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क्यों पीएम मोदी को बार-बार याद आए अटल बिहारी

बुधवार को दोनों सदनों में भाषण के दौरान पीएम मोदी ने कई बार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया

Arun Tiwari Arun Tiwari Updated On: Feb 07, 2018 10:57 PM IST

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क्यों पीएम मोदी को बार-बार याद आए अटल बिहारी

बुधवार को जैसे ही पीएम मोदी लोकसभा में बोलने के लिए खड़े हुए तो कांग्रेसी सांसदों ने हंगामा मचाना शुरू कर दिया. पीएम कांग्रेसी सांसदों के इस हो हल्ले को देखकर अनमने से दिख रहे थे. उसके बाद तकरीबन डेढ़ घंटे के भाषण में एक-एक करके उन्होंने कांग्रेसी राजनीतिक इतिहास की खूब बखिया उधेड़ीं. उन्होंने अपनी सरकार में किए गए विकास कार्य का ब्योरा देते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. लेकिन अपने पूरे मूड में दिख रहे पीएम के इस भाषण की सबसे खास बात रही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को कई बार याद किया जाना.

विपक्ष द्वारा आंध्र प्रदेश की बात उठाने पर पीएम ने सीधे विपक्ष पर ही प्रहार किया उन्होंने कहा आंध्र और तेलंगाना के लोग कांग्रेस की जल्दबाजी की सजा भुगत रहे हैं. उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार को याद करते हुए कहा कि राज्यों का बंटवारा हमने भी किया था ( उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और झारखंड ) लेकिन आज वहां विवाद की स्थिति नहीं है. इसके लिए उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की प्रशंसा की.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा किए गए एक बंटवारे की सजा देश आजतक भुगत रहा है. पीएम ने कहा, आजादी के 70 साल बाद भी एक दिन भी ऐसा नहीं जाता है जब उसकी सजा सवा सौ करोड़ देशवासियों को नहीं भुगतनी पड़ती है. कांग्रेस ने चुनाव में लाभ के लिए आंध्र प्रदेश को तोड़ा है.

इसके बाद पीएम मोदी ने वाजपेयी की पंक्तियों के माध्‍यम से कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा,'छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता, टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता.' इसके साथ ही उन्‍होंने कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के भाषण का उल्‍लेख करते हुए कहा कि आपने मंगलवार को अपने भाषण में मशहूर शायर बशीर बद्र की एक शायरी को पढ़ा. लेकिन आपने सुविधानुसार उसके बाद की बशीर साहब की लाइनों को नहीं पढ़ा. लीजिए आपने जहां इसको छोड़ा था, उसके आगे की लाइनें मैं आपको सुनाता हूं. उसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने बशीर बद्र की उन लाइनों को पढ़ा, 'जी चाहता है कि सच बोलें, जी बहुत चाहता है कि सच बोलें, क्‍या करें हौसला नहीं होता.'

यही नहीं उन्होंने कर्नाटक के संदर्भ में भी अटल सरकार को याद किया. उन्होंने कहा कांग्रेस की सरकारों ने लोगों कभी भी नहीं बताया लेकिन आज मैं बताना चाहता हूं कि हाल ही में जिस बिदर-कलबुर्गी रेलवे लिंक का उद्घाटन हुआ उसकी आधारशिला भी अटल बिहारी वाजपेयी ने ही रखी थी. पीएम ने इस बहाने कर्नाटक चुनाव की तरफ भी अपना इशारा इंगित किया.

इसके अलावा राज्यसभा में आधार कार्ड पर की गई चर्चा के दौरान भी पीएम मोदी ने अटल सरकार को याद किया. उन्होंने कहा कि ये नहीं भूलना चाहिए कि आधार कार्ड का आयडिया पहली बार 1998 में अटली जी की सरकार के समय ही सामने आया था.

मोदी सरकार पर अक्सर उसके आलोचकों द्वारा ये आरोप लगाया जाता है कि इस सरकार में ठोस नीतियों का अभाव दिखता है. सरकार बनने के साथ ही कई बड़ी घोषणाएं की गईं लेकिन ऐसी कोई योजना नहीं बनाई गई जिससे व्यापक स्तर पर लोगों को फायदा होता दिख रहा हो. ऐसे में आज विपक्ष के हंगामे से घिरे पीएम मोदी द्वारा बार-बार अटल बिहारी वाजपेयी को याद करना शायद उनकी सरकार की कमजोरियों को भी दिखाता है. उन्हें ठीक-ठाक योजनाओं का जिक्र करने के लिए अटल सरकार की ओर ही रुख करना पड़ रहा है.

पीएम ने विपक्ष को तो बखूबी निशाने पर ले लिया और उनके सवालों के जवाब भी पूरे तरीके से दिए लेकिन चार साल की सरकार के बावजूद अटल बिहारी वाजपेयी की बार-बार याद इस बाद की ओर भी इशारा करती है कि शायद मोदी सरकार को ठोस योजनाओं की कमी खल रही है. योजना आयोग को बंद कर नीति आयोग की स्थापना तो की गई लेकिन नीति आयोग किस तरीके से काम कर रहा है ये शायद अभी भी लोगों के बीच स्पष्ट नहीं.

ठीक इसी तरह मनरेगा का शुरुआत में तो पीएम द्वारा खूब तंज किया गया लेकिन रोजगार गारंटी को लेकर एनडीए सरकार की कोई नई योजना लोगों के बीच नहीं आई. आज भी अगर सरकार को व्यापक स्तर पर लोगों को प्रभावित करने वाली योजना दिखानी होती है तो अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में शुरू हुई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना ही सहारा बनती है.

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