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कोई FIR नहीं फिर मेरे खिलाफ क्यों चल रही जांच: चिदंबरम

ईडी ने चिदंबरम से करीब 2 घंटे तक पूछताछ की, जिसके बाद उन्होंने कहा कि उनपर कोई आरोप नहीं है फिर भी जांच चल रही है

Updated On: Jun 05, 2018 10:49 PM IST

FP Staff

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कोई FIR नहीं फिर मेरे खिलाफ क्यों चल रही जांच: चिदंबरम

एयरसेल-मैक्सिस मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से दो घंटे से अधिक पूछताछ की. यह पहला मौका है जब वरिष्ठ कांग्रेसी नेता प्रवर्तन निदेशालय के सामने पूछताछ के लिये पेश हुए.

पूछताछ के बाद चिदंबरम ने कहा कि उनके खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं है और न ही किसी अपराध का आरोप है फिर भी जांच हो रही है. पूछताछ के बाद चिदंबरम ने बताया कि ईडी को मैंने जितने उत्तर दिए वे सभी एयरसेल-मैक्सिस सौदा से जुड़े सरकारी दस्तावेजों में पहले से दर्ज हैं.

यूपीए शासन काल में वित्त एवं गृह मंत्री रहे चिदंबरम मंगलवार सुबह 10.58 बजे एजेंसी मुख्यालय पहुंचे. उनके साथ एक वकील भी थे. हालांकि, इस दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एजेंसी मुख्यालय परिसर के आसपास पुलिस और सीआरपीएफ जवानों का पहरा लगा हुआ था.

अधिकारियों ने बताया कि दो घंटे से अधिक की पूछताछ के बाद चिदंबरम को डेढ़ बजे के आसपास लंच के लिये जाने की अनुमति दी गई. इसके बाद दोपहर तीन बजे दोबारा ईडी दफ्तर पहुंचे. ईडी के अधिकारियों ने शाम पौने सात बजे तक उनसे सवाल किए.

पूछताछ से नाराज चिदंबरम

पूछताछ के बाद चिदंबरम ने ट्वीट किया, प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश हुआ. जो प्रश्न पूछे गए वो पहले से ही वे सभी एयरसेल - मैक्सिस सौदा से जुड़े सरकारी दस्तावेजों में पहले से दर्ज हैं. इसलिए उत्तर भी वही थे जो पहले से फाइल में दर्ज हैं. दोहराने की जरूरत है कि कोई एफआईआर नहीं है, कोई अपराध नहीं है, फिर भी एक जांच है. पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि छह घंटे की पूछताछ के दौरान आधे से अधिक समय गलतियों के बिना जवाब टाइप करने पढ़ने और हस्ताक्षर करने में लिया गया.

ईडी ने सोमवार को ही चिदंबरम को जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए नया समन भेजा था. एजेंसी मनी लॉन्ड्रिंग रोधी कानून (पीएमएलए) के तहत चिदंबरम का बयान रिकार्ड कर रही है. एयरसेल - मैक्सिस सौदे में चिदंबरम की भूमिका जांच के घेरे में आई है. इस मामले में ईडी उनके पुत्र कार्ति से पहले ही पूछताछ कर चुका है.

चिदंबरम ने इससे पहले पिछले सप्ताह विशेष सुनवाई अदालत के न्यायधीश ओ पी सैनी की अदालत में गिरफ्तारी की कार्रवाई से बचने के लिये अग्रिम अर्जी दाखिल की थी. अदालत ने मंगलवार को ही एक आदेश में ईडी को 10 जुलाई तक चिदंबरम को गिरफ्तारी और उनके खिलाफ किसी तरह की उत्पीड़क कारवाई से रोक दिया है.

ईडी ने इससे पहलें चिदंबरम को 30 मई को उसके समक्ष पेश होने को कहा था. चिदंबरम ने उसी दिन अदालत का दरवाजा खटाखटाया था. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि चिदंबरम ने ईडी द्वारा जारी समन का अनुपालन करने का वायदा किया है.

एयरसेल - मैक्सिस मामला विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड द्वारा मैसर्स ग्लोबल कम्युनिकेशंस होल्डिंग्स सविर्सिज लिमिटेड 2006 को एयरसेल में निवेश की अनुमति दिये जाने से जुड़ा है. सुप्रीम कोर्ट ने बीते 12 मार्च को सीबीआई और ईडी को निर्देश दिया कि एयरटेल मैक्सिस समेत 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन से जुड़े मामलों की जांच छह माह में पूरी की जाए.

ईडी यह जांच कर रहा है कि उपरोक्त मामले में 2006 में तत्कालीन वित्त मंत्री ने 3500 करोड़ रुपए के विदेशी निवेश के प्रस्ताव को अनुमति कैसे दी जबकि इतने बड़े स्तर के प्रस्ताव के लिए मंजूरी मंत्रिमंडल के आर्थिक मामलों की समिति से ली जानी चाहिए थी. एजेंसी का कहना है कि इस प्रस्ताव में दिखाया गया तथा कि एफडीआई 180 करोड़ रुपए का होगा ताकि उसको मंत्रिमंडल की उस समिति के सामने ले जाने की जरूरत न हो.

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