S M L

अमानतुल्लाह और प्रकाश जारवाल को जमानत नहीं मिली, जानते हैं क्यों ?

दिल्ली पुलिस दिल्ली के प्रमुख सचिव अंशु प्रकाश के साथ मारपीट के आरोप में गिरफ्तार दोनों विधायकों के अतीत को खंगाल रही है.

Updated On: Feb 22, 2018 08:41 PM IST

Ravishankar Singh Ravishankar Singh

0
अमानतुल्लाह और प्रकाश जारवाल को जमानत नहीं मिली, जानते हैं क्यों ?

दिल्ली के प्रमुख सचिव अंशु प्रकाश के साथ मारपीट और बदसलूकी का मामला अब ‘आप’ के गिरफ्तार दो विधायकों पर भारी पड़ने वाला है. एक तरफ गुरुवार को दोनों विधायकों की जमानत याचिका को तीस हजारी कोर्ट ने ठुकरा दिया तो वहीं दिल्ली पुलिस ने दोनों विधायकों के पुराने रिकॉर्ड्स को खंगालना भी शुरू कर दिया है.

दिल्ली पुलिस दिल्ली के प्रमुख सचिव अंशु प्रकाश के साथ मारपीट के आरोप में गिरफ्तार दोनों विधायकों के अतीत को खंगाल रही है. ओखला के आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान पर जहां पहले से ही दर्जनों मामले दर्ज हैं वहीं देवली के विधायक प्रकाश जारवाल पर भी 4 मामले दर्ज हैं.

मौजूदा हालात में दिल्ली पुलिस का कहना है कि अमानतुल्लाह खान पर दर्ज मामले में ज्यादातर मामले मारपीट के हैं. अमानतुल्लाह खान पर ज्यादातर केस लड़ाई-झगड़े से ही संबंधित हैं. ऐसे में दिल्ली पुलिस के पास अमानतुल्लाह खान पर मारपीट का मामला दर्ज कराने वालों की लिस्ट पहले से ही मौजूद है.

दिल्ली पुलिस अब अमानतुल्लाह खान द्वारा पीड़ित लोगों के बयान के साथ विधायक के पुराने रिकॉर्ड्स को भी खंगाल रही है. सभी पुराने पीड़ित लोगों का आमना सामना अमानतुल्लाह खान के साथ करवाया जाएगा. इससे अमानतुल्लाह खान की दिमागी स्थिति का भी पता चलेगा और नए मामले में कुछ सुराग भी मिल जाएंगे?

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस आप के दोनों विधायकों के पुराने रिकॉर्ड्स को खंगाल कर यह पता लगाना चाह रही है कि ये दोनों विधायक कहीं तुनकमिजाजी किस्म के तो नहीं हैं? दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को अदालत में सुनवाई के दौरान भी इसी आधार को साक्ष्य बना कर अमानतुल्लाह खान और प्रकाश जारवाल की जमानत का विरोध भी किया था.

दिल्ली पुलिस के विश्वस्त सूत्रों का साफ कहना है कि आगे भी इन्हीं तथ्यों को अदालत के सामने रख कर आप के दोनों विधायकों की अदालत में जमानत का विरोध किया जाएगा.

गुरुवार को कोर्ट में दोनों विधायकों की ओर से जमानत की अर्जी दाखिल की गई थी. दोनों विधायकों के वकील का कहना था कि इस मामले में ऐसा कुछ भी नहीं है, जिससे दोनों विधायकों की जमानत खारिज किया जा सके. वहीं दिल्ली पुलिस के वकील का कहना था कि इस मामले में अभी भी जांच जारी है, लिहाजा इस स्थिति में दोनों विधायकों को जमानत नहीं दी जाए. दिल्ली पुलिस ने दोनों विधायकों की दो दिन की पुलिस रिमांड मांगी थी जिसे जज ने कैंसिल कर दिया. दोनों विधायकों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. दोनों विधायकों की जमानत को लेकर शुक्रवार को भी सुनवाई जारी रहेगी.

New Delhi: This combination of photos show AAP MLAs Amanatullah Khan and Prakash Jarwal being produced at Tees Hazari Court in Delhi chief secretary alleged assault case in New Delhi, on Wednesday. PTI Photo by Ravi Choudhary (PTI2_21_2018_000143B)

हम आपको बता दें कि अमानतुल्लाह खान पर मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने जैसे धाराओं के तहत दर्जनों केस दर्ज हैं. इससे साफ जाहिर होता है कि अमानतुल्लाह खान मारपीट और उपद्रव करने के आदि हैं.

इसी तरह देवली के विधायक प्रकाश जारवाल के खिलाफ भी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में चार मामले दर्ज हैं. साल 2016 में प्रकाश जारवाल उस समय चर्चा में आए थे जब उन पर एक महिला ने छेड़खानी और बदसलूकी का आरोप लगाया था, जिसके बाद प्रकाश जारवाल पर ग्रेटर कैलाश थाने में मामला दर्ज किया गया था.

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी फर्स्ट पोस्ट हिंदी से बात करते हुए कहते हैं, ‘आम आदमी पार्टी के कई विधायकों पर किसी न किसी मामले में एफआईआर दर्ज है. ये एफआईआर उनके विधायक बनने से पहले दर्ज की गई थीं. इस मामले में गिरफ्तार दोनों विधायकों को लेकर पार्टी जो चाहे दलील दे लेकिन इन लोगों को कानून अपने हाथ में लेने की पुरानी आदत है. दिल्ली पुलिस अब इनकी इस आदत को दूर करने जा रही है.’

दूसरी तरफ दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने प्रमुख सचिव के साथ घटित घटना की रिपोर्ट गृहमंत्रालय के भेज दी है. ऐसी खबर आ रही है कि गृहमंत्रालय को भेजी रिपोर्ट में एलजी ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं. इस घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस द्वारा लिए जा रहे एक्शन के बारे में भी बताया गया है. साथ ही दिल्ली में पैदा हुए प्रशासनिक संकट के बारे में भी जल्द ही कुछ उपाए निकालने की बात कही गई है. रिपोर्ट में दिल्ली की अफसरशाही में जो नाराजगी है, उसका भी जिक्र किया गया है.

ऐसी खबर मिल रही है कि ताजा घटनाक्रम और एलजी की रिपोर्ट के बाद गृह मंत्रालय कुछ कड़े फैसले ले सकता है, जिससे दिल्ली की आम जनता को कोई दिक्कत महसूस नहीं हो. दिल्ली में हड़ताल पर गए आईएएस अधिकारियों को अब देशभर के आईएएस एसोसिएशनों का समर्थन मिल रहा है. देशभर के आईएएस एसोसिएशन इस घटना को लेकर लगातार केंद्र पर दबाव बनाए हुए हैं.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Ganesh Chaturthi 2018: आपके कष्टों को मिटाने आ रहे हैं विघ्नहर्ता

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi