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कर्नाटक के नए सीएम येदियुरप्पा ने इसलिए ओढ़ा हरा शाल!

येदियुरप्पा उन कुछ राजनीतिक नेताओं में आते हैं जो नेताओं कि ड्रेस कहे जाने वाले खादी का कुर्ता-पजामा या धोती-जुब्बा पहनने के बजाए सफारी सूट पहनते हैं

Updated On: May 17, 2018 01:32 PM IST

FP Staff

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कर्नाटक के नए सीएम येदियुरप्पा ने इसलिए ओढ़ा हरा शाल!
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कर्नाटक में चल रहे हाई वोल्टेज सियासी ड्रामे के बीच बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा ने तीसरी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली. कांग्रेस-जेडीएस का आधी रात को सुप्रीम कोर्ट जाना और राजभवन के बाहर धरना प्रदर्शन भी येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से रोक नहीं पाया. और फिलहाल के लिए विधानसभा चुनावों में सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी होने के नाते येदियुरप्पा ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है.

फोटो पीटीआई से

पूरे देश में किसानों की हालत को देखते हुए बीजेपी ने अपने मेनिफेस्टो में किसानों के लिए एक लाख करोड़ की कर्ज माफी की बात कही थी. शपथ लेते हुए येदियुरप्पा के कंधे की 'हरी शॉल' बीजेपी की किसानो के लिए प्रतिबद्धता की याद दिला रही थी. कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री ने किसानों और भगवान को साक्षी मानकर शपथ ली. हालांकि येदियुरप्पा अपने ड्रेसिंग सेंस के लिए चर्चा में रहते हैं.

येदियुरप्पा उन चुनिंदा राजनीतिक नेताओं में आते हैं जो टिपिकल खादी का कुर्ता-पजामा या धोती-जुब्बा पहनने के बजाए सफारी सूट पहनते हैं. अपने करियर के शुरुआती दौर में येदियुरप्पा शर्ट और ट्राउज़र पहनते थे, संघ प्रचारक के दौर में वो सफेद शर्ट और खाकी नेकर पहनते थे. लेकिन सीनियर नेता के तौर पर उन्हें ज्यादातर सफारी सूट पहने ही देखा जाता है.

जब येदियुरप्पा मंदिर जाते है तो लुंगी या धोती में नज़र आते हैं. जब उन्होंने पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली तो भी उन्होंने अपना ट्रेडमार्क सफारी सूट पहना था. येदियुरप्पा दक्षिण भारत के पहले ऐसे सीएम है जिन्होंने बंद गले का सूट पहना. वहीं दक्षिण भारत के और राज्य आंध्रप्रदेश, केरल, तमिलनाडु के सीएम शर्ट और जुब्बा के साथ लुंगी या धोती ही पहनते है.

येदियुरप्पा मंडया जिले के सिद्दालिंगयप्पा में 27 फरवरी 1943 में पैदा हुए और 15 साल की उम्र में RSS के संपर्क में आए. येदियुरप्पा दो भाई और दो बहने हैं. 1965 में येदियुरप्पा शिमोगा के शिकारीपुरा गए. शिकारीपुरा के लोगों के साथ येदियुरप्पा के अच्छे संबंध बन गए. 1967 में उन्होंने मैत्रादेवी से शादी कर ली. जिनसे उनके दो बेटे और तीन बेटियां हैं. येदियुरप्पा ने 1970-72 तक संघ-कार्यवाहक के तौर पर काम किया. 1972 में 29 साल के येदियुरप्पा ने तालुका में शिकारीपुरा जनसंघ अध्यक्ष के तौर पर काम किया. 1974-76 उन्होंने वीरशैवा को-ऑपरेटिव सोसायटी के डायरेक्टर के पद पर काम किया.

1976 में येदियुरप्पा शिकारीपुरा के निगम पार्षद चुने गए. 1975 के इमरजेंसी के दौर में येदियुरप्पा शिमोगा और बेल्लारी की जेल में 45 दिनों के लिए बंद रहे. 1977 में वो निगम अध्यक्ष बने इसके बाद इसी साल वो जनता पार्टी के अध्यक्ष भी चुने गए.

तो इसलिए पसंद है उन्हें हरा शॉल!  अपने शपथ ग्रहण में कंधे पर हरा शॉल लपेटे येदियुरप्पा ने अपनी वेबसाइट में अपने किसान और खेतों से लगाव के बारे में बताया है. येदियुरप्पा ने कहा कि 45 सालों से वो आज भी अपने खेतों में घंटों का समय बिताते हैं. उनके पास नारियल और आम के बगीचे हैं, और आज भी वो और उनका बेटा साथ में अपने खेतों में काम करते हैं और सब्जियां उगाते हैं.

(साभार- न्यूज18)

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