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चाय बागानों वाले बंगाल में 'चाय वाले' से दुश्मनी दीदी को भारी पड़ेगी?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में थे. चाय के बागानों वाले क्षेत्र में पहुंचने पर मोदी ने अपने से सीधे तौर पर जोड़ लिया. मोदी ने कहा, उत्तर बंगाल के लोग चाय पैदा करते हैं और मैं चाय बनाता हूं.

Updated On: Feb 08, 2019 07:56 PM IST

Amitesh Amitesh

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चाय बागानों वाले बंगाल में 'चाय वाले' से दुश्मनी दीदी को भारी पड़ेगी?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में थे. चाय के बागानों वाले क्षेत्र में पहुंचने पर मोदी ने अपने से सीधे तौर पर जोड़ लिया. मोदी ने कहा, उत्तर बंगाल के लोग चाय पैदा करते हैं और मैं चाय बनाता हूं. मोदी ने अपने-आप को चाय वाला बताकर पूरे बंगाल के चाय बनाने वालों से लेकर चाय बागान में काम करने वाले मजदूरों से अपने-आप को सीधा जोड़ लिया. मोदी की यही खूबी उनको जनता से उन्हें जोड़ देती है. लेकिन, लगे हाथ मोदी ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बारे में कटाक्ष करते हुए कहा कि दीदी को चायवालों से इतनी चिढ़ क्यों हैं.

यह मोदी की बाजीगरी है जिसमें वो अपने खिलाफ ममता बनर्जी के विरोध को पूरे बंगाल के चायवालों के खिलाफ विरोध के तौर पर पेश कर गए. जलपाईगुड़ी की रैली में जुटी भीड़ से साफ लग रहा था कि मोदी को लेकर वहां के लोगों में जबरदस्त उत्साह है. लोगों से मिल रहे समर्थन और माहौल से उत्साहित मोदी ने ममता बनर्जी पर सीधा हमला बोल दिया.

मोदी ने कहा कि बंगाल में दीदी है लेकिन, यहां दादागिरी चल रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी के लोगों द्वारा बीजेपी के कार्यकर्ताओं पर हिंसक हमले हो रहे हैं जिससे यहां की माटी बदनाम हो गई है और यहां का मानुष मजबूर हो गया है. मोदी ने टीएमसी सरकार के कार्यकाल को कम्युनिस्ट पार्ट -2 की सरकार बताया.

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एक बार फिर मोदी की तरफ से महागठबंधन के नाम पर जुट रहे सभी दलों के गठबंधन को महामिलावट बताकर तंज कसा गया. मोदी माहौल बनने से पहले ही महागठबंधन की हवा निकाल देना चाहते हैं और उनके लिए बेहतर जगह बंगाल के अलावा कुछ और नहीं हो सकता है, क्योंकि महागठबंधन बनाने को लेकर सबसे ज्यादा बेचैनी ममता बनर्जी में ही दिख रही है, जिनके नेतृत्व में 19 जनवरी को एक बड़ी रैली भी कोलकाता में हुई थी.

narendra modi

शारदा चिट फंड मामले में जांच को लेकर सीबीआई बनाम कोलकाता पुलिस की लड़ाई बीजेपी बनाम तृणमूल की लड़ाई में तब्दील होती चली जा रही है. मोदी ने ममता पर हमला बोलते हुए भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पूरे गठबंधन को घेरा. मोदी ने कहा, ‘आज हर उस व्यक्ति को मोदी से कष्ट है जो पूरी तरह से भ्रष्ट है. हम गरीबों को लूटने और देश की सेना को धोखा देने वालों को विदेशों से उठाकर ला रहें है और महामिलावट वाले उन्हें बचाने का प्रयास कर रहें हैं.’

ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश के इतिहास में ये पहली बार देखा गया है कि कोई मुख्यमंत्री हजारों गरीब लोगों को लूटने वालों के पक्ष में दिन-दहाड़े धरने पर बैठ जाए. उन्होंने कहा कि यहां की सरकार ऐसे लोगों का स्वागत करती है जिनपर गंभीर आरोप हैं. लेकिन, दुनिया के सबसे बड़े दल के नेताओं को रोका जाता है.

मोदी की कोशिश बंगाल में पार्टी को मजबूत करने की है. कोशिश बंगाल से इस बार ज्यादा से ज्यादा सीटें बटोरने की हैं. ममता के गढ़ में घुसकर मोदी का ललकारना यही दिखा रहा है कि बीजेपी बंगाल की जनता को यह भरोसा दिलाने की कोशिश में है कि अब ममता का विकल्प कांग्रेस और लेफ्ट नहीं बल्कि बीजेपी ही है, जिसका एहसास पंचायत चुनावों में हो चुका है.

Mamata Banerjee

लेकिन, पश्चिम बंगाल के अलावा मोदी की नजर बाकी उन राज्यों पर भी है जहां बीजेपी काफी उम्मीद लगाए बैठी है. बीजेपी की कोशिस नॉर्थ-ईस्ट और दक्षिण के राज्यों के अलावा ओडिशा में भी अपनी सीटें बढ़ाने की है, लिहाजा मोदी ने पांच दिनों तक अपने कार्यक्रम में इन राज्यों पर सबसे ज्यादा फोकस किया है.

शुक्रवार 8 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले छत्तीसगढ़ का दौरा किया जहां उन्होंने रायगढ़ के कोंडातराई में एक रैली को संबोधित किया. वहां मोदी ने कांग्रेस की नई सरकार की तरफ से किसानों की कर्जमाफी को एक छलावा बताया. इसके बाद मोदी पश्चिम बंगाल में थे जहां उन्होंने जलपाईगुडी की रैली की और फिर उसके बाद वो असम पहुंच गए हैं जहां रात्रि विश्राम का कार्यक्रम है.

अगले दिन शनिवार 9 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम की राजधानी गुवाहाटी में ब्रम्हपुत्र नदी पर एक पुलल की आधारशिला रखने के बाद एम्स का शिलान्यास भी करने वाले हैं. इसके बाद नई गैस पाईपलाइन का उद्घाटन भी करेंगे. इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री का दौरा होगा, जहां वो एक नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का उद्घाटन कर राज्य के लोगों को नई सौगात देंगे. इसके बाद शाम को मोदी त्रिपुरा में एक बड़ी रैली को संबोधित करेंगे.

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अगले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तमिलनाडु और कर्नाटक का दौरा होने वाला है जहां वो तिरुपुर और हुबली में रैली करने वाले हैं. इसके बाद आंध्र प्रदेश के गुंटुर में भी उनकी रैली होनी है. कोशिश दक्षिण भारत में भी पार्टी की पैठ बढ़ाने और चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं के भीतर उर्जा का संचार करना है. मोदी पूरी तरह से चुनावी मोड में हैं जो कि दक्षिण भारत में भी इस बार हर हाल में दक्षिण भारत में भी कर्नाटक के अलावा दूसरे राज्यों में अपनी धमक का एहसास कराना चाहते हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 फरवरी को यूपी के मथुरा में जबकि 12 फरवरी को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में होंगे. मथुरा में उनके अक्षयपात्र फाउंडेशन के कार्यक्रम में शामिल होना तय है. इस संस्था की तरफ से देश भर में 18 लाख बच्चों को मिड डे मील कार्यक्रम के जरिए खाना दिया जाता है. इसके अलावा कुरुक्षेत्र में स्वच्छ शक्ति कार्यक्रम में भी उनको भाग लेना है.

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