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कमलादेवी चट्टोपाध्याय पर गूगल का डूडल, जानिए क्यों किया गया याद

गूगल ने मंगलवार को डूडल बना कर स्वतंत्रता सेनानी और सामाजिक कार्यकर्ता कमादेवी चट्टोपाध्याय को उनकी 115वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी है

Updated On: Apr 03, 2018 09:46 AM IST

FP Staff

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कमलादेवी चट्टोपाध्याय पर गूगल का डूडल, जानिए क्यों किया गया याद

गूगल ने मंगलवार को कमलादेवी चट्टोपाध्याय की 115वीं जयंती पर उनके कामों को दर्शाते हुए डूडल बना कर श्रद्धांजलि दी. कमलादेवी चट्टोपाध्याय एक स्वतंत्रता सेनानी, सामाजिक कार्यकर्ता, अभिनेत्री, नेत्री, कला प्रेमी और खुले विचारों वाली महिला थीं. आजादी के आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी को लेकर महात्मा गांधी को उन्होंने मनाया था और इसके बाद आजादी के आंदोलनों में महिलाओं ने भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया.

चट्टोपाध्याय का जन्म 3 अप्रैल 1903 को कर्नाटक के मैंगलोर शहर में हुआ था. वे पहली महिला थी जिन्होंने महिलाओं के अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता, पर्यावरण के लिए न्याय, राजनीतिक स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों संबंधित गतिविधियों के लिए प्रस्ताव रखा था.

चट्टोपाध्याय भारत के हस्तशिल्प, हथकरघा और थियेटर की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध थी. उन्होंने भारतीय नृत्य, नाटक, कला, कठपुतली, संगीत और हस्तशिल्प को संग्रह, रक्षा, और बढ़ावा देने के लिए कई राष्ट्रीय संस्थानों को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाईं थीं.

उन्हें नई दिल्ली स्थित प्रसिद्ध थिएटर इंस्टीट्यूट नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, संगीत नाटक अकादमी, सेंट्रल कॉटेज इंडस्ट्रीज एम्पोरियम, और क्राफ्ट काउंसिल ऑफ इंडिया के स्थापना कराने में अग्रणी भूमिका के लिए भी याद किया जाता है.

आज के गूगल डूडल में वो उन चीजों सी घिरी हुई नजर आ रही हैं जिनके संरक्षण और बढ़ावा देने के लिए उन्होंने काम किया. डूडल में वो भांगड़ा, सितार, सारंगी, कत्थक नृत्य, छौ नृत्य, कढ़ाई, टोकरी बुनाई और कठपुतलियों के बीच नजर आ रही हैं. इस डूडल को फिनलैंड में रह रही भारतीय कलाकार पार्वती पिल्लई ने बनाया है.

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