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विपक्ष के वॉकआउट करने के कारण राज्यसभा गुरुवार तक के लिए स्थगित

संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत हंगामेदार रही है. बुधवार को भी सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष का हंगामा शुरू हो गया

FP Staff Updated On: Dec 20, 2017 02:55 PM IST

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विपक्ष के वॉकआउट करने के कारण राज्यसभा गुरुवार तक के लिए स्थगित

विपक्ष के वॉक आउट करने के कारण राज्य सभा को गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया है. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का नाम पाकिस्तान के साथ जोड़ने के कारण पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया था.

संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत हंगामेदार रही है. बुधवार को भी सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष का हंगामा शुरू हो गया. जिसके चलते राज्यसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई. कांग्रेस सदस्यों ने एक बार फिर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ कथित टिप्पणी का मुद्दा उठाया. पीएम मोदी की पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के खिलाफ टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस सदस्यों ने अध्यक्ष के आसन के समीप आकर नारेबाजी की. 12 बजे के बाद राज्यसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई लेकिन विपक्ष के हंगामे की वजह से ये दोबारा 2 बजे तक के लिए स्थगित हो गई.

इससे पहले शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन भी लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित टिप्पणी का मुद्दा था. इस मुद्दे पर कांग्रेस सदस्यों के भारी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही मंगलवार को भी 11 बजकर 35 मिनट पर दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी. वहीं वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस मुद्दे पर विपक्ष से मुलाकात भी की थी. उन्होंने हंगामे के बाद विपक्ष के नेताओं के साथ बैठक की थी.

सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने आवश्यक दस्तावेज पटल पर रखवाए. इसके बाद उन्होंने जैसे ही शून्यकाल शुरू करने को कहा. उन्होंने कहा कि ये कोई तरीका नहीं. कोई भी माफी नहीं मांगेगा. सदन में कुछ नहीं हुआ है. बयान यहां नहीं दिया गया था.

कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, रिपुन बोरा और रजनी पाटिल सहित कुछ सदस्यों ने कहा कि उन्होंने कामकाज स्थगित करने के लिए नियम 267 के तहत नोटिस दिया है. इन सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ की गई कथित टिप्पणी का मुद्दा उठाया और कहा कि प्रधानमंत्री को सदन में आ कर माफी मांगनी चाहिए. कुछ सदस्य अपनी मांग के पक्ष में नारे लगाते हुए आसन के समक्ष आ गए.

नायडू ने इन सदस्यों से अपने स्थानों पर लौट जाने और सदन की कार्यवाही चलने देने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा, ‘आपका यह आचरण उचित नहीं है. जो आप कर रहे हैं वह देश के लिए, लोकतंत्र के लिए और सदन के लिए अच्छा नहीं है. यह संसद है और जो आप कर रहे हैं वह पूरा देश देख रहा है.’’

उन्होंने कहा कि उन्हें नियम 267 के तहत नोटिस मिले हैं लेकिन उन्होंने वे नोटिस स्वीकार नहीं किए हैं. उन्होंने हंगामा कर रहे सदस्यों से कार्यवाही बाधित न करने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा. ‘‘यह तरीका नहीं है. यह संसद है. लोगों के बीच गलत संदेश जाएगा. अपनी सीमा पार न करें और अपने स्थानों पर लौट जाएं.’’

सभापति ने यह भी कहा कि विभिन्न राज्यों के महत्वपूर्ण मुद्दे शून्यकाल के तहत उठाए जाने हैं. उन्होंने हंगामा कर रहे सदस्यों से पूछा ‘‘क्या आपके लिए मुद्दे महत्वपूर्ण नहीं हैं ?’’

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