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BSP-SP गठबंधन के बाद कांग्रेस की क्या होगी रणनीति, लखनऊ में आज बैठक कर होगी तय

पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और यूपी प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने शनिवार को नई दिल्ली में कहा था कि बीएसपी और एसपी गठबंधन पर पार्टी रविवार को लखनऊ में अपनी राय बताएगी

Updated On: Jan 13, 2019 12:50 PM IST

FP Staff

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BSP-SP गठबंधन के बाद कांग्रेस की क्या होगी रणनीति, लखनऊ में आज बैठक कर होगी तय

उत्तर प्रदेश में बीएसपी और एसपी के बीच गठबंधन हो गया है. बीते शनिवार को अखिलेश यादव और मायावती ने गठबंधन का ऐलान करते हुए कहा कि यह गठबंधन बीजेपी को दोबारा सत्ता में आने से रोकेगा. मायावती ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा. मायावती ने कहा कि कांग्रेस से गठबंधन को कोई फायदा नहीं होता. उधर दूसरी ओर यूपी में लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर कांग्रेस की रविवार को लखनऊ में एक अहम बैठक होगी. पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और यूपी प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने शनिवार को नई दिल्ली में कहा था कि बीएसपी और एसपी गठबंधन पर पार्टी रविवार को लखनऊ में अपनी राय बताएगी.

आजाद, प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर और अन्य वरिष्ठ नेता लखनऊ में होंगे

उन्होंने कहा था- लखनऊ में हम पूर्वी उत्तर-प्रदेश और सेंट्रल यूपी के नेताओं से मिलेंगे. बताया जा रहा है कि रविवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बीएसपी और एसपी गठबंधन के बाद लोकसभा चुनाव में पार्टी की रणनीति से जुड़े सवालों का कांग्रेस जवाब देगी. प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अंशू अवस्थी ने बताया कि आजाद, प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर और अन्य वरिष्ठ नेता लखनऊ में होंगे और बैठक कर रणनीति तय करेंगे. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय समिति के उत्तर प्रदेश के सभी नेता और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सभी सचिव यहां एकत्र होंगे.

दिल्ली में कांग्रेस के वॉर रूम में यूपी कांग्रेस की बैठक हुई

प्रदेश में बीएसपी और एसपी के गठबंधन की प्रेसवार्ता से पहले राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर थी कि दोनों पार्टियों ने कांग्रेस से अलग गठबंधन की गांठ जोड़ ली है. शायद यही कारण है कि गठबंधन की घोषणा से एक दिन पहले गुलाम नवी आजाद ने यूपी कांग्रेस को शाम 5:30 बजे अर्जेंट मीटिंग का मैसेज दिया था जिसके बाद दिल्ली में कांग्रेस के वॉर रूम में यूपी कांग्रेस की बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता गुलाम नवी आज़ाद कर रहे थे. बैठक में उत्तर प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर, प्रमोद तिवारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह मौजूद थे.

मायावती और अखिलेश यादव ने लखनऊ में साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 2019 चुनाव साथ लड़ने की घोषणा की

मायावती और अखिलेश यादव ने शनिवार को लखनऊ में साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 2019 चुनाव साथ मिलकर लड़ने की घोषणा की

मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के चुनाव नतीजों का जिक्र किया गया

बैठक में लिए गए फैसले पर गौर करें तो यूपी में अब पार्टी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर दांव लगा रही है. पूरे प्रदेश में राहुल गांधी की 10 से ज्यादा रैलियां होगीं, जिसमें किसान, युवा और महिलाओं का मुद्दा अहम होगा. वहीं, बताया जा रहा है कि राहुल की रैली यूपी में फरवरी के पहले हफ्ते से शुरू होगी जिसका आगा हापुड़ या लखनऊ से किए जाने की संभावना है. कहा जा रहा है कि बैठक में मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के चुनाव नतीजों का जिक्र किया गया. पार्टी का मानना है कि लोकसभा चुनाव की अधिसूचना आने से पहले राहुल गांधी फरवरी महीने में रैलियां करके पार्टी के पक्ष में माहौल बना सकते है ताकि चुनाव आने तक उत्तर प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी के लिए मजबूती से काम करें.

पार्टी कम से कम 25 से 30 सीटों पर पूरी मजबूती से लड़ेगी

पूरे यूपी में पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की जाएगी ताकि बीएसपी और एसपी बीजेपी की दमनकारी नीतियों के सामने घुटने टेक दे. यूपी में बीजेपी विरोधी महागठबंधन नहीं बनाने के लिए कांग्रेस एसपी-बीएसपी को जिम्मदार बताएगी. कांग्रेस सूत्रों की मानें तो पार्टी कम से कम 25 से 30 सीटों पर पूरी मजबूती से लड़ेगी. जानकारी के मुताबिक कांग्रेस अपने सभी बड़े चेहरों को चुनाव में उतार सकती है. कहा जा रहा है कि कांग्रेस भी अमेठी-रायबरेली के बदले अखिलेश परिवार और मायावती के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारेगी. हालांकि ये साफ नहीं है कि बची हुई आधी सीटों पर कांग्रेस की रणनीति क्या होगी?

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