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गूगल डूडल: संघर्षों और सफलता की मिसाल रही हैं सितारा देवी

सितारा देवी ने पद्मभूषण स्वीकार करने से मना कर दिया था कि वो भारत रत्न से नीचे का सम्मान नहीं लेंगी

Updated On: Nov 08, 2017 06:55 PM IST

FP Staff

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गूगल डूडल: संघर्षों और सफलता की मिसाल रही हैं सितारा देवी

8 नवंबर को गूगल ने अपना डूडल सितारा देवी को समर्पित किया है. 8 तारीख मशहूर कथक नृत्यांगना सितारा देवी का जन्मदिन है. सितारा देवी का जीवन कला की ऊंचाइयों और संघर्षों दोनों से भरा रहा है. 16 साल की उम्र में सितारा देवी का नृत्य देखकर गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने कथक क्वीन कहा था.

जबकि इन्हीं सितारा देवी को उनके मां-बाप ने नौकरानी को दे दिया था. इसका कारण था कि उनका मुंह थोड़ा टेढ़ा था. बाद में सितारा अपने मां-बाप के वापस आ गईं. सितारा देवी के पिता भी कथक के महाराज थे.

सितारा देवी ने दुनिया भर में कथक से नाम कमाया. उन्होंने न्यूयॉर्क और लंदन के बड़े कन्सर्ट किए. सितारा देवी ने मुगल-ए-आज़म के डायरेक्टर के आसिफ से शादी भी की थी. कुल तीन शादियां करने वाली सितारा देवी की आसिफ से दूसरी शादी थी. इसके टूटने के बाद उन्होंने प्रताप बरोट से शादी की.

सितारा देवी को उनके पिता ने कथक की शिक्षा दी. उस जमाने में लोग घुंघरू बांधकर नाचने का सीधा अर्थ वेश्यावृत्ति से लगा लेते थे. मगर सितारा के पिता का कहना था कि उनकी लड़की घर के काम नहीं नृत्य करेगी. खुद सितारा भी कथक की विरासत के लिए बहुत चिंतित रहती थीं. सितारा ने पद्मभूषण लेने से इंकार कर दिया था कि वो भारत रत्न से कम कोई पुरस्कार नहीं लेंगी.

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