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यूपी चुनाव: पश्चिम यूपी की 73 सीटों के लिए आज से भरे जाएंगे पर्चे

उत्तरप्रदेश में कुल 403 विधानसभा सीटें हैं जिनपर सात चरणों में चुनाव कराए जाएंगे.

FP Politics Updated On: Jan 17, 2017 09:50 AM IST

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यूपी चुनाव: पश्चिम यूपी की 73 सीटों के लिए आज से भरे जाएंगे पर्चे

यूपी विधानसभा चुनाव के लिए आज यानि 17 जनवरी से नामांकन शुरू होने जा रहा है. आज राज्य के उन जिलों और विधानसभा सीटों के लिए अधिसूचना जारी की जाएगी जहां पहले चरण का मतदान होना है. इन्हीं सीटों के लिए आज से नामांकन भी दाखिल किया जाएंगे.

उत्तरप्रदेश में कुल 403 विधानसभा सीटें हैं जिन पर सात चरणों में चुनाव कराए जाएंगे. पहले चरण का मतदान 11 फरवरी जबकि आखिरी चरण का मतदान 8 मार्च को होना है. इन चुनाव के नतीजे 11 मार्च को घोषित किए जाएंगे. यूपी केस साथ पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में भी विधानसभा चुनाव हो रहे हैं.

15 जिलों की 73 सीटों पर 11 फरवरी को मतदान

यूपी में पहले चरण के दौरान 15 जिलों की 73 सीटों पर मतदान होना है. नामांकन पत्र भरने की अंतिम तारीख 24 जनवरी होगी जबकि उनकी जांच के लिए 25 जनवरी का दिन तय किया गया है. नामांकन वापस लिए जाने की अंतिम तारीख 27 जनवरी होगी और मतदान 11 फरवरी को करवाया जाएगा.

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उत्तर प्रदेश में पहले चरण के दौरान जिन 15 जिलों में मतदान होगा वे जिले हैं - शामली, मुज़फ़्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाज़ियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोज़ाबाद, एटा और कासगंज.

पहले चरण के मतदान में राज्य के 15 जिले शामिल होंगे

पहले चरण के मतदान में राज्य के 15 जिले शामिल होंगे

कौन कहां मजबूत

पश्चिमी यूपी में इससे पहले समाजवादी पार्टी, बीएसपी और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला था. इसके अलावा जाट लैंड माना जाने वाला ये इलाका आरएलडी का गढ़ भी है.

बीजेपी का असर इन इलाकों में कमोबेश कम ही रहा है. लेकिन लोकसभा चुनाव के बाद मिली सफलता ने बीजेपी के हौसले बुलंद कर दिए थे. दिल्ली से सटे जिले नोएडा और सिकंदराबाद में बीजेपी ने सफलता हासिल की है. दलित बहुल इलाका होने के कारण इन सीटों पर बीएसपी और जाट समुदाय का अच्छा खासा बोलबाला रहा है.

शामली, कैराना, थाना भवन और मुज़फ्फ़रनगर वो इलाके हैं जहां मुस्लिम और जाट समुदाय की आबादी काफी ज्यादा है. इस कारण यहां के चुनावों का फैसला मुस्लिम और जाट वोटों से होता है. हरियाणा से सटे होने के कारण भी ये जिले पश्चिमी यूपी के बेहद अहम जिले माने जाते हैं.

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थोड़ा आगे बढ़ते हुए देखें तो पाएंगे कि अलीगढ़, मथुरा, फिरोजाबाद, एटा, हाथरस, आगरा और कासगंज जैसे इलाकों में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की अच्छी पैठ है. दोनों ही दल के अपने-अपने पारंपरिक मतदाता हैं. जिनके वोट राजनीति से ज्यादा भावनाओं पर आधारित होते हैं.

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