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अखिलेश के हज हाउस की टक्कर में योगी का मानसरोवर हाउस

सीएम योगी से पहले यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गाजियाबाद में आला हजरत हज हाउस का शिलान्यास किया था

FP Staff Updated On: Aug 31, 2017 03:03 PM IST

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अखिलेश के हज हाउस की टक्कर में योगी का मानसरोवर हाउस

यूपी में योगी सरकार पूर्व की अखिलेश सरकार को हर पैमाने पर टक्कर देना चाहती है. चाहे वो पुरानी सरकार की योजनाएं रद्द करना हो या फिर हज हाउस गेस्ट की टक्कर में मानसरोवर गेस्ट हाउस बनाना हो. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर हाउस का शिलान्यास किया. ये श्रद्धालुओं के लिए उत्तर प्रदेश में बनने वाला दूसरा मुख्य सरकारी गेस्ट हाउस है.

इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि इस भवन से उत्तर प्रदेश के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसे भारत का सपना देखा है जहां 2022 तक भ्रष्टाचार नहीं होगा और महिलाएं सुरक्षित रहेंगी

सीएम योगी से पहले यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गाजियाबाद में आला हजरत हज हाउस का उद्घाटन किया था. अखिलेश ने सितंबर, 2016 में हिंडन नदी के पास इसकी बिल्डिंग का उद्घाटन किया था. हालांकि हज हाउस किसी श्रद्धालु के काम नहीं आ रहा है, क्योंकि इस पर एनजीटी के आदेश के बाद से स्टे लगा हुआ है.

वहीं कैलाश मानसरोवर गेस्ट हाउस करीब 50 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा और 500 श्रद्धालुओं को पनाह देगा. ये गेस्टहाउस 8,125 स्कवॉयर मीटर्स के क्षेत्र में बनेगा और इसमें 1000 स्कवॉयर मीटर का गार्डन भी होगा. यूपी की टूरिज्म मिनिस्टर रीता बहुगुणा जोशी ने इसे अहम कदम बताया और सीएम की तारीफ की. उन्होंने कहा कि मैं खुश हूं कि सीएम ने निर्माण कार्य को इतनी जल्दी हरी झंडी दी.

इस गेस्टहाउस से कैलाश मानसरोवर के यात्रियों को जरूर लाभ पहुंचेगा. वहीं पूर्व की अखिलेश सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, पिछली सरकार ने टूरिज्म को नजरअंदाज किया. श्रद्धालुओं के लिए इस तरह की सुविधाएं पहले ही शुरू हो जानी चाहिए थी. अखिलेश सरकार ने खासतौर पर यूपी टूरिज्म को कभी बढ़ावा नहीं दिया.

Kailash Mansarover

वहीं गाजियाबाद में हिंडन नदी के किनारे बने आला हजरत हज हाउस की बात करें, तो ये गेस्टहाउस तैयार है, लेकिन किसी काम नहीं आ रहा. एनजीटी ने इस पर इसलिए रोक लगाई है, क्योंकि इससे हिंडन नदी प्रभावित होगी और ये जल अधिनियम 1974 का उल्लंघन करता है.

हज हाउस के खिलाफ एनजीटी का रुख करने वाले पर्यावरणविद् अकाश वशिष्ठ ने कहा, मैंने देखा कि हज हाउस हिंडन नदी के बेहद पास बना है. रेवेन्यू रिकॉर्ड्स में जमीन को झील बताया गया है. एनजीटी के नियमों के मुताबिक जल स्रोतों पर निर्माण की अनुमति नहीं है. लेकिन सब के बावजूद सरकार ने हज हाउस बनवाया. वहीं कैलाश मानसरोवर के लिए भी जब जमीन खोजने का वक्त आया, तो योगी सरकार ने भी नदी के किनारे का ही हिस्सा चुना. उन्हें पता था कि हज हाउस को लेकर याचिका दायर है. हालांकि काफी देरी के बाद में योगी सरकार ने कैलाश मानसरोवर गेस्ट हाउस को बनाने की जगह बदलकर इंदिरापुरम कर दी.

टूरिज्म मिनिस्टर जोशी के मुताबिक योगी सरकार की प्राथमिक्ता राज्यभर में धार्मिक टूरिज्म फैलाने की है. यूपी के पास हर धर्म के लिए बहुत कुछ है. ये शर्म की बात है कि फिर भी उनके पास उचित सुविधाएं नहीं है. मौजूदा सरकार इस चीज को अपनी प्राथमिक्ता बनाएगी.

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