विधानसभा चुनाव | गुजरात | हिमाचल प्रदेश
S M L

फीमेल हो या मेल, ऐड में ऑब्जेक्टिफाई करना कितना सही है?

एक सूट बनाने वाली कंपनी ने विमेन सूट का ऐड बनाया जिसपर महिलाओं ने ही सेक्सिस्ट होने का आरोप लगाया है

Nidhi Nidhi Updated On: Oct 16, 2017 05:44 PM IST

0
फीमेल हो या मेल, ऐड में ऑब्जेक्टिफाई करना कितना सही है?

महिलाओं को ऑब्जेक्टिफाई होना पसंद नहीं है तो उन्हें खुद के द्वारा पुरुषों को ऑब्जेक्टिफाई करके देखना भी पसंद नहीं है. ये बात लड़कियों ने तब साबित किया जब डच की एक सूट बनाने वाली कंपनी ने विमेन सूट का ऐड बनाया जिसपर महिलाओं ने खुद सेक्सिस्ट होने का आरोप लगाया है.

दरअसल एक डच कंपनी ने विमेन सूट का ऐड बनाया है और इस ऐड में औरतों को सूट में दिखाया गया है लेकिन उनके साथ पोस्टर में जो पुरुष हैं उन्हें बिना कपड़े के दिखाया गया. साथ ही इस विज्ञापन में दिख रही मॉडल को मेल मॉडल के ऊपर हावी होते हुए दिखाया गया है. जिस अंदाज से इसे दिखाने की कोशिश की गई है, उस जगह पर किसी महिला या पुरुष किसी का भी होना नामंजूर ही है.

सेक्सिज्म किसी भी तरह से गलत है

महिलाएं सालों से समाज में हो रहे दोहरेपन और अपने साथ हो रहे भेदभाव के खिलाफ लड़ रही हैं. उनकी लड़ाई धीरे-धीरे ही सही लेकिन सफल होती भी दिख रही है. जब पढ़ाई, बिजनेस, खेल से लेकर लड़ाई तक में कहीं भी मौका मिलने पर वो पीछे नहीं दिख रही हैं. पुरुषों की बराबरी में चलने का मतलब पुरुषों से कोई होड़ नहीं बल्कि दुनिया में बराबरी के अधिकार की लड़ाई है. ये चाहे पुरुष द्वारा महिलाओं के शोषण की बात हो या महिलाओं द्वारा पुरुषों के शोषण की दोनों ही बातें अपनी जगह उतने ही गलत हैं.

वहीं हिंदुस्तान टाइम्स से हुई बातचीत में कंपनी की वाइस प्रेसिडेंट क्रिस्टिना इस ऐड के सेक्सिस्ट होने से साफ़ इनकार किया है. उनका मानना है, ‘हम बिना कपड़ों के पुरुष को पसंद करते हैं और मैं यकीन है और भी बहुत सी महिलाओं को होगा. लेकिन ये जैसे ही किसी तस्वीर में दिखाया गया ये ऑब्जेक्ट हो गया.’

लेकिन क्रिस्टिना की सोच के ठीक उलट सोशल मीडिया पर इस ऐड को काफी क्रीटीसाइज़ किया जा रहा है.

फेमिनिस्ट इन्फो नाम के एक फेसबुक पेज इस ऐड को शेयर किया है, जहां कई सारी महिलाओं के कमेन्ट आए हैं. महिलाओं ने लिखा है, 'हम बराबरी के अधिकार के लिए लड़ रहे हैं न कि किसीको दबाने के लिए.'

डच कंपनी पर पहले भी सेक्सिस्ट ऐड बनाने के आरोप लगे हैं

साल 2014 में भी एक सूट बनाने वाली डच कंपनी ने मेल सूट का ऐड बनाया था. उस ऐड पर भी सेक्सिस्ट होने के आरोप लगे थे. उस ऐड में ठीक इससे अलग मेल मॉडल को कपड़े में दिखाया गया था और फीमेल मॉडल्स को बिकनी में.

विज्ञापनों में ऐसा पहली बार ही है जब मेल को इस तरह दिखाया गया हो, वर्ना आजतक मेल के यूज में आने वाले हर प्रोडक्ट के ऐड में फीमेल का  ऑब्जेक्टिफाई होना आम बात ही है. इससे पहले महिलाओं को ऑपोजिट दिखा कर जितने भी विज्ञापन बनाए गए उनका विरोध कभी पुरुषों द्वारा नहीं किया गया, लेकिन अच्छी बात यही है कि इस ऐड पर महिलाओं ने ही सेक्सिस्ट होने का आरोप लगाया है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi