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'नफरत की राजनीति' को मिटाने के लिए तैयार हो जाएं कार्यकर्ता: राहुल

राहुल ने कहा कांग्रेस पार्टी देश को 21वीं सदी में लेकर आई है लेकिन प्रधानमंत्री मोदी आज देश को मध्यकालीन युग में लेकर जा रहे हैं

Updated On: Dec 16, 2017 01:27 PM IST

FP Staff

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'नफरत की राजनीति' को मिटाने के लिए तैयार हो जाएं कार्यकर्ता: राहुल

राहुल गांधी की कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष के तौर पर शनिवार को ताजपोशी हो गई है. कांग्रेस हेडक्वार्टर में आयोजित कार्यक्रम में राहुल अपने सामान्य परिधान सफेद कुर्ता पाजामा और काली जैकेट में पहुंचे थे. वहां मंच पर उन्हें कांग्रेस के निर्वाचन अधिकारी एन रामचंद्रन द्वारा अध्यक्ष पद पर निर्वाचित होने का प्रमाणपत्र सौंपा गया.

इसके बाद राहुल गांधी ने बतौर कांग्रेस अध्यक्ष दिए अपने पहले भाषण में जोशीले अंदाज में कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता तैयार रहें. मैं उन्हें भरोसा देता हूं कि उनकी आवाज देशभर में सुनी जाएगी.

राहुल ने कहा 'हम कांग्रेस को फिर से प्रभावशाली और युवा पार्टी बनाएंगे. बीजेपी आग लगाती है और कांग्रेस आग बुझाती है. बीजेपी तोड़ती है लेकिन कांग्रेस जोड़ने में यकीन रखती है.'

उन्होंने कहा 'कार्यकर्ताओं को भड़काऊ राजनीति से लड़नी होगी. जिस तरह की राजनीति बीजेपी कर रही है, उसे अगर कोई रोक सकता है तो वो हैं कांग्रेस के प्यारे कार्यकर्ता और नेता.'

बीजेपी की सरकार हिंसा की राजनीति कर रही है 

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा 'जब से बीजेपी की सरकाई है देश भर में हिंसा की राजनीति हो रही है. विरोध की आवाज को दबा दिया जा रहा है. गरीबों के हित की बात करने पर आज दबाया जाता है.'

उन्होंने कहा 'एक बार अगर अाग लग जाती है तो उसे रोकना मुश्किल होता है. ऐसे में बीजेपी को हर हाल में रोकना होगा. ताकि देश को नफरत की आग से बचाया जा सके. आज राजनीति लोगों की भलाई के काम में नहीं हो रही है बल्कि उन्हें दबाने के लिए की जा रही है.'

कांग्रेस पार्टी देश को 21वीं सदी में लेकर आई है लेकिन प्रधानमंत्री मोदी आज देश को मध्यकालीन युग में लेकर जा रहे हैं.

चुनौतियों से लड़कर इस जगह पहुंचे हैं राहुल गांधी 

इससे पहले, सोनिया गांधी ने भाषण देते हुए कहा कि 'हम झुकेंगे नहीं और न ही डरेंगे. आज कांग्रेस के लिए चिंतन का वक्त है. आज जैसी चुनौती देश के सामने कभी नहीं आई. संवैधानिक संस्थाओं पर हमले किए जा रहे हैं.'

Rahul-Sonia

(फोटो: पीटीआई)

सोनिया गांधी ने कहा कि 'वर्ष 2014 के बाद से देश के सामने अप्रत्याशित चुनौतियां हैं और भय का माहौल है लेकिन हम इससे भयभीत नहीं हो रहे हैं. ये नैतिक लड़ाई है. कांग्रेस को आत्मावलोकन करना चाहिए और देश के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए जरूरत पड़े तो बलिदान देना चाहिए.'

उन्होंने कहा कि मेरे बेटे राहुल पर हुए व्यक्तिगत हमलों ने उन्हें निर्भीक व्यक्ति बना दिया. मुझे पूरा विश्वास है कि वह पूरे साहस के साथ पार्टी का नेतृत्व करेंगे. पार्टी को एकजुट रखने के लिए मैंने बड़ी लड़ाई लड़ी है.

इंदिरा की हत्या के बाद लगा मेरी मां छिन गई 

सोनिया ने कहा कि 'कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बनते वक्त मैं डरी हुई थी. इंदिरा जी और राजीव का बलिदान व्यर्थ न जाए, इसलिए राजनीति में आई. देश के प्रति अपने कर्तव्य को समझते हुए मैंने राजनीति में आने का निर्णय किया.

इंदिरा गांधी को याद करते हुए सोनिया ने कहा कि 'उन्होंने मुझे अपनी बेटी की तरह स्वीकार किया. मुझे भारत के संस्कार सिखाए. उन ऊसूलों के बारे में सीखा जिन ऊसूलों पर देश की नींव डाली गई हैं. जब इंदिरा जी की हत्या हुई, मुझे लगा मेरी मां छिन गई.'

कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, मोतीलाल वोरा, मधुसूदन मिस्त्री सहित कांग्रेस के कई बड़े नेता मंच पर मौजूद रहे.

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