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योगी आदित्यनाथ के खिलाफ 19 साल पुराने हत्या के मामले में नोटिस जारी

विपक्षी दलों समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने योगी आदित्यनाथ के तत्काल इस्तीफे की मांग शुरू कर दी है और कहा है कि योगी आदित्यनाथ के राजनीतिक प्रभाव से मुकदमा और पीड़ित लोग प्रभावित हो सकते हैं

Updated On: Sep 25, 2018 07:39 PM IST

FP Staff

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योगी आदित्यनाथ के खिलाफ 19 साल पुराने हत्या के मामले में नोटिस जारी

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को एक बड़ा झटके देते हुए मंगलवार को एक सेशन्स कोर्ट ने उनके खिलाफ 19 साल पुराने हत्या के मामले में नोटिस जारी करने का आदेश दिया है.

मामला 1999 का है, जिसमें एक प्रदर्शन के दौरान तब समाजवादी पार्टी के नेता तलत अज़ीज़ के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर सत्य प्रकाश यादव मारे गए थे. पुलिस की फाइल के मुताबिक, महाराजगंज में एक प्रदर्शन के दौरान योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक समूह द्वारा प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग में यादव की हत्या कर दी गई थी.

इस साल मार्च में सेशन्स कोर्ट ने तलत अजीज द्वारा मामले को फिर से खोलने की अपील को ठुकरा दिया था. इसके तुरंत बाद उन्होंने लखनऊ हाईकोर्ट में एक समीक्षा याचिका दायर की, जिसमें हाईकोर्ट ने सेशन्स कोर्ट को केस फिर से खोलने का निर्देश दिया.

न्यूज18 के मुताबिक अब महाराजगंज में सेशन्स कोर्ट ने आदेश दिया है कि इस मामले में आगे के मुकदमे के लिए योगी आदित्यनाथ सहित अन्य सभी आरोपियों को नोटिस जारी किया जाए. अदालत ने सीएम योगी के नोटिस का जवाब देने के लिए एक हफ्ते का समय भी दिया है. 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले अब राजनीति गर्म हो गई है. 19 साल पुराना ये मामला अब उस आग में घी का काम कर सकता है.

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विपक्षी दलों ने मांगा सीएम का इस्तीफा:

विपक्षी दलों समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने योगी आदित्यनाथ के तत्काल इस्तीफे की मांग शुरू कर दी है और कहा है कि योगी आदित्यनाथ के राजनीतिक प्रभाव का शिकार मुकदमा लड़ने वाले और पीड़ित हो सकते हैं.

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता सुनील सिंह साजन ने कहा, 'हम सभी को पता है कि हमारे मुख्यमंत्री के खिलाफ कुछ गंभीर आरोप हैं और अब भी कोर्ट ने 19 साल पुराने हत्या के मामले में उनके खिलाफ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है. हम सीएम योगी आदित्यनाथ के तत्काल इस्तीफे की मांग करते हैं. क्योंकि अगर ट्रायल शुरु होता है तो वह पीड़ितों को प्रभावित कर सकता है और नुकसान भी पहुंचा सकता है.'

यूपी कांग्रेस के प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने कहा, 'मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों के खिलाफ कुछ गंभीर मामले दर्ज किए गए हैं, जिन्हें वे राजनीतिक रूप से प्रेरित कहकर खत्म करने की कोशिश कर रहे थे. इस मामले में कार्रवाई करने और नोटिस जारी करने के लिए हम कोर्ट के आभारी हैं. जब तक ट्रायल चल रहा है मुख्यमंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. नहीं तो पीड़ितों को धमकी दी जा सकती है और प्रभावित किया जा सकता है. यह बड़े ही दुख की बात है कि 300 से अधिक विधायकों वाले बीजेपी को मुख्यमंत्री के पद के लिए एक साफ सुथरी छवि वाला व्यक्ति नहीं मिला.'

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