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विधायकों को धमकी मामले में जांच के लिए SIT गठित, सख्त कार्रवाई के निर्देश

उत्तर प्रदेश के कई विधायकों को वॉट्सऐप के जरिए धमकी मिली है, इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है और सीएम ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं

Updated On: May 23, 2018 08:55 PM IST

Bhasha

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विधायकों को धमकी मामले में जांच के लिए SIT गठित, सख्त कार्रवाई के निर्देश

अपने आप को अंडरवर्ल्ड माफिया दाऊद इब्राहिम का खास होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने उत्तर प्रदेश के करीब 14 विधायकों को धमकी भरे संदेश भेजे हैं जिसके बाद जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है. मुख्यमंत्री ने इस मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं.

उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा, 'हमने इस मामले में एसआईटी का गठन किया है. जो भी व्यक्ति यह संदेश भेज रहा है वह प्रॉक्सी सर्वर का इस्तेमाल कर रहा है. पुलिस दल आईपी एड्रेस से इस व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है.'

डीजीपी सिंह से जब पूछा गया कि क्या धमकी देने वाला व्यक्ति माफिया दाऊद इब्राहिम से जुड़ा हो सकता है, इस पर उन्होंने कहा कि फोन करने वाला ‘‘दावा तो कर रहा है और उसके नाम का इस्तेमाल भी कर रहा है लेकिन हम अभी इस नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं कि वह किसके कहने पर यह कर रहा है.' डीजीपी ने यह भी कहा कि अभी तक 13 से 14 विधायकों को ऐसे धमकी भरे संदेश आए हैं.

विधायकों को भेजे गये सभी संदेशों में दुबई के अली बुद्धेश भाई का नाम है और वह दावा कर रहा है कि वह दाऊद का आदमी है. यह शख्स विधायकों से धमकी देकर 10 लाख रुपए की मांग कर रहा है. वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वॉट्सऐप पर मैसेज भेजकर विधायकों को धमकी दिए जाने के प्रकरण का संज्ञान लेते हुए लेते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.

टैक्सास के लैंडलाइन नंबर से भेजे गए मैसेज

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) आनंद कुमार ने बताया कि ना सिर्फ विधायकों बल्कि भोपाल के एक पत्रकार सहित दिल्ली और राजस्थान में कुछ अन्य लोगों को भी धमकी भरे मैसेज मिले हैं. कुमार ने बताया कि एसआईटी मामले की जांच करेगी. प्रथम दृष्टया यह सुनियोजित साजिश लगती है. टैक्सास (अमेरिका) के लैंडलाइन नंबर से मैसेज भेजे गए जिस पर वॉट्सऐप की सुविधा है. आईपी एड्रेस और गेटवे की जानकारी मिल गई है.

सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) से इस प्रकरण के सभी तथ्यों की जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिए हैं कि तत्काल एटीएस और एसटीएफ के माध्यम से प्रकरण की गम्भीरता से जांच की जाए. उन्होंने कहा कि इस प्रकरण के दोषियों का शीघ्रता से खुलासा करते हुए उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए.

प्राथमिकी दर्ज कराने वाले विधायकों का कहना है कि उन्हें जो मैसेज मिला है उसमें दस लाख रुपए तीन दिन के भीतर देने के लिए कहा गया है अन्यथा परिवार के सफाए की धमकी दी गई है.

विधायकों वीर विक्रम सिंह (मीरनपुर कटरा, शाहजहांपुर), प्रेम प्रकाश पांडेय (तरबगंज, गोंडा), विनय कुमार द्विवेदी (मेहनौम, गोंडा), विनोद कटियार (भोगनीपुर, कानपुर), शशांक त्रिवेदी (महोली, सीतापुर) और अनीता राजपूत (डिबाई, बुलंदशहर) को एक जैसी धमकी मिली हैं.

उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्थ हो चुकी है

विधायकों को धमकी दिए जाने के मामले में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को घेरते हुए प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त होने की बात कही है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बयान में कहा कि बीजेपी की सरकार में समाज का कोई वर्ग सुरक्षित नहीं है. विधायकों को खुलेआम धमकी भरे संदेश देकर फिरौती मांगी जा रही है, इससे साबित होता है कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है.

प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता एवं महासचिव अरूण प्रकाश सिंह ने कहा कि भयमुक्त और अपराधमुक्त प्रदेश का नारा देकर सत्ता में आई बीजेपी के शासनकाल में कानून व्यवस्था का आलम यह है कि आज बीजेपी के विधायक ही भयभीत हैं. कहीं तो बीजेपी दाऊद को पाकिस्तान से लाने की बात कर रही थी और कहां उसकी डी कंपनी के गुर्गों के टेलीफोन पर रंगदारी मांगने पर बीजेपी के एक दर्जन विधायक डरे सहमे अपनी सुरक्षा के लिए पुलिस के आला अधिकारियों और मुख्यमंत्री से सुरक्षा की गुहार लगा रहे हैं.

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