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पश्चिम बंगाल का नाम बदलवाने को आतुर ममता की इसके पीछे क्या है रणनीति?

तृणमूल कांग्रेस की सरकार ने पूर्व में दो मौकों पर राज्य का नाम बदलकर उसे पश्चिमबंगा और बांग्ला रखने का सुझाव दिया था. मगर दोनों ही बार केंद्र सरकार ने इसे ठुकरा दिया था

Updated On: Nov 19, 2018 04:39 PM IST

FP Staff

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पश्चिम बंगाल का नाम बदलवाने को आतुर ममता की इसके पीछे क्या है रणनीति?

उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य के कुछ शहरों के नाम बदलने के बाद अब पश्चिम बंगाल में भी ऐसी ही मांग जोर पकड़ने लगी है. पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर बंगाल करने की मांग तेज हो गई है.

ममता बनर्जी सरकार पहले भी दो मौकों पर राज्य का नाम बदलकर उसे पश्चिमबंगा (2011) और बांग्ला (2016) रखने का सुझाव दिया था. दोनों ही बार केंद्र सरकार ने इसे ठुकरा दिया था. 2016 में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सरकार ने राज्य का नाम बदलकर बेंगॉल, बांग्ला या बंगाल करने को सुझाया था तब केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार थी.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी सरकारों पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि ऐतिहासिक जगहों और संस्थानों का नाम बदलने के एकतरफा फैसले के पीछे उनका अपना हित है. उन्होंने फेसबुक पर लिखा, 'बंगाल के संदर्भ में उनका रवैया पूरी तरह बदल जाता है.'

उन्हें कहा कि राज्य विधानसभा में पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर उसे बांग्ला करने वाला अध्यादेश सर्वसम्मति से पारित हो गया है. ममता ने कहा कि बांग्ला से स्थानीय भावनाओं के जुड़ाव को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. लेकिन केंद्र ने हमें तीनों ही भाषाओं (अंग्रेजी, बंगाली और हिंदी) में इसका नाम बांग्ला रखने की सलाह दी थी जिसे हमने मान लिया, मगर उनके पास यह अभी भी लंबित है.

ममता बनर्जी

ममता बनर्जी

वाम दलों को हराकर सत्ता में आई ममता बनर्जी को दरअसल 2011 के शुरुआत में पश्चिम बंगाल का नाम बदलने का आइडिया सूझा था. इस बारे में दिए गए प्रस्ताव में मुख्यमंत्री ने जो वजह बताई गई वो यह कि राज्य के नाम का पहला शब्द 'डब्लू' अल्फाबेटिकल ऑर्डर में काफी नीचे आता है. इसलिए केंद्र द्वारा बुलाई बैठकों में जब राज्य के बोलने की बारी (नंबर) आती है तब तक हॉल लगभग आधा खाली हो चुका होता है और वहां बैठे लोग भी सो चुके होते हैं. उन्होंने कहा कि दिल्ली में राज्य की आवाज सुनी जा सके इसलिए जरूरी है कि पश्चिम बंगाल का नाम बदले.

बता दें कि अक्टूबर में योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद शहर का नाम बदलकर प्रयागराज और इसी महीने दिवाली के अवसर पर फैजाबाद का नाम बदलकर उसे अयोध्या कर दिया था.

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