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कुशवाहा की एंट्री के साथ बिहार में बना महागठबंधन, परेशान पासवान के ‘पैंतरे’ से बीजेपी में बढ़ी बेचैनी!

अब बिहार में महागठबंधन की तस्वीर साफ हो गई है, जिसमें कांग्रेस के अलावा आरजेडी, आरएलएसपी, एलजेडी और हम शामिल हैं.

Updated On: Dec 21, 2018 12:43 AM IST

Amitesh Amitesh

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कुशवाहा की एंट्री के साथ बिहार में बना महागठबंधन, परेशान पासवान के ‘पैंतरे’ से बीजेपी में बढ़ी बेचैनी!

कांग्रेस मुख्यालय 24 अकबर रोड में बिहार के महागठबंधन के सभी नेता मीडिया से एक साथ मुखातिब हुए. औपचारिक तौर पर उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में आरएलएसपी के महागठबंधन के जुड़ने का मौका था. लिहाजा कुशवाहा ने एक बार फिर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ-साथ बीजेपी पर हमला बोल दिया.

उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, एक तरफ जहां हमारा अपमान हो रहा था, वहीं दूसरी तरफ बाहें फैलाकर हमारे स्वागत में लोग तैयार थे. कुशवाहा ने नीतीश कुमार पर उनकी पार्टी तोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि वो हर हाल में मुझे और हमारी पार्टी को खत्म करना  चाहते हैं.

कुशवाहा की तरफ से महागठबंधन में शामिल होने के बाद राहुल गांधी की तारीफ की गई. मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में सरकार बनते ही किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे के मुद्दे का जिक्र कर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि जो कहा उसे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कर दिखाया.

इस मौके पर दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस के कोषाध्यक्ष अहमद पटेल और बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल के अलावा महागठबंधन के दूसरे घटक दलों के नेता भी मौजूद थे. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी और एलजेडी के अध्यक्ष शरद यादव ने भी एनडीए के खिलाफ मोर्चा खोलने और देश औऱ बिहार से बीजेपी को उखाड़ फेंकने का ऐलान किया.

upendra kushwaha

महागठबंधन की तस्वीर साफ

अब बिहार में महागठबंधन की तस्वीर साफ हो गई है, जिसमें कांग्रेस के अलावा आरजेडी, आरएलएसपी, एलजेडी और हम शामिल हैं. हालाकि राज्य में लोकसभा में सीटों की संख्या को लेकर अभी ऐलान नहीं किया गया, लेकिन, सूत्रों के मुताबिक, राज्य की कुल 40 लोकसभा की सीटों में से 18-20 सीटों पर आरजेडी चुनाव लड़ सकती है, जबकि कांग्रेस 8-12 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. इसके अलावा उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएसपी को 4-5, जीतनराम मांझी की हम को 1-2 और शरद यादव की एलजेडी को भी 1-2 सीटें मिल सकती हैं.

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हालांकि सीटों के बंटवारे के औपचारिक ऐलान को लेकर कुछ भी नहीं कहा जा रहा है. क्योंकि सूत्रों का कहना है कि एनडीए में सीट बंटवारे होने और रामविलास पासवान के अगले कदम का इंतजार किया जा रहा है. गौरतलब है कि बिहार में बीजेपी औऱ जेडीयू ने बराबर-बराबर सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान पहले ही कर दिया है, लेकिन, गठबंधन के दूसरे दल एलजेपी के साथ अभी सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत ही चल रही है.

पासवान के रुख से परेशान बीजेपी

एलजेपी सांसद चिराग पासवान की तरफ से जल्द से जल्द सीट बंटवारे की मांग करने और देरी को लेकर अपनी चिंता जताने के बाद बीजेपी भी हरकत में आ गई है. उधर बीजेपी के लिए चिंता चिराग पासवान की तरफ से वित्त मंत्री अरुण जेटली को लिखी गई चिट्टी के बाद और बढ़ गई है. चिराग पासवान ने नोटबंदी के दो साल पूरा होने के बाद इससे हुए फायदे की जानकारी मांगी थी.

पार्टी के बिहार प्रभारी और महासचिव भूपेंद्र यादव ने एलजेपी अध्यक्ष रामविलास पासवान और चिराग पासवान से मुलाकात की, जिसके तुरंत बाद इन सभी नेताओं की मुलाकात बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से उनके आवास पर हुई. इस बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली भी पहुंचे. सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में चिराग पासवान की तरफ से उठाए गए सवालों पर चर्चा हुई.

Ram Vilas Paswan

सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी आलाकमान को यह पूरा मामला नागवार गुजरा है. पार्टी को लगता है कि एलजेपी नेता की तरफ से उठाया गया यह कदम और ट्वीट के जरिए अपनी बात रखने से गठबंधन को लेकर बेहतर संदेश नहीं जा रहा. इसके अलावा नोटबंदी पर सरकार पहले से ही विपक्ष के निशाने पर रही है, लेकिन,जब सरकार के सहयोगी ही इस तरह सवाल खड़ा करेंगे तो फिर विपक्ष को भी बड़ा मौका मिल जाएगा. फिर भी बीजेपी की तरफ से पूरे मामले में डैमेज कंट्रोल की कोशिश की जा रही है.

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नीतीश के दिल्ली दौरे से बनेगी बात!

गौरतलब है कि बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार शुक्रवार को दिल्ली पहुंच रहे हैं. इसी दौरान बीजेपी-जेडीयू-एलजेपी के बीच बिहार में गठबंधन को लेकर अंतिम मुहर लगाने के कयास लग रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को एक बार फिर रामविलास पासवान और चिराग पासवान की वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात हो सकती है , जिसमें पासवान की चिंताओं को दूर करने की कोशिश होगी.

उपेंद्र कुशवाहा के एनडीए से बाहर होने के बाद बीजेपी, जेडीयू और एलजेपी तीन पार्टियां ही इस वक्त बिहार में एनडीए खेमे के भीतर हैं. लिहाजा रामविलास पासवान चाहते हैं कि सीटों का बंटवारा उसी हिसाब से किया जाए.सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी और जेडीयू 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ सकते हैं, जबकि 6 सीटें एलजेपी के खाते में जा सकती हैं. हालांकि अब एलजेपी भी लोकसभा की 6 सीटों के अलावा 1 राज्यसभा की सीट भी मांग रही है. हो सकता है कि बदले हालात औऱ एलजेपी के दबाव के बीच बीजेपी इस बात को भी मान ले.

लेकिन, अगले दो-तीन दिन बिहार की सियासत के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं. बिहार में महागठबंधन के दलों ने एक साथ मीडिया से मुखातिब होकर अपनी एकता तो दिखा दी है, अब एनडीए के भीतर क्या बीजेपी पासवान को साधकर दो-तीन दिनों में सीटों के बंटवारे का ऐलान कर पाएगी या फिर पासवान के पैंतरे से परेशानी और बढ़ेगी, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं.

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