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Google Doodle: कौन हैं Elisa Leonida Zamfirescu, क्यों इंजीनियरिंग में खास है उनका नाम?

एलिसा ज़ामफिरेस्कू रोमानिया की पहली और दुनिया की दूसरी महिला इंजीनियर थीं. आज गूगल ने उन्हें अपने एक दिलचस्प डूडल के जरिए याद किया है

Updated On: Nov 10, 2018 12:45 PM IST

FP Staff

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Google Doodle: कौन हैं Elisa Leonida Zamfirescu, क्यों इंजीनियरिंग में खास है उनका नाम?
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गूगल डूडल इतिहास में दर्ज एक खास महिला को याद कर रहा है. आज यानी 11 नवंबर को एलिसा लियोनिदा ज़ामफिरेस्कू की 131वीं जन्मतिथि है, क्या आप जानते हैं वो कौन थीं? एलिसा ज़ामफिरेस्कू का नाम दुनिया की पहली महिला इंजीनियर्स में शामिल है. एलिसा ज़ामफिरेस्कू रोमानिया की पहली और दुनिया की दूसरी महिला इंजीनियर थीं. आज गूगल ने उन्हें अपने एक दिलचस्प डूडल के जरिए याद किया है.

तो आइए जानते हैं, दुनिया की दूसरी महिला इंजीनियर के बारे में कुछ दिलचस्प बातें और देखते हैं कि पुरुषप्रधान इस क्षेत्र में उन्होंने कैसे एक के बाद एक उपलब्धियां हासिल कीं.

- एलीसा ज़ामफिरेस्कू रोमानियन इंजीनियर थीं. वो पुरुषप्रधान इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जगह बनाई, प्रयोगशालाओं का नेतृत्व किया और रोमानिया के खनिज स्रोतों का अध्ययन किया.

- उनका जन्म 10 नवंबर, 1887 को रोमानिया के शहर गलाटी में हुआ था. उन्होंने बुखारेस्ट के सेंट्रल स्कूल ऑफ गर्ल्स से ग्रेजुएशन किया.

- इसके बाद वो बुखारेस्ट के स्कूल ऑफ ब्रिजेस एंड रोड्स में एडमिशन लेना चाहती थीं, लेकिन उनका नाम बस इसलिए खारिज कर दिया गया क्योंकि वो औरत थीं.

- यहां से खारिज होने के बाद उन्होंने 1909 में जर्मनी की रॉयल टेक्निकल यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया. यहां से उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग से पढ़ाई की और 1912 में ग्रेजुएट हुईं. इसी के साथ ऐसा करने वाली वो यूरोप की पहली महिला इंजीनियर बनीं.

- अपनी शिक्षा और करियर के दौरान कदम-कदम पर लिंगभेद झेलने वाली एलीसा ज़ामफिरेस्कू जनरल असोसिएशन ऑफ रोमानियन इंजीनियर्स की पहली महिला सदस्य बनीं. उन्होंने रोमानिया के जियोलॉजिकल इंस्टीट्यूट के लिए कई प्रयोगशालाओं का नेतृत्व किया.

- इंडिपेंडेंट की खबर के अनुसार, ज़ामफिरेस्कू ने चार दशकों तक इस क्षेत्र में काम किया. वो 75 साल की होने तक काम करती रहीं.

- उन्होंने बतौर एक केमिकल इंजीनियर अशस्त्रीकरण की दिशा में भी कदम उठाए. उन्होंने न्यूक्लियर खतरे की ओर ध्यान दिलाते हुए लंदन की डिसआर्ममेंट कमिटी के पास शिकायत दर्ज कराई थी.

- उनके देश में उनका काफी सम्मान किया जाता है. 1993 में उसी बुखारेस्ट शहर में उनके नाम पर एक सड़क का नाम रखा गया, जहां कभी उन्हें एडमिशन नहीं मिला था.

- इतना ही नहीं 1997 में उनके नाम पर तकनीकी और विज्ञान की दुनिया में योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित करने के लिए 'Premiul Elisa Leonida-Zamfirescu' अवॉर्ड शुरू किया गया.

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