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VHP नेता प्रवीण तोगड़िया को किस बात से इतना खतरा नजर आ रहा है?

प्रवीण तोगड़िया की पहले से ही बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से अदावत रही है और उन्हें पिछले साल संघ की ओर से पद से हटाने की तैयारी भी कर ली गई थी

Amitesh Amitesh Updated On: Jan 16, 2018 01:56 PM IST

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VHP नेता प्रवीण तोगड़िया को किस बात से इतना खतरा नजर आ रहा है?

विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण भाई तोगड़िया को जान का खतरा सता रहा है. तोगड़िया डरे हुए हैं. उनके भीतर का डर इस कदर घर कर गया है कि वो भरी प्रेस -कॉंफ्रेंस में ही रोने लगे. अपने कड़े तेवर और हॉर्डलाइनर छवि के जरिए एक कट्टर हिंदूवादी नेता की पहचान बनाने वाले प्रवीण भाई तोगड़िया की आंखों से टपकते आंसू और उनकी सिसकन ने सबको चौंका दिया है. जिनके चेहरे पर हमेशा चमक और अपने विरोधियों को ललकारते रहने की झलक दिखती थी, उस चेहरे पर अब मायूसी और उदासी छायी हुई है.

आखिर तोगड़िया के डर का रहस्य क्या है? उनका आरोप तो यही है कि उनके एनकाउंटर की तैयारी हो रही है. सबूतों के साथ जल्द ही पर्दाफाश करने का दावा भी कर रहे हैं. उनके दावों में कितना दम है वो बाद में पता चलेगा लेकिन, अहमदाबाद में उनके प्रेस कॉफ्रेंस ने गुजरात से लेकर दिल्ली तक की सियासी हलचल को बढ़ा दिया है.

यह हलचल संघ परिवार के भीतर भी हो रही है. क्योंकि, इस वक्त केंद्र में भी परिवार की ही सरकार है और गुजरात में भी परिवार की ही सरकार फिर से बनी है. फिर ये डर किस बात का? असुरक्षा की भावना कैसी जो प्रवीण तोगड़िया को इस कदर लाचार होकर सिसकने पर मजबूर कर रही है?

प्रवीण तोगड़िया का बड़ा आरोप

मीडिया से मुखातिब प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि ‘मेरी आवाज दबाने की कोशिश हो रही है. मैं हिंदुओं की आवाज उठा रहा हूं और उनकी एकता के लिए काम कर रहा हूं.’ उन्होंने कहा, ‘कुछ समय से मेरी आवाज दबाने का प्रयास होता रहा. मैं हिंदू एकता के लिए काम करता हूं. राम मंदिर, गौ हत्या कानून और कश्मीर में हिंदुओं के लिए आवाज उठाता हूं. लेकिन खुफिया एजेंसियों ने उन डॉक्टरों को डराना शुरू किया जिन्हें मैंने तैयार किया है. मेरे खिलाफ कानून भंग के केस ढूंढ ढूंढकर निकलना शुरू किया गया है.’

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प्रवीण तोगड़िया किसी का नाम नहीं ले रहे हैं लेकिन उनके निशाने पर सरकार और सरकारी-तंत्र है. इस वक्त केंद्र और राज्य दोनों जगह बीजेपी की ही सरकार है तो ऐसे में तोगड़िया की नाराजगी और शिकायत सरकार से ही रही होगी. हालाकि एक दिन पहले वीएचपी के कार्यकारी अध्यक्ष तोगड़िया की गुमशुदगी को लेकर कई तरह की चर्चाएं होती रहीं. अफवाहों का बाजार गर्म रहा. वीएचपी दावा कर रही थी कि राजस्थान पुलिस उन्हें उठाकर ले गई, लेकिन सूत्रों के मुताबिक तोगड़िया को न तो राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार किया और न ही गुजरात की पुलिस ने.

आखिरकार देर रात उनके बारे में जानकारी मिली. बेहोशी की हालत में उन्हें अहमदाबाद के शाहीबाग इलाके के चंद्रमणि अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक प्रवीण तोगड़िया का शुगर लेवल कम हो गया था जिसके चलते वो बेहोश हो गए थे. हालाकि, पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. लेकिन, इस जांच के पूरा होने से पहले तोगड़िया का मीडिया से मुखातिब होना यह बताने के लिए काफी है कि सबकुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है.

यह संघ परिवार के भीतर की खींचतान तो नहीं !

संघ परिवार के आनुषंगिक संगठन विश्व हिंदू परिषद के मुखिया प्रवीण तोगड़िया की पहले से ही बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से अदावत रही है. सूत्रों के मुताबिक, संघ परिवार के निर्देश के बाद गुजरात के रहने वाले तोगड़िया गुजरात चुनाव से ही नदारद रहे थे.

यहां तक कि संघ परिवार की तरफ से इस बात की पूरी कोशिश हो रही थी कि प्रवीण तोगड़िया की वीएचपी प्रमुख के पद से छुट्टी कर दी जाए. सूत्रों के मुताबिक, संघ प्रवीण तोगड़िया की तरफ से वक्त-वक्त पर सरकार विरोधी दिए जाने वाले बयानों से खुश नहीं था. संघ नहीं चाहता था कि परिवार के भीतर से ही सरकार को परेशान करने वाली आवाज उठे. लिहाजा, कई बार संघ परिवार की बैठकों में भी समन्वय बनाने पर बल दिया जाता रहा.

संघ सूत्रों के मुताबिक, वीएचपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया को हटाने के लिए दिसंबर के आखिर में हुई वीएचपी की कार्यकारिणी की भुवनेश्वर बैठक में तैयारी की गई थी, लेकिन, वीएचपी के भीतर से आ रही आवाजों और भावनाओं के दबाव में संघ को भी अपने कदम पीछे खींचने पड़े थे.

वीएचपी की भुवनेश्वर बैठक में प्रवीण तोगड़िया के ही वीएचपी अध्यक्ष बने रहने पर सहमति बन गई थी. लेकिन, लगता है संघ परिवार के भीतर की राजनीति अभी भी हावी है, जो वक्त-वक्त पर अलग-अलग तरीके से सामने आ जाती है. हालाकि प्रवीण तोगडिया के इन आरोपों में दम है या फिर यह महज राजनीतिक बयानबाजी और आरोप भर हैं, इसे जानने के लिए जांच पूरी होने तक का इंतजार करना होगा, लेकिन, जेड प्लस सेक्योरिटी वाले प्रवीण तोगड़िया अकेले ऑटो रिक्शा पर कैसे निकल पड़े और बेहोश कैसे और कबतक पड़े रहे यह रहस्य का विषय बना हुआ है.

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