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यूपी बीजेपी के जवां नेताओं में दम नहीं: बालियान

संघ और बीजेपी यूपी में ऐसे नेता नहीं ढूंढ सके जो हर जगह अपना प्रभाव रखते हों.

Updated On: Nov 22, 2016 12:08 PM IST

Amitesh Amitesh

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यूपी बीजेपी के जवां नेताओं में दम नहीं: बालियान

केंद्रीय राज्य मंत्री और उत्तर प्रदेश में बीजेपी की नई पीढ़ी के सबसे बड़े नेताओं में से एक संजीव बालियान का कहना है कि उनकी पार्टी के नए नेता राजनाथ, कल्याण जैसे प्रभावी नहीं हैं.

फर्स्टपोस्ट हिंदी से बातचीत के दौरान बालियान ने कहा

‘इतने बड़े प्रदेश में 75 जिले हैं, 80 लोकसभा सीटें हैं. इतना बडा प्रदेश है तो मुश्किल तो है लेकिन कई चेहरे भी हैं. हमारे यहां कलराज मिश्र हैं, राजनाथ सिंह हैं, कल्याण सिंह तो अब गवर्नर हैं. ठीक है, नए नेता अब इतने प्रभावी नहीं हैं उत्तरप्रदेश में लेकिन पुराने लीडर्स हैं हमारे यहां.’

बीजेपी यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है लेकिन नेता अब तक नहीं चुना जा सका है.

संघ और बीजेपी सब मिलकर भी इतने बड़े प्रदेश में कोई ऐसा नेता नहीं ढूंढ सके जो गाजीपुर से लेकर गाजियाबाद तक हर जगह अपना प्रभाव रखते हों.

राम मंदिर आंदोलन के दौरान बीजेपी को कल्याण सिंह जैसा नेता भी मिले थे. लेकिन अब बुजुर्ग कल्याण सिंह सक्रिय राजनीति से अलग हो गए हैं.

गृहमंत्री राजनाथ सिंह और कलराज मिश्र जैसे लोगों को आगे कर पार्टी जोखिम नहीं लेना चाहती. ऐसे में पार्टी के सामने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चेहरे को ही आगे कर मैदान में उतरने के सिवाय कोई दूसरा विकल्प नहीं है.

संजीव बालियान की बात से साफ है कि यूपी में बीजेपी मोदी के भरोसे ही है.

यूपी में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर अपनी दावेदारी के सवाल को युवा नेता संजीव बालियान ने सिरे से खारिज करते हुए कहा ‘मैं खुश हूं, मैं पहली बार सांसद बना हूं. बहुत जूनियर हूं अभी... और पहली बार सांसद बनने के बाद मंत्री बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. कितने लोगों को ऐसा सौभाग्य मिलता है.’

हालांकि बिना चेहरे के भी यूपी में बीजेपी की संभावना पर संजीव बालियान को बड़ा भरोसा है. बालियान का कहना है कि यूपी में बीजेपी सरकार बनाएगी. इसमें कोई शक नहीं की बीजेपी यूपी में नंबर वन है.

Amit Shah

चुनाव में ध्रुवीकरण की कोशिश

एक बार फिर से बीएसपी की तरफ से बीजेपी के ऊपर माहौल खराब करने का आरोप लग रहा है. मुजफ्फरनगर दंगे के वक्त संजीव बालियान समेत बीजेपी के कई नेताओं के ऊपर आरोप लगे थे. सियासत भी खूब हुई थी.

बीजेपी सांसद हुकुम सिंह की तरफ से कैराना का मुद्दा उठाया गया था. सांसद का आरोप था कि वहां से हिंदू पलायन पर मजबूर हैं. सियासत इस पर भी हुई थी.

बालियान के मुताबिक, यूपी में पिछले साढ़े चार साल में एकतरफा कार्रवाई की गई. हर अपराधी को धर्म और जाति के चश्मे से देखा गया. उससे लोगों में गुस्सा है. बालियान के हिसाब से पश्चिमी यूपी की ये सबसे बड़ी समस्या है .

Muzaffarnagar

मुजफ्फरगनर में माहौल खराब करने के आरोपों को बालियान सिरे से खारिज करते हैं. बालियान का कहना है,

'देखिए अगर एक हत्या हो जाती है और हत्यारे थाने से छोड़ दिए जाते हैं और जब ये साबित हो जाता है कि एसपी नेता आजम खान के कहने पर इन्हें छोड़ दिया जाता है तो उस समय ये मेरा धर्म था और फर्ज भी था कि मैं उनके साथ खड़ा रहूं, जिनके बच्चों की हत्या हुई है. अगर हत्यारे थाने से ही छोड़ गए तो सरकार के खिलाफ खड़े होना पड़ेगा. सरकार के खिलाफ खड़े होने का एक ही तरीका है कि लोगों को इकट्ठा करेंगे और सड़कों पर आएंगे. दूसरा कोई तरीका तो मुझे नहीं दिख रहा.’

बालियान ने कैराना से हिंदुओं के पलायन के मुद्दे पर ध्रुवीकरण की कोशिश से इनकार किया है. लेकिन साफ कहा कि इस वक्त यूपी में एक नहीं कई कैराना हैं, जहां से पलायन हो रहा है.

कैराना के मसले पर सरकारी कार्रवाई में ढील

बालियान का कहना है ‘कैराना पर आप खुद रिपोर्ट ले लीजिए. अपराधी किस समुदाय से थे और उन्हें किसने संरक्षण दिया. इस सरकार में कार्रवाई के चश्में अलग-अलग हैं. एक समुदाय के खिलाफ कार्रवाई होगी, एक के खिलाफ नहीं होगी. समाजवादी सरकार ने आम जनता को जाति-समुदाय में बांट दिया है. जिसके आधार पर कार्रवाई होती है.’

बातचीत में बालियान ने साफ कर दिया कि कैराना जैसे मुद्दे का अगले चुनाव में फायदा मिलेगा.

बालियान कहते हैं ‘निश्चित रूप से इसका फायदा मिलेगा, क्योंकि कानून व्यवस्था उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा प्रश्न है. इसको ठीक कैसे किया जाए. जिले और थाने बिक रहे हैं यूपी में. सारी फोर्स उगाही में लगी है. अपराधियों को संरक्षण है एसपी का. बीजेपी ही इसे ठीक कर सकती है, क्योंकि एसपी और बीएसपी का काम तो जेब भरना है. केवल बीजेपी राष्ट्र की सोचती है.’

सर्जिकल स्ट्राइक पर टिकी है आस

संजीव बालियान मानते हैं सर्जिकल स्ट्राइक का फायदा यूपी में जरूर मिलेगा. बालियान के मुताबिक सर्जिकल स्ट्राइक का श्रेय प्रधानमंत्री को मिलना चाहिए.

निश्चित रूप से इससे मजबूती आएगी पार्टी को. इससे प्रधानमंत्री की छवि मजबूत हुई है, सेना की छवि मजबूत हुई है, भारत एक मजबूत राष्ट्र के रूप में उभरा है. निश्चित रूप से जब बुराई हमें मिल रही है तो श्रेय भी हमें मिलना चाहिए.

बीजेपी सर्जिकल स्ट्राइक के मुद्दे के सहारे राष्ट्रवाद को हवा दे रही है. पार्टी को लगता है युवा पीढ़ी राष्ट्रवाद के मुद्दे पर उसका साथ देगी.

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