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BJP की डर्टी ट्रिक्स, तेज हुई सरकार गिराने की कोशिश: कुमारस्वामी

कांग्रेस के ताकतवर मंत्री डीके शिवकुमार और उनके भाई डीके सुरेश के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की जांच शुरू हो गई है

Updated On: Sep 08, 2018 05:30 PM IST

FP Staff

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BJP की डर्टी ट्रिक्स, तेज हुई सरकार गिराने की कोशिश: कुमारस्वामी
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कर्नाटक में अचानक ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. अटकलें लगाई जा रही है कि कांग्रेस-जेडीएस के गठबंधन वाली सरकार को गिराने के लिए बीजेपी ने कोशिशें तेज़ कर दी है. ये अटकलें इसलिए भी लगाई जा रही हैं क्योंकि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भाग लेने आए कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा शनिवार सुबह अचानक ही दिल्ली से बेंगलुरु लौट गए.

इस बीच येदियुरप्पा ने साफ किया है कि वो किसी परिवारिक इमरजेंसी के चलते अचानक ही दिल्ली से बेंगलुरु लौटे हैं, इसका प्रदेश की राजनीति से कोई लेना देना नहीं है. दरअसल कांग्रेस विधायक लक्ष्मी हेबालकर और बेलगाम जिले के ताकतवर जर्खिहोली भाइयों के बीच विवाद ने गठबंधन सरकार को मुश्किल में डाल दिया है. ऐसे में बीजेपी को नए समीकरण तलाशने का मौका मिल गया है.

बीजेपी राजनीतिक हालात का फायदा उठाना चाहेगी

पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टर ने कहा है कि निश्चित रूप से बीजेपी मौजूदा राजनीतिक हालात का फायदा उठाना चाहेगी. सत्तारूढ़ गठबंधन की परेशानियां यही खत्म नहीं होती. कांग्रेस के ताकतवर मंत्री डीके शिवकुमार और उनके भाई डीके सुरेश के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की जांच शुरू हो गई है. डीके सुरेश कांग्रेस के सांसद हैं.

इन दोनों भाइयों ने शनिवार को न्यूज़ 18 को बताया कि सत्ता के लिए बीजेपी बेताब है, ऐसे में वो उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के केस में फंसाना चाहती है. डीके शिवकुमार ने कहा, 'बीजेपी ईडी और आयकर विभागों का इस्तेमाल कर हमें परेशान कर रही है. वे सोचते हैं कि हमें फंसाकर वो सरकार गिरा देंगे. लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा. हम लड़ेंगे और सरकार सुरक्षित रहेगी.'

न्यूज़ 18 से बातचीत में मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि उन्हें बीजेपी की डर्टी ट्रिक्स के बारे में पता है. उन्होंने कहा, 'हमने हाल ही में शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है. कांग्रेस और जेडीएस ने 60% से ज्यादा सीटें जीती हैं और 53% से ज्यादा वोट मिले हैं. बीजेपी अब शहरी इलाकों में मजबूत नहीं है. अगर हम सत्ता में बने रहे तो अगले साल लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी की हार होगी. यही कारण है कि वे पुरानी रणनीति पर वापस आ गए हैं, लेकिन हम एक बार फिर से लड़ने के लिए तैयार हैं.'

क्या है आंकड़ों का खेल?

कर्नाटक विधानसभा कुल सदस्य- 224 (दो सीटें खाली) सरकार के पास मौजूदा सीटें: 118 (कांग्रेस-79, JDS-36, BSP-1, निर्दलीय- 1) बीजेपी- 104

(न्यूज18 के लिए डीपी सतीश की रिपोर्ट)

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