रही है. अब अंगुलियां और उठेंगी.

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