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डीएमके अगर मुझे वापस लेती है तो स्टालिन को मानूंगा नेता: अड़ागिरी

अड़ागिरी ने गुरुवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि हमलोग डीएमके में शामिल होने के लिए तैयार हैं, इससे साफ पता चलता है कि हम उन्हें अपना नेता भी मानेंगे

Updated On: Aug 30, 2018 03:19 PM IST

FP Staff

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डीएमके अगर मुझे वापस लेती है तो स्टालिन को मानूंगा नेता: अड़ागिरी

पूर्व केंद्रीय मंत्री और डीएमके से निष्कासित नेता एमके अड़ागिरी पार्टी के नए अध्यक्ष एमके स्टालिन के सामने समर्पण की मुद्रा में आ गए हैं. अड़ागिरी ने कहा है कि मैं अपने भाई स्टालिन को अपना नेता मानने के लिए तैयार हूं.

अड़ागिरी ने गुरुवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि हमलोग डीएमके में शामिल होने के लिए तैयार हैं. इससे साफ पता चलता है कि हम उन्हें (स्टालिन) अपना नेता भी मानेंगे. उन्होंने कहा कि हम तो पार्टी में जाने के लिए तैयार हैं लेकिन वो (स्टालिन) हमें पार्टी में लेने को तैयार नहीं हैं.

करुणानिधि के बड़े बेटे 67 वर्षीय अड़ागिरी ने पिछले सप्ताह पार्टी अध्यक्ष बनने को लेकर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया था. हालांकि अब उनके तेवर नरम पड़ गए हैं. 2014 में पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण करुणानिधि ने अड़ागिरी को पार्टी से निकाल दिया था.

बीते मंगलवार को स्टालिन को पार्टी अध्यक्ष के रूप में चुना गया था. इसी महीने करुणानिधि के निधन के बाद डीएमके अध्यक्ष का चुनाव जरूरी हो गया था. करुणानिधि के बीमार रहने के कारण उनके छोटे बेटे एमके स्टालिन को जनवरी 2017 में पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था. हालांकि करुणानिधि के बड़े बेटे अड़ागिरि के विरोधी तेवरों से स्टालिन की ताजपोशी में कुछ अड़चने जरूर आईं. लेकिन फिर भी उन्हें निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया.

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