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मजहब के आधार पर आरक्षण देशहित में नहीं: वेंकैया नायडू

बीजेपी मजहब के आधार पर आरक्षण देने पर विश्वास नहीं करती और इसके खिलाफ है

Updated On: Apr 17, 2017 07:24 PM IST

Bhasha

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मजहब के आधार पर आरक्षण देशहित में नहीं: वेंकैया नायडू

केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने सोमवार को कहा कि मजहब के आधार पर आरक्षण देना देश के हित में नहीं है.

रविवार को तेलंगाना विधानमंडल ने एक विशेष सत्र बुलाकर सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में अनुसूचित जनजाति और मुस्लिम समुदाय के पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए आरक्षण बढ़ाने वाला विधेयक पारित किया है.

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नायडू इसी मुद्दे से जुड़े सवालों का जबाब दे रहे थे. उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘मजहब के आधार पर आरक्षण देना देश के हित में नहीं है. ऐसा सब लोगों ने उस समय सोचा था, जब संविधान बना था.’

धार्मिक आरक्षण असंवैधानिक

उन्होंने कहा, ‘मजहब के आधार पर आरक्षण गैर संवैधानिक है.’ नायडू ने बताया, ‘देश का संविधान बनाने वाले मजहब के आधार पर आरक्षण देने के खिलाफ थे.’ उन्होंने कहा, ‘संविधान सभा भी इसके खिलाफ थी.’

नायडू ने बताया कि इस संबंध में बीजेपी का रवैया बिल्कुल साफ है. बीजेपी मजहब के आधार पर आरक्षण देने पर विश्वास नहीं करती और इसके खिलाफ है.

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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इससे पहले भी चंद्रबाबू नायडू ने भी मजहब के आधार पर आरक्षण देना का प्रयास किया था, लेकिन इस पर उन्होंने ज्यादा टीका-टिप्पणी नहीं की.

नायडू ने कहा,‘...हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते, क्योंकि इससे और मुसीबतें पैदा हो जाएंगी.’

हालांकि, उन्होंने कहा, ‘जहां तक बीजेपी और एनडीए का संबंध है, हम आरक्षण के पक्ष में हैं. हम सामाजिक और शिक्षा में पिछड़े वर्ग के लोगों को आरक्षण देने के पक्षधर हैं. हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं. चाहे वे किसी भी समुदाय का पिछड़ा वर्ग हो हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और जैन.’

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