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नागेंद्र सिंह पटेल : रेलवे का ठेकेदार जिसने फूलपुर में 'कमल' नहीं खिलने दिया

समाजवादी पार्टी से नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल और बीजेपी से कौशलेंद्र सिंह पटेल के प्रत्याशी घोषित होने के बाद फूलुपर लोकसभा सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो गया था

FP Staff Updated On: Mar 14, 2018 04:56 PM IST

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नागेंद्र सिंह पटेल : रेलवे का ठेकेदार जिसने फूलपुर में 'कमल' नहीं खिलने दिया

फूलपुर और गोरखपुर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. इन दोनों ही सीटों पर समाजवादी पार्टी का दबदबा नजर आ रहा है. फूलपुर में सपा प्रत्याशी नागेंद्र सिंह पटेल बीजेपी को मात दी है. यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के एमएलसी चुने जाने के बाद इस लोकसभा सीट पर उपचुनाव हुआ था.

कौन हैं नागेंद्र सिंह पटेल

नागेंद्र सिंह पटेल फूलपुर विधानसभा क्षेत्र के निवासी हैं और रेलवे के बड़े ठेकेदार हैं. उनकी पटेल मतदाताओं के बीच अच्छी पकड़ है और इसी कारण सपा ने उन्हें फूलपुर उपचुनाव के लिए अपना प्रत्याशी चुना. आपको बता दें कि नागेंद्र का यह पहला चुनाव है. हालांकि वो सपा के जिला महासचिव रह चुके हैं.

जातिगत समीकरण की बात करें तो फूलपुर सीट पर पटेल मतदाता हमेशा से निर्णायक भूमिका निभाते आएं है, जिस कारण ही बीजेपी और समाजवादी पार्टी दोनों ने ही यहां पटेल कार्ड खेला. बीजेपी के जैसे इस सीट पर समाजवादी पार्टी ने भी पटेल बिरादरी के नागेंद्र सिंह को उम्मीदवार बनाया. ऐसे में पटेल मतदाता अगर बंटते हैं तो मुकाबला चौंकाने वाला भी आ सकता है. कारण ये है कि पटेल के साथ मुस्लिम, कायस्थ और ब्राह्मण वोटबैंक का भी इस सीट पर अच्छा रसूख रहा है.

फूलपुर सीट पर मुस्लिम, पटेल और कायस्थ बिरादरी के सबसे ज्यादा वोटर हैं. इसके बाद ब्राह्मण और अनुसूचित जाति के वोटों का नंबर आता है. फूलपुर संसदीय क्षेत्र में सबसे ज्यादा पटेल मतदाता हैं. यहां इनकी संख्या करीब सवा दो लाख है. मुस्लिम, यादव और कायस्थ मतदाताओं की संख्या भी इसी के आसपास है. लगभग डेढ़ लाख ब्राह्मण और एक लाख से अधिक अनुसूचित जाति के मतदाता हैं.

समाजवादी पार्टी से नागेंद्र प्रताप सिंह पटेल और बीजेपी से कौशलेंद्र सिंह पटेल के प्रत्याशी घोषित होने के बाद फूलुपर लोकसभा सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो गया था. दोनों ही पार्टियों ने अपने प्रत्याशियों के माध्यम से पटेल वोटों को खींचने की कोशिश की थी.

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