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यूपी: चेहरे वही, सिंबल बदलते रहे... सियासी आस्‍था बदलने का ‘खेल’

यूपी में चुनाव नजदीक आते ही हित साधने के लिए सियासी आस्‍था बदलने का खेल शुरू हो गया है.

Om Prakash Updated On: Jan 05, 2017 12:28 PM IST

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यूपी: चेहरे वही, सिंबल बदलते रहे... सियासी आस्‍था बदलने का ‘खेल’

यूपी में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही हित साधने के लिए सियासी आस्‍था बदलने का खेल शुरू हो गया है. उसूलों की बात करने वाली पार्टियों को दूसरे दलों के बागियों से कोई परहेज नहीं है. सभी को एक दूसरे के बागी नेता राजनीतिक बिसात में जिताऊ मोहरे की तरह नजर आ रहे हैं. जो कल तक बसपा की कसमें खाते नहीं थकते थे आज भाजपा की खूबियां गिना रहे हैं. जो जीवन भर कांग्रेसी रहने की बात करते थे आज भाजपा, सपा और बसपा का दामन थाम चुके हैं. यकायक इनके झंडे और राजनीतिक इष्‍ट देव बदल गए.

हम आपको यूपी के कुछ ऐसे विधानसभा क्षेत्रों की जानकारी दे रहे हैं जिनमें अक्‍सर सिर्फ सिंबल बदलते हैं. चेहरे वही रहते हैं.

bjp maharally lucknow

1. जलालपुर (अंबेडकर नगर) विधानसभा क्षेत्र से इस समय शेर बहादुर समाजवादी पार्टी के विधायक हैं, लेकिन इनकी राजनीतिक यात्रा लगभग सभी पार्टियों से गुजरी है. इसी सीट पर 1980 में कांग्रेस, 1985 में निर्दलीय, 1996 में भाजपा और 2007 में बसपा से विधायक रह चुके हैं. बताया जाता है कि 2017 के विधानसभा चुनाव के लिए अब उनकी आस्‍था कमल के फूल के साथ जुड़ गई है.

Bahraich: Congress Vice-President Rahul Gandhi

Bahraich: Congress Vice-President Rahul Gandhi

2. रायबरेली विधानसभा सीट पर 1993 से अब तक अखिलेश कुमार सिंह कायम हैं। 2012 में वह पीस पार्टी से विधायक चुने गए. इससे पहले 2007 में निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत दर्ज की थी. साल 2002, 1996 और 1993 में वह कांग्रेस के चुनाव चिन्‍ह पर विधायक रहे.

BSP

3. सिसवा (महराजगंज) से विधायक शिवेंद्र सिंह इस समय समाजवादी पार्टी से विधायक हैं। लेकिन उन्‍होंने दूसरी बड़ी पार्टियों को भी अपनी सियासी तरक्‍की का हथियार बनाने में चूक नहीं की. उन्‍होंने 1985, 1991 में कांग्रेस, 1996 में बसपा और 2002 में भाजपा की टिकट लेकर विधानसभा की सीट पक्‍की की थी.

SP

4. मऊ के बाहुबली विधायक मुख्‍तार अंसारी 1996 से लगातार विधायक हैं. इस समय वह कौमी एकता दल से विधायक हैं। वर्ष 2007 और 2002 में निर्दलीय चुनाव लड़े और जीते. सिंबल अलग-अलग रहे. जबकि 1996 में उन्‍होंने चुनाव जीतने के लिए हाथी (बसपा) की सवारी की थी. 2017 के चुनाव के लिए वह मुलायम सिंह यानी साइकिल के साथ है.

Lucknow: BJP supporters at the party's Parivartan Rally in Lucknow on Monday. PTI Photo by Nand Kumar (PTI1_2_2017_000181B)

Lucknow: BJP supporters at the party's Parivartan Rally in Lucknow on Monday. PTI Photo by Nand Kumar (PTI1_2_2017_000181B)

5. बाह (आगरा) विधानसभा सीट पर राजा महेंद्र अरिदमन सिंह इस वक्‍त समाजवादी पार्टी से विधायक हैं. लेकिन इतिहास देखें तो ये भाजपा और जनता दल से भी चुनाव लड़कर विधायक बन चुके हैं. वह इसी सीट पर 1993 में जनता दल, 1996 और 2002 में भाजपा से विधायक रह चुके हैं.

(न्यूज 18 इंडिया डॉटकॉम की टीम ने उत्‍तर प्रदेश के ऐसे प्रभावशाली लोगों की जानकारी देनी शुरू की है जो बीते तीन या उससे अधिक के चुनावों में लगातार जीतते रहे हैं. फिर चाहे उन्‍होंने पार्टी बदली हो या निर्दलीय प्रत्‍याशी के तौर पर किस्‍मत आजमाई हो. इस सीरीज की अगली कड़ी में हम ऐसे नेताओं के बारे में बताएंगे जो लगातार जीतते आए हैं)

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