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यूपी चुनाव: सपा की पहली लिस्ट के बाद कहीं खुशी कहीं गम

पार्टी की तरफ से जारी सूची में 191 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं.

Updated On: Jan 20, 2017 05:46 PM IST

Amitesh Amitesh

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यूपी चुनाव: सपा की पहली लिस्ट के बाद कहीं खुशी कहीं गम

समाजवादी पार्टी ने पहले तीन चरणों के चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है. पार्टी की तरफ से जारी सूची में 191 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं.

समाजवादी पार्टी के यूपी अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने सूची जारी की है. सबसे रोचक बात है कि मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई और अखिलेश यादव के विरोधी रहे शिवपाल सिंह यादव को इटावा की जसवंत नगर सीट से मैदान में उतारा गया है.

जसवंत नगर की सीट शिवपाल सिंह यादव की परंपरागत सीट रही है, जिस पर पहले शिवपाल सिंह यादव के बेटे आदित्य यादव को टिकट दिए जाने की बात की जा रही थी. लेकिन, अब शिवपाल खुद मैदान में होंगे.

अखिलेश यादव ने मुलायम सिंह यादव की तरफ ले सुझाए गए अधिकतर नामों पर मुहर नहीं लगाई है, लेकिन, पार्टी पर कब्जे की लड़ाई में अपनी जीत के बाद फिलहाल अखिलेश किसी दूसरे विवाद में नहीं पड़ना चाहते लिहाजा चाचा शिवपाल को फिर से टिकट दे दिया है.

मुलायम-शिवपाल के करीबियों का टिकट पहली लिस्ट में नहीं

पार्टी की सूची से ऐसे कई नाम नदारद हैं जिनको लेकर पहले विवाद भी हुआ था. पार्टी नेता और राज्यसभा सांसद बेनी प्रसाद वर्मा के बेटे राकेश वर्मा को बाराबंकी के रामनगर से टिकट नहीं मिला है. उनकी जगह पर अखिलेश यादव के करीबी कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप को चुनाव मैदान में उतारा गया है.

बाहुबली अतीक अहमद का टिकट भी कानपुर कैंट से काट दिया गया है. पार्टी की सूची में अतीक अहमद की जगह हसन रूमी को टिकट दिया गया है. हसन रूमी पिछले विधानसभा चुनाव में कानपुर कैंट से दूसरे नंबर पर रहे थे.

नेता पुत्रों को मिला टिकट

समाजवादी पार्टी की पहली सूची में कई नेता पुत्रों को भी जगह मिली है. इनमें कैबिनेट मंत्री और उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम खां को रामपुर की स्वार सीट से टिकट दिया गया है. अब्दुल्ला आजम खां पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं. जबकि, खुद आजम खां रामपुर से पार्टी टिकट पर ताल ठोकते नजर आएंगे.

पार्टी के राज्यसभा सांसद और पार्टी की अंदरूनी लड़ाई के वक्त अखिलेश के साथ खड़े रहे नरेश अग्रवाल के बेटे भी चुनाव मैदान में दिखेंगे. नरेश अग्रवाल के बेटे नितिन अग्रवाल को हरदोई से टिकट दिया गया है.

इसके अलावा समाजवादी पार्टी ने सरधना से बीजेपी के संगीत सोम के खिलाफ अतुल प्रधान, पुरकाजी से उमा किरण,मुजफ्फरनगर से गौरव स्वरूप और नोएडा से सुनील चौधरी को मैदान में उतारा है.

अब यूपी में गठबंधन कैसे होगा

बिना गठबंधन के ऐलान के समाजवादी पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की एकतरफा सूची जारी कर दी है. इनमें आरएलडी के प्रभाव वाली बागपत जिले की सीटें भी शामिल हैं. बागपत से राजपाल सिंह, बड़ौत से शौकिंदर तोमर और छपरौली से मनोज चौधरी अब साइकिल पर सवार होकर चुनाव में अपनी किस्मत आजमाएंगे.

हालाकि, आरएलडी के साथ गठबंधन की संभावना पहले ही खत्म हो गई थी. लेकिन, कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं. समाजवादी पार्टी ने अपनी सूची में उन सीटों पर भी अपने उम्मीदवारों के नाम का एलान कर दिया है जहां पहले से कांग्रेस के विधायक रहे हैं. मथुरा से कांग्रेस के प्रदीप माथुर और शामली से पंकज मलिक विधायक हैं. ऐसे में गठबंधन होने की सूरत में ये दोनों सीटें हर हाल में कांग्रेस के खाते में आनी थी.

लेकिन, इन दोनों सीटों पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार घोषित हो गए हैं. अब मथुरा से अशोक अग्रवाल और शामली से मनीष चौहान साइकिल की सवारी करेंगे. इसके अलावा अभी भी रायबरेली और अमेठी की सीटों को लेकर दोनों दलों में पेंच फंसा हुआ है. कांग्रेस रायबरेली और अमेठी को पार्टी का गढ़ बताकर 12 में से 9 सीटें चाहती है जबकि, समाजवादी पार्टी का तर्क है कि 12 में से 9 सीटों पर उसके अपने विधायक हैं, तो ये सीटें उसके खाते में आना चाहिए. इसके अलावा कांग्रेस चाहती है कि 15 सीटों पर उसके उम्मीदवार समाजवादी पार्टी के सिम्बल पर लड़े.

अब वक्त बेहद कम बचा है और अब तक गठबंधन की गांठ सुलझ नहीं पाई है. ऐसे में गठबंधन पर ग्रहण के कयास भी लगने लगे हैं.

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