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व्यापमं घोटाला: दिग्विजय सिंह ने कोर्ट में दर्ज कराए अपने बयान

सिब्बल ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में जांच एजेंसियों ने चौहान और उमा भारती को बचाने की कोशिश की है

Updated On: Sep 22, 2018 06:40 PM IST

Bhasha

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व्यापमं घोटाला: दिग्विजय सिंह ने कोर्ट में दर्ज कराए अपने बयान

कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने बहुचर्चित व्यापमं घोटाले की एक्सेल शीट में फेरबदल करने के मामले में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री उमा भारती और पांच अन्य के खिलाफ दायर शिकायत के सिलसिले में शनिवार को स्थानीय कोर्ट में अपने बयान दर्ज करवाए.

दिग्विजय ने शनिवार सुबह विधायकों-सांसदों के व्यापमं मामलों के लिए भोपाल में गठित स्पेशल कोर्ट के जजों सुरेश सिंह की अदालत में पेश हुए और करीब दो घंटे तक अपने बयान दर्ज कराए.

इस दौरान मशहूर वकील और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल और वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता विवेक तन्खा सहित कई अधिवक्ता दिग्विजय का पक्ष रखने के लिए कोर्ट में मौजूद थे.

राज्यसभा सदस्य और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय ने अपनी दलील में अदालत से मांग की कि व्यापमं घोटाले के मामले में चौहान, उमा और पांच अन्य लोगों के खिलाफ अपराधिक अभियोग चलाया जाए.

कोर्ट में दिग्विजय का बयान दर्ज होने के बाद उनकी ओर से दलील देने आए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने यहां संवाददाताओं को बताया, ‘हमने इस मामले से जुड़े सारे सबूत कोर्ट में दे दिए हैं. वह सीडी जिसमें 48 बार सीएम (मुख्यमंत्री) लिखा हुआ है वो भी दी है. एक्सल शीट की मूल कॉपी भी कोर्ट को दे दी है .’

सिब्बल ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में जांच एजेंसियों ने चौहान और उमा भारती को बचाने की कोशिश की है.

उन्होंने कहा, ‘व्यापमं में हुए भ्रष्टाचार की जड़ इस प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं. इससे (दिग्विजय द्वारा दायर परिवाद) हम इसे साबित कर देंगे.’ यह परिवाद दिग्विजय ने कोर्ट में 19 सितंबर को पेश किया था, जिसके लिए उन्होंने शनिवार को अपने बयान कोर्ट के सामने दर्ज करवाए.

इस मौके पर कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने कहा कि दिग्विजय ने 27,000 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की है, जिनमें कई अहम दस्तावेज हैं.

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल यानी व्यापमं द्वारा मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए ली गई एमपीएमटी परीक्षा और सरकारी नौकरियों में भर्ती के लिए ली गई परीक्षाओं में भारी धांधली हुई थी.

इस घोटाले की जांच एसटीएफ कर चुकी है. साल 2016 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने व्यापमं घोटाले की जांच की और मुख्यमंत्री चौहान को क्लीन चिट दी है.

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