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मुगल शासक हमारे पूर्वज नहीं ‘लुटेरे’ थे, स्कूली किताब से हटाए जाएंगे: उप-मुख्यमंत्री

यूपी सरकार मुगल शासकों के इतिहास को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम में अपने हिसाब से 30 फीसदी तक बदलाव करेगी

Updated On: Sep 13, 2017 06:59 PM IST

Bhasha

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मुगल शासक हमारे पूर्वज नहीं ‘लुटेरे’ थे, स्कूली किताब से हटाए जाएंगे: उप-मुख्यमंत्री

यूपी के उप-मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा है कि मुगल शासक हमारे पूर्वज नहीं, बल्कि ‘लुटेरे’ थे और अब यही इतिहास लिखा जाएगा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसके लिये पाठ्यक्रम में बदलाव भी करेगी.

शर्मा बुधवार को जौनपुर में पूर्व मंत्री उमानाथ सिंह की 23वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे. उन्होंने कहा मुगल शासक हमारे पूर्वज नहीं बल्कि ‘लुटेरे’ थे. जिन मुगल शासकों ने गलत काम किया है, हम उन्हें लुटेरे मानते हैं. जिन्होंने अच्छे काम किए हैं, उनकी हम प्रशंसा करते हैं. बाबर और औरंगजेब लुटेरे थे. शाहजहां हाथ काटने वाला था. वहीं, मंगल पांडे ने जब क्रांति की शुरुआत की तो बहादुर शाह जफर ने इसका समर्थन किया था, इसलिए हम उनका कोई विरोध नहीं करते.’

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उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा

दिनेश शर्मा ने हालांकि यह भी कहा, ‘हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं. मैं पूजा करने के साथ मजार, गुरुद्वारे और गिरजाघर भी जाता हूं. आज के आधुनिकता के दौर में हम अपनी वास्तविक्ता को भूल रहे हैं. हम पाठ्यक्रम में अपने हिसाब से 30 फीसदी तक बदलाव करेंगे. अकबर ने अच्छे काम किए होंगे तो वो इतिहास के पन्नों में रहेंगे. इतिहासकार यह तय करेंगे कि अकबर को कहां जगह मिलेगी.’

शर्मा ने कहा कि बहादुर शाह जफर अच्छे मुगल शासक थे. यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने म्यांमार दौरे में उनकी मजार पर गए थे. जिस संस्कृति में गद्दी के लिए बेटा अपने पिता की हत्या तक कर देता हो, ताजमहल बनाने वालों के हाथ काट दिए जाएं, वह हमारी संस्कृति नहीं हो सकती. हमारी संस्कृति तो कलाकारों, वैज्ञानिकों को सम्मान देने की रही है.

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