S M L

मोदी वंशवाद के खिलाफ बनें रहें, यूपी बीजेपी के पास तोड़ है

बीजेपी का टारगेट पहले 2017 जीतना फिर 2019 का लोकसभा चुनाव जीतना है

Updated On: Jan 17, 2017 10:30 AM IST

Amitesh Amitesh
विशेष संवाददाता, फ़र्स्टपोस्ट हिंदी

0
मोदी वंशवाद के खिलाफ बनें रहें, यूपी बीजेपी के पास तोड़ है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही अपनी पार्टी के नेताओं से रिश्तेदारों को टिकट न दिलाने का आग्रह कर चुके हों लेकिन पार्टी नेता इस मामले में उनकी बात सुनते दिख नहीं रहे.

यूपी बीजेपी के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि किसी नेता के बेटे या रिश्तेदार को इस बात की सजा नहीं दी जा सकती कि वो नेता का रिश्तेदार है. मौर्य ने फ़र्स्टपोस्ट से खास बातचीत में कहा कि अगर किसी पार्टी नेता के परिवार वाले को दस साल से संगठन में काम करने का अनुभव है तो पार्टी की तरफ से उन्हें चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है.

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि बीजेपी यूपी में एकतरफा जीत दर्ज करेगी. पेश है उनसे बातचीत के कुछ प्रमुख अंश:

ये भी पढ़ें: वंशवाद के खिलाफ अगर मोदी न बोलते तो कौन बोलता?

फ़र्स्टपोस्ट- यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी की संभावना को कैसे देखते हैं.

केशव प्रसाद मौर्य- लोकसभा चुनाव 2014 में हम 337 विधानसभा क्षेत्रों में आगे थे, नंबर वन पर थे. इस बार भी हम न केवल 2014 दोहराएंगे बल्कि उससे भी ज्यादा बड़ी विजय पाएंगे. इसके बाद 2017 जीतना और उससे भी बड़ी चुनौती आ रही है कि हम 2019 में केवल 73 ही नहीं 80 की 80 की सीटों पर अपना सांसद जीताकर मोदी जी को फिर से प्रधानमंत्री बनाएंगे.

फ़र्स्टपोस्ट- समाजवादी पार्टी में फूट का फायदा मिलेगा आपको.

केशव प्रसाद मौर्य- हमारी नजर उस फूट पर नहीं है. हमारी नजर है यूपी की जनता पर. हम इसमें बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. ये तीनों दल एक होकर लड़े फिर भी बीजेपी को ही जनता जिताएगी. अगर वो एक हो जाएं, कांग्रेस और बसपा को भी साथ ले लें तो भी कोई फर्क नहीं पड़ता. बीजेपी के सेहत पर इसका कोई असर नहीं है. जनता बीजेपी के साथ है और बीजेपी के बीच में है.

keshav 1

चुनाव प्रचार के दौरान केशव प्रसाद मौर्या

फ़र्स्टपोस्ट- बिहार में सामूहिक नेतृत्व में बीजेपी ने चुनाव लड़ा तो पार्टी को हार का सामना करना पड़ा. आपको नहीं लगता कि बिना चेहरे के चुनाव में उतरने का आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.

केशव प्रसाद मौर्य- महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में कोई सीएम का चेहरा नहीं था फिर भी हम जीते तो यह कहना सही नहीं है. यूपी में हमारा हर कार्यकर्ता सीएम पद का चेहरा हैं.

फ़र्स्टपोस्ट- मुलायम-अखिलेश के बीच टकराव के चलते कई नेता जो कि टिकट की दावेदारी कर रहे हैं, आपके साथ आ रहे हैं, क्या मजबूती मिलेगी.

केशव प्रसाद मौर्य- बीजेपी का हाजमा बहुत ठीक है. एसपी-बीएसपी बीमारी है, वो उत्तर प्रदेश से समाप्त होनी चाहिए. जब ये बीमारी खत्म होगी तो जो अच्छे लोग हैं और जो अपराधी और भ्रष्टाचारी नहीं होंगे बीजेपी के दरवाजे उन अच्छे लोगों के लिए खुले रहेंगे. लेकिन, टिकट की शर्त पर उन्हें शामिल नहीं करा रहे हैं.

फ़र्स्टपोस्ट- लेकिन, आपके अपने कार्यकर्ताओं के बीच इस बात को लेकर नाराजगी भी है कि बाहरी लोग क्यों आ रहे है.

केशव प्रसाद मौर्य- बीजेपी लोकतांत्रिक पार्टी है कार्यकर्तावादी पार्टी है. कोई भी बात होती है तो कार्यकर्ता धमक के साथ खुलकर अपने नेता के पास आकर अपनी बात रखते हैं. लेकिन सबके मन में एक ही बात है. टिकट चाहे जिसे मिले कमल का फूल जरूर खिले. यूपी में कमल खिलेगा तो एसपी-बीएसपी नाम की बीमारी दूर हो जाएगी. यूपी के लिए अच्छा रहेगा.

Keshav Maurya

मौर्य 10 साल तक पार्टी के लिए काम करने वाले व्यक्ति को टिकट देने  को तैयार

फ़र्स्टपोस्ट- बाहरी लोगों के आने से क्या फायदा होगा पार्टी को.

केशव प्रसाद मौर्य- आगरा से राजाअरिदमन सिंह हैं जो बाह से विधायक हैं और उनकी पत्नी हैं जो खैरागढ़ से एसपी की प्रत्याशी थीं. दोनों पति-पत्नी बीजेपी में शामिल हो गए हैं. इन दोनों के बीजेपी में आने से बीजेपी की ताकत बढ़ेगी. खास तौर से आगरा और आस-पास के इलाके में ताकत ज्यादा बढ़ेगी.

फ़र्स्टपोस्ट- नेताओं के बेटे और रिश्तेदारों को टिकट देने पर नसीहत दी थी प्रधानमंत्री ने. फिर भी कई नेता-पुत्र दौड़ में हैं.

केशव प्रसाद मौर्य- मैंने पहले ही यह कहा है कि कोई व्यक्ति अगर दस साल से संगठन के लिए काम किया है तो उसे इस बात की सजा नहीं मिलनी चाहिए कि वो किस पिता का पुत्र है. लेकिन दस साल से कम काम किया है और टिकट की दावेदारी कर रहा है तो यह गलत है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Ganesh Chaturthi 2018: आपके कष्टों को मिटाने आ रहे हैं विघ्नहर्ता

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi