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क्या हिंदुओं से प्यार करने का मतलब मुसलमानों से नफरत करना है: ममता

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक के लिए पहले 16 जून की तारीख निर्धारित की गई थी, लेकिन इस दिन ईद होने के कारण इसकी तारीख बदलकर 17 जून कर दी गई

Updated On: Jun 16, 2018 06:37 PM IST

Bhasha

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क्या हिंदुओं से प्यार करने का मतलब मुसलमानों से नफरत करना है: ममता

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा कि जो लोग उन पर मुसलमानों के तुष्टीकरण का आरोप लगाते हैं, वे न तो हिंदुओं के मित्र हैं और न ही मुसलमानों के मित्र हैं.

ममता ने कहा, ‘कुछ लोग मुझ पर मुसलमानों के तुष्टीकरण का आरोप लगाते हैं. उनसे मेरा सवाल है कि क्या हिंदुओं से प्यार करने का मतलब मुसलमानों से नफरत करना है. मैं सभी समुदायों और धर्मों का सम्मान करती हूं और उनसे प्यार करती हूं. देश हर किसी का है.’

उन्होंने कोलकाता के रेड रोड पर ईद उल फितर पर्व मनाने के लिए एकत्र हुए लोगों से कहा कि, ‘जो लोग यह कहते हैं कि मैं मुसलमानों का तुष्टीकरण करती हूं, वे न तो हिंदुओं के मित्र हैं और न ही मुसलमानों के मित्र हैं.’

बीजेपी और कुछ अन्य संगठन आरोप लगाते रहे हैं कि ममता राजनीतिक फायदे के लिए मुसलमानों का तुष्टीकरण कर रही हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनके विरोध की वजह से है कि नीति आयोग की जो बैठक आज होनी थी, वह अब कल होगी.

उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार के अधिकारियों से मेरा सवाल है कि क्या उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि 16 जून को ईद मनाई जाएगी. नीति आयोग की बैठक इस दिन क्यों रखी गई? मैंने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि तारीख बदली जाए जिससे कि बैठक ईद के दिन न हो.’

ममता ने शुक्रवार इस बात की पुष्टि की थी कि वह नई दिल्ली में नीति आयोग की 17 जून को पुनर्निर्धारित बैठक में शामिल होंगी. प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक के लिए पहले 16 जून की तारीख निर्धारित की गई थी, लेकिन इस दिन ईद होने के कारण इसकी तारीख बदलकर 17 जून कर दी गई. ममता और कुछ अन्य मुख्यमंत्रियों ने ईद के चलते 16 जून को इस बैठक में शामिल होने में असमर्थता जताई थी. इसके बाद बैठक की तारीख 17 जून कर दी गई.

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