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यूपी चुनाव के नतीजे कांग्रेस का भविष्य भी तय कर देंगे !

नतीजों में हार कांग्रेस को झकझोर देने वाला होगा जिससे उबर पाना राहुल गांधी के लिए खासा मुश्किल हो सकता है

Amitesh Amitesh Updated On: Mar 09, 2017 07:20 PM IST

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यूपी चुनाव के नतीजे कांग्रेस का भविष्य भी तय कर देंगे !

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के पास खोने के लिए कुछ बचा नहीं है. लेकिन, कांग्रेस इस चुनाव में एसपी के साथ गठबंधन में जीत हासिल कर अपनी लाज जरूर बचा सकती है. यूपी के भीतर इस वक्त कांग्रेस नंबर चार की हैसियत में है.

कांग्रेस के रणनीतिकार '27 साल यूपी बेहाल' का नारा देकर बीजेपी, बीएसपी के साथ-साथ समाजवादी पार्टी की सरकार पर भी हमलावर थे. राहुल गांधी की खाट सभा से माहौल बनाने की कोशिश भी की गई. यहां तक कि शीला दीक्षित को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार भी घोषित कर दिया गया.

लेकिन, चुनाव के ऐन पहले पार्टी को अपनी ताकत का एहसास हो गया और कांग्रेस के रणनीतिकारों ने अपनी रणनीति बदलकर अखिलेश यादव के साथ मिलकर ही चुनाव लड़ने में भलाई समझी.

अखिलेश और राहुल की जोड़ी को आगे कर कांग्रेस की तरफ से नारा बदल दिया गया. अब '27 साल यूपी बेहाल' का नारा देने वाली कांग्रेस ने नया नारा दिया, 'यूपी को ये साथ पसंद है'. लेकिन, यूपी के लड़कों का ये साथ प्रदेश के लोगों को कितना पसंद आया है इस पर कांग्रेस की आगे की रणनीति निर्भर करेगी.

अगर यूपी के नतीजों में एसपी-कांग्रेस गठबंधन की जीत होती है तो उस सूरत में कांग्रेस भी इस जीत को जोर-शोर से प्रचारित करेगी.

कांग्रेस इसे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ-साथ सोनिया गांधी के कुशल नेतृत्व और उनकी मैनेजमेंट की तारीफ करती दिखेगी. कांग्रेस की तरफ से सबसे ज्यादा प्रचार इस बात का होगा कि बिहार की तरह ही गठबंधन ने बीजेपी को यूपी में पटखनी दे दी.

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यूपी में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन कर चुनाव मैदान में गए थे (फोटो: पीटीआई)

बीजेपी के खिलाफ बड़ा गठबंधन

चुनावी जीत के बाद कांग्रेस 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले बिहार, यूपी की तर्ज पर बाकी राज्यों में भी गठबंधन की कोशिश करेगी जिससे मोदी और बीजेपी के खिलाफ एक बड़ा गठबंधन तैयार किया जा सके.

इस जीत के बाद राहुल गांधी की कांग्रेस अध्यक्ष पद के तौर पर ताजपोशी भी जल्द हो सकती है.

लेकिन, हार की सूरत में कांग्रेस की कोशिश अखिलेश यादव के सिर हार का ठीकड़ा फोड़ने की होगी. कांग्रेस की तरफ से समाजवादी पार्टी के कुनबे में कलह और उसके बाद के हालात को जिम्मेदार ठहराने की पूरी कोशिश होगी.

कांग्रेस के लिए यूपी में हार उसके 2019 की उम्मीदों को झटका दे सकता है. कांग्रेस के रणनीतिकारों को लगता है कि यूपी में जीत के बाद कांग्रेस ये दिखाने की कोशिश करेगी कि बिहार से लेकर यूपी तक में वो सत्ता में है, चाहे जूनियर पार्टनर बनकर ही क्यों न हो.

लेकिन, हार हुई तो प्रदेश दर प्रदेश हार का सिलसिला कांग्रेस को अंदर तक झकझोर देने वाला होगा जिससे उबर पाना कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के लिए खासा मुश्किल हो सकता है.

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