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गुजरात: मॉब लिंचिंग के डर से यूपी, बिहार और एमपी के लोगों का पलायन जारी, 342 लोग गिरफ्तार

डीजीपी शिवानंद झा ने बताया कि इस हिंसा से 6 जिले प्रभावित हैं. मेहसाना और साबरकांठा में ज्यादा प्रभाव दिखाई दे रहा है

Updated On: Oct 08, 2018 11:11 AM IST

FP Staff

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गुजरात: मॉब लिंचिंग के डर से यूपी, बिहार और एमपी के लोगों का पलायन जारी, 342 लोग गिरफ्तार

गुजरात के साबरकांठा में 14 महीने की बच्ची के साथ रेप के मामले में वहां रहने वाले यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश के लोग लगातार अपने घर वापस लौट रहे हैं. उन पर लगातार हो रहे हमले और मॉब लिंचिंग का डर इसकी प्रमुख वजह है.

डीजीपी शिवानंद झा ने बताया कि इस हिंसा से 6 जिले प्रभावित हैं. मेहसाना और साबरकांठा में ज्यादा प्रभाव दिखाई दे रहा है. यहां 42 केस दर्ज किए गए हैं और 342 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

पीड़ित ठाकोर समुदाय से संबंधित है इसलिए पिछले चार-पांच दिनों से ठाकोर समुदाय द्वारा अहमदाबाद, मेहसाना, गांधीनगर, पाटन, साबरकांठा, बनासकांठा और अरावली जिले में यूपी बिहार और दूसरे राज्यों से गुजरात आकर काम करने वाले मजदूरों पर हमले किए जा रहे हैं.

राज्य सरकार द्वारा साबरकांठा, अरावली और मेहसाना में 100 इंडस्ट्री यूनिटों को अतिरिक्त सुरक्षा दी गई है. पिछले हफ्ते से हो रही हिंसा के बाद से पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर रही है. साबरकांठा के इंडस्ट्री एसोशिएशन ने गुजरात के सीएम विजय रूपानी और डिप्टी सीएम नितिन पटेल से मुलाकात की थी और उनसे इंडस्ट्री और उसमें काम करने वाले मजदूरों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की थी.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक अहमदाबाद के चाणक्यपुरी फ्लाईओवर के नीचे बस का इंतजार कर रहे कुछ प्रवासियों ने कहा कि मकान मालिकों ने घर खाली करने को कहा है. वहीं मध्य प्रदेश में रहने वाली राजकुमारी जाटव कहती हैं कि मेरे बच्चे गुरुवार को बाहर खेल रहे थे तभी भीड़ ने उन पर हमला कर दिया.

राजकुमारी बताती हैं कि उनके बच्चे अभी तक सदमे में हैं. उन्हें शांत कराने के लिए डॉक्टर के पास ले जाना पड़ा. राजकुमारी अपने परिवार के साथ अहमदाबाद के चंदौली इलाके में रहती हैं. मॉब लिंचिंग के डर से उनके पड़ोसी भी अब राज्य छोड़कर जा रहे हैं.

कांग्रेस विधायक और एआईसीसी के सचिव अल्पेश ठाकोर ने इस हिंसा पर कहा था कि 72 घंटों के अंदर उनके समुदाय के सदस्यों के ऊपर से मामला वापस ले लिया जाए. अल्पेश ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान बताया था कि वह केवल शांति चाहते हैं. इस तरह के हमलों के पीछे उनका कोई हाथ नहीं है. उन्होंने बताया कि हो सकता है कि उनके कुछ सदस्य इस तरह के विरोध में शामिल हों लेकिन उन्होंने इस तरह का कोई निर्देश नहीं दिया है.

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