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'आधार' बनी मजबूरी, Xvideos से ज्यादा UIDAI सर्च कर रहे हैं भारतीय

एनालिटिक्स कंपनी एलेक्सा के हिसाब से पिछले महीनों में भारतीयों ने Xvideos से ज्यादा यूआईडीएआई की वेबसाइट को ज्यादा सर्च कर रहे हैं

Updated On: Mar 19, 2018 04:51 PM IST

FP Staff

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'आधार' बनी मजबूरी, Xvideos से ज्यादा UIDAI सर्च कर रहे हैं भारतीय
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आधार नंबर, आधार कार्ड, आधार की सुरक्षा, आधार को बैंक अकाउंट, सिम कार्ड से लिंक कराने की मगजमारी में भारतीयों की जिंदगी आधार पर ही आधारित हो गई है.

भारतीयों के जेहन में आधार को लेकर इतने ज्यादा सवाल हैं कि अब दिन भर वो इंटरनेट पर आधार से ही जुड़े सवाल पूछते रहते हैं. इतना ज्यादा कि इंटरनेट की दुनिया पर राज करने वाली अडल्ट इंडस्ट्री भी पीछे छूट गई है.

एनालिटिक्स कंपनी एलेक्सा के हिसाब से पिछले महीनों में भारतीयों ने पॉर्न से ज्यादा आधार को सर्च किया है. भारतीय Xvideos से ज्यादा यूनीक आइंडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) की वेबसाइट को ज्यादा सर्च कर रहे हैं. यानी यूआईडीएआई को पॉर्न से भी ज्यादा ट्रैफिक मिल रहा है.

एलेक्सा की रिपोर्ट में यूआईडीएआई भारत की टॉप 50 वेबसाइट्स में 14वें नंबर पर है. वहीं Xvideos वेबसाइट 15वें नंबर पर है. इस लिस्ट में टॉप 3 में गूगल है, चौथे नंबर पर फेसबुक है. 12वें और 13वें पर इंडिया टाइम्स और इंस्टाग्राम हैं.

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बिजनेस इनसाइडर के अनुसार, एलेक्सा ने ग्लोबली Xvideos की वेबसाइट को 38वें नंबर पर रखा है. इसके ट्रैफिक में 8.6 प्रतिशत ट्रैफिक भारत की तरफ से आता है. दुनिया भर में पॉर्न देखने वालों में से भारत तीसरे नंबर पर आता है. फिर भी आधार ने इस ट्रेंड को पीछे छोड़ दिया है.

दुनिया भर में एडल्ट इंडस्ट्री का कारोबार बिलियन डॉलर्स में है. हर सेकेंड कम से कम 28,000 लोग पॉर्न देख रहे होते हैं. एडल्ट कंटेंट पर हर सेकेंड 3000 डॉलर खर्च किया जाता है.

इसका कारण पिछले महीनों में आधार को लेकर चली बहसें हो सकती है. सरकार और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और तर्कों के जनता आधार लिंक कराए या न कराए, के कंफ्यूज्ड है.

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