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गूगल डूडल: मजदूरों के हक के लिए लड़ने वाली अनसूया साराभाई

सर्च इंजन गूगल ने सामाजिक कार्यकर्ता अनसूया साराभाई के 132वें जन्मदिन पर डूडल समर्पित किया है.

FP Staff Updated On: Nov 11, 2017 10:46 AM IST

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गूगल डूडल: मजदूरों के हक के लिए लड़ने वाली अनसूया साराभाई

गूगल अपने डूडल के जरिए दुनिया की महान और प्रतिभाशाली हस्तियों को याद करता है. आज सर्च इंजन गूगल ने सामाजिक कार्यकर्ता अनसूया साराभाई के 132वें जन्मदिन पर डूडल समर्पित किया है. अनसूया साराभाई का जन्म एक सम्पन्न परिवार में हुआ था मगर उन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा मजदूरों और वंचितों के हक की लड़ाई लड़ने में लगाया.

कब हुआ जन्म?

समाजिक कार्यकर्ता अनसूया साराभाई का आज जन्म दिन है. अनसूया का जन्म 11 नवंबर 1885 को अहमदाबाद में हुआ.अनसूया का विवाह मात्र 13 साल की उम्र में हो गया था. ये शादी ज्यादा दिन तक टिक नहीं पाई थी.

जीवन में अाए कई  बड़े उतार-चढ़ाव

समाजिक कार्यकर्ता अनसूया के पिता जी का नाम साराभाई था. इनकी मां का नाम गोदावरी बा था. साराभाई के जीवन में बहुत सारे उतार-चढ़ाव आए लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी.अनसूया ने अपने भाई की मदद से 1912 में मेडिकल की डिग्री इंग्लैंड से ली. इसके बाद वो लंदन स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स में चली गईं.

पूरा जीवन लड़ी मजदुरों के हक की लड़ाई

अनसूया ने अपना सारा जीवन मजदूरों के हक के लिए लड़ाई लड़ी. बुनकरों और टेक्स्टाइल उद्योग के मजदूरों के हक की लड़ाई लड़ने के लिए 1920 में मजदूर महाजन संघ की स्थापना की थी जो भारत के टेक्स्टाइल मजदूरों का सबसे बड़ा पुराना यूनियन है.बुनकरों के हक के लिए उनकी इस लड़ाई में खुद महात्मा गांधी भी शामिल हुए थे.

आपको जानकर हैरानी होगी की अनसूया को प्यार से लोग मोटाबेन कहकर बुलाते थे जिसका मतलब गुजराती में बड़ी बहन होता है.अनसूया ने अपनी जीवन की अंतिम सांसे 1972 में ली.

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