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नोबेल विजेता हरगोविंद खुराना को याद करता आज का गूगल डूडल

खुराना को डीएनए के क्षेत्र में काम करने के लिए और पहला सिंथेटिक जीन बनाने के लिए जाना जाता है, गूगल डूडल के माध्यम से उनका 96वें जन्मदिन मना रहा है

FP Staff Updated On: Jan 09, 2018 10:53 AM IST

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नोबेल विजेता हरगोविंद खुराना को याद करता आज का गूगल डूडल

गूगल अपने डूडल के सहारे दुनिया की तमाम मशहूर और महान कार्य करने वाले लोगों को याद करता है. इसी कड़ी में गूगल ने आज यानी 9 जनवरी को डूडल के माध्यम से महान भारतीय अमेरिकी वैज्ञानिक और चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार विजेता रहे हरगोविंद खुराना को याद कर रहा है. खुराना को डीएनए के क्षेत्र में काम करने के लिए और पहला सिंथेटिक जीन बनाने के लिए जाना जाता है. गूगल डूडल के माध्यम से उनका 96वें जन्मदिन मना रहा है.

खुराना का जन्म 9 जनवरी, 1922 को रायपुर (वर्तमान में पाकिस्तान के मुल्तान जिले में) के एक गांव में हुआ था. अपने पिता से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कनरे के बाद उन्होंने लाहौर से अपनी ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की शिक्षा ली. इसके बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए खोराना इंग्लैंड चले गए.

कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने के बाद वो पढ़ने पढ़ाने के काम में लग गए. यहां पर उन्होंने लॉर्ड टाड के साथ भी काम किया. यहां से खोराना कनाडा चले गए और बाद में अमेरिका. अमेरिका ने उन्हें 1966 में अपनी नागरिकता दे दी. साल 1960 में उन्हें प्रोफेसर इंस्टिट्यूट ऑफ पब्लिक सर्विस ने स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया.

खुराना ने लगातार डीएनए और जीन इंजीनियरिंग पर काम किया और इन्हीं कार्यों के लिए उनको नोबेल भी दिया. गया साल 1968 में प्रोटीन संश्लेषण में न्यूक्लिटाइड की भूमिका का प्रदर्शन करने के लिए चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया. उन्हें यह पुरस्कार साझा तौर पर दो और अमेरिकी वैज्ञानिकों रॉबर्ट डब्ल्यू हॉली और मार्शल डब्ल्यू नीरेनबर्ग के साथ दिया गया था.

हरगोविंद खुराना का 89 वर्ष की उम्र में 2011 में अमेरिका में निधन हो गया.

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