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यूपी निकाय चुनाव: दलित-मुस्लिम समीकरण से AIMIM ने की यूपी में धमाकेदार इंट्री

यूपी नगर निकाय चुनाव में एआईएमआईएम ने अलग-अलग जिलो में करीब 26 सीटें हासिल की हैं

Updated On: Dec 01, 2017 07:45 PM IST

FP Staff

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यूपी निकाय चुनाव: दलित-मुस्लिम समीकरण से AIMIM ने की यूपी में धमाकेदार इंट्री

उत्तर प्रदेश की राजनीति में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन यानी एआईएमआईएम ने अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है.

निकाय चुनाव में एआईएमआईएम के प्रदर्शन ने एसपी, बीएसपी और कांग्रेस के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं. यूपी के नगर निकाय चुनाव में पार्टी ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है. उससे साफ हाता है कि एआईएमआईएम को मुस्लिम और दलित वोटर नए विकल्प के तौर पर देखने लगे हैं.

यूपी नगर निकाय चुनाव में एआईएमआईएम ने अलग-अलग जिलो में करीब 26 सीटें हासिल की हैं. वहीं पार्टी ने पूरे प्रदेश में सिर्फ एक मेयर प्रत्याशी फिरोजाबाद में खड़ा किया था. पहली बार के चुनाव में ही एआईएमआईएम के प्रत्याशी ने एसपी और बीएसपी जैसी दिग्गज पार्टियों को पीछे छोड़ दिया.

हालांकि वह बीजेपी के हाथों हार गए लेकिन इस प्रदर्शन ने प्रदेश की सियासत में नया रंग जरूर भर दिया. फिरोजाबाद के मेयर चुनाव में बीजेपी की नूतन राठौर ने 98932 वोट हासिल किए. उन्होंने ऑल एआईएमआईएम की मशहूर फातिमा को मात दी. फातिमा ने 56536 वोट हासिल किए. खास बात ये रही कि समाजवादी पार्टी की सावित्री गुप्ता यहां 45925 और बीएसपी की पायल राठौर 41528 वोट ही हासिल कर सकीं.

इसी तरह कानपुर में चुन्नीगंज वार्ड संख्या 3 से एमआईएम के प्रत्याशी शरद कुमार सोनकर ने जीत दर्ज की. पार्टी ने पहली बार कानपुर में खाता खोला. उन्होंने एसपी प्रत्याशी को 800 वोट से मात दी.

आरोपों का जवाब हैं नतीजे

पार्टी की इस जीत पर एआईएमआईएम गदगद है. पार्टी के उत्तर प्रदेश के संयोजक शौकत अली कहते हैं कि निकाय चुनाव का परिणाम उन लोगों को जवाब है, जो ये इल्जाम लगाते थे कि एआईएमआईएम बीजेपी की एजेंट है.

हमने मेयर चुनाव के लिए सिर्फ एक सीट फिरोजाबाद की चुनी थी. वहां हम दूसरे नंबर पर आए. वहीं समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी यहां तीसरे और चौथे नंबर की पार्टी रही. इसके अलावा एमआईएम ने करीब 26 सीटें प्रदेश में जीती हैं, जिनमें फिरोजाबाद में 10 सीटें, कानपुर और इलाहाबाद सहित तमाम शहर शामिल

शौकत अली कहते हैं कि हमें बीजेपी का एजेंट कहने वाली समाजवादी पार्टी से हमारा सवाल है कि यूपी में 14 सीटें बीजेपी जीतकर आई है, सभी जगह उनके प्रत्याशी थे. तो बीजेपी का एजेंट कौन हुआ. उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम की जीत निश्चित रूप से ये मुस्लिम और दलितों की जीत है.

शौकत अली कहते हैं कि हम मजलूमों की राजनीति करते हैं और मुसलमान 70 साल से ठगा महसूस कर रहा है. वहीं दलितों की स्थिति भी बेहद खराब है. हमने चुनाव में दलितों को सबसे ज्यादा टिकट दिए थे क्योंकि हम दलित मुस्लिम वंचित समाज की सियासत करते हैं.

(न्यूज18 हिंदी के लिए अजयेंद्र रंजन की रिपोर्ट)

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