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लव जिहाद के नाम पर हिंसा के लिए भड़का रहा फेसबुक पेज डिलीट

लव जिहाद के नाम पर 100 से ज्यादा लोगों के शिकार की खुली धमकी देने वाले पेज 'हिंदुत्व वार्ता' को कंपनी ने डिलीट कर दिया है.

FP Staff Updated On: Feb 06, 2018 05:02 PM IST

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लव जिहाद के नाम पर हिंसा के लिए भड़का रहा फेसबुक पेज डिलीट

सोशल मीडिया पर कथित लव जिहाद के नाम पर 100 से ज्यादा लोगों के शिकार की खुली धमकी देने वाले पेज 'हिंदुत्व वार्ता' को रविवार को डिलीट कर दिया गया है. हिंदुत्व वार्ता नाम के फेसबुक पेज से 28 जनवरी को डाली गई पोस्ट में एक लिस्ट जारी की गई थी. जिसमें 102 लोगों के नाम उनकी प्रोफाइल की लिंक के साथ दिए गए थे. इस पोस्ट के अनुसार यह उन लड़कों की सूची थी जो हिंदू लड़कियों के साथ कथित लव जिहाद में संलिप्त हैं. साथ ही इस पोस्ट की लिस्ट में मौजूद मुस्लिम लड़कों के शिकार की भी बात की गई है.

बीबीसी हिंदी की खबर के मुताबिक 'हिंदुत्व वार्ता' की पोस्ट में कहा गया है कि 'हर हिंदू शेर से आग्रह है, इनमें (लिस्ट में) जो लड़के हैं, उनको खोजकर शिकार करें'. खबर के मुताबिक हिंदुत्व वार्ता ने यह लिस्ट लोगों के रिलेशनशिप स्टेटस में दी गई जानकारी के आधार पर बनाई है.

लगभग एक हफ्ते तक पेज पर रहने के बाद सोशल मीडिया पर उपजे आक्रोश के कारण इस पेज को डिलीट कर दिया गया है. एएलटी न्यूज के मुताबिक ऐसी ही एक लिस्ट पिछले साल नवंबर महीने में भी आई थी. लेकिन उस लिस्ट में नामों के साथ प्रोफाइल की लिंक नहीं थी. हिंदुत्व वार्ता की लिस्ट में नामों के साथ प्रोफाइल की लिंक भी दी गई थी. जिसके साथ हिंसा की अपील इसे और खतरनाक बना देती है. एएलटी न्यूज के मुताबिक इस पेज की प्रोफाइल पर बंदूक की फोटो लगी है और वह हिंदू लड़कों से सरेआम हिंसा की बात कर रहा है.

हिंदुत्व वार्ता पहले भी कर चुका है सांप्रदायिक पोस्ट

एएलटी न्यूज के मुताबिक हिंदुत्व वार्ता नाम के इसी पेज ने पहले भी एक पोस्ट जारी किया था. जिसमें अपील की गई थी कि हिंदू अपनी लड़कियों को हथियार चलाना सिखाएं ताकि वो लव जिहाद से खुद की रक्षा कर सकें. उस समय हिंदुत्व वार्ता ने कहा था 'घर पर बहन बेटियों को स्कूटी चलाना सिखाएं या ना सिखाएं, गोली चलाना जरूर सिखाएं. जिहाद का सबसे पहला नुकसान, हिंदू स्त्रियों को ही उठाना पड़ता है.'

भड़काऊ भाषण और हिंसक पोस्ट का नया जरिया बन गया है फेसबुक

दरअसल फेसबुक के जरिए इन दिनों कुछ असमाजिक तत्व सांप्रदायिक मुद्दो पर हिंसक पोस्ट कर रहे हैं. इस संबंध में जब टाइम्स ऑफ इंडिया ने फेसबुक के प्रवक्ता से बात की तो उन्होंने कहा 'हमारे पास ऐसी कई नीतियां हैं जो भड़काऊ भाषण, और हिंसक पोस्ट को रोकती हैं. जैसे ही हमें इसकी जानकारी मिलती है वैसे ही हम उस कंटेंट को हटा दते हैं.'

रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक ने मई 2017 में अपनी टीम को बढ़ाते हुए 3,000 नए लोगों को जोड़ा है. जो हिंसक, भड़काऊ और रिपोर्ट की गई सामग्री पर मैनुअली कार्यवाही करते हैं.

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