S M L

सपा में सुलह पर सस्पेंस: आजम लगे हैं लेकिन लगता नहीं कुछ हो पाएगा!

सूत्रों के मुताबिक शनिवार को मुलायम सिंह यादव प्रेस कांफ्रेंस करके पार्टी के टूटने की घोषणा कर सकते हैं.

Updated On: Jan 07, 2017 05:22 PM IST

FP Staff

0
सपा में सुलह पर सस्पेंस: आजम लगे हैं लेकिन लगता नहीं कुछ हो पाएगा!

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है. समाजवादी पार्टी में मचे घमासान का कोई अंत नजर नहीं आ रहा. 6 जनवरी को भी सुलह की काफी कोशिश हुई. दिन भर मुलायम के बीच कई राउंड की बातचीत हुई लेकिन नतीजा नहीं निकला.

6 जनवरी को रात 12 बजे तक मुलायम के आवास पर बैठक होती रही. अखिलेश और मुलायम के बीच सुलह की कोशिश कर रहे आजम खान रात 12 बजे मुलायम आवास से निकले.

एसपी में सुलह की कोशिशें चरम पर, लेकिन सुलह होने के आसार बहुत ही कम है.

शिवपाल अखिलेश की मुलाकात भी नाकाम 

6 जनवरी को सुबह शिवपाल अखिलेश से मिलने पहुंचे. बताया जा रहा है कि शिवपाल ने अपना इस्तीफा और अमर सिंह के इस्तीफे की बात कही. शिवपाल ने कहा कि दोनों ही लोग पद त्याग देंगे लेकिन नेताजी को राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद लौटा दिया जाए. उनका अपमान नहीं होना चाहिए. लेकिन इस पर भी अखिलेश तैयार नहीं हैं.

इसके बाद सुबह से शाम तक मुलाकातों और बातचीत के कई दौर के बाद मुलायम सिंह यादव ने प्रेस कांफ्रेंस बुलाई थी. जिसे आखिरी समय में सुलह की कोशिश कर रहे आजम खान ने प्रेस कांफ्रेंस रद्द करा दी.

बताया यही जा रहा है कि रामगोपाल को चुनाव आयोग जाने से आजम खान ने ही रोका था. रामगोपाल ने 6 जनवरी को 3 बजे चुनाव आयोग से मिलने का समय मांगा था.

सुबह से सुलह के फॉर्मूले पर दोनों पक्षों के नेताओं में सहमति बनाने की कोशिशें होती रहीं. बताया जा रहा है कि अमर सिंह ने मुलायम से कह दिया कि वह सुलह के लिए पीछे हटने को तैयार हैं और वह त्यागपत्र दे देंगे. वहीं शिवपाल भी राष्ट्रीय राजनीति में जाने का तैयार हैं.

Shivpal Yadav

शिवपाल यादव को लेकर अखिलेश का मुलायम सिंह से विरोध है

अखिलेश राष्ट्रीय अध्यक्ष पद छोड़ना नहीं चाहते 

एसपी सूत्रों की मानें तो अखिलेश यादव हर हाल में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद अपने पास रखना चाहते हैं. वह चाहते हैं कि अमर सिंह को सपा से बाहर करने का ऐलान किया जाए और शिवपाल प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़ें. टिकट बांटने में वह पूरी आजादी चाहते हैं.

इधर मुलायम खेमा भी अध्यक्ष पद पर दावा छोड़ने को तैयार नहीं है. उनकी शर्त है कि रामगोपाल को पार्टी से बाहर रखा जाय और शिवपाल को केंद्रीय राजनीति में अहमियत व बेटे को टिकट दिया जाए. टिकट बांटने में शिवपाल व मुलायम समर्थकों को तवज्जो मिले.

सूत्र बताते हैं कि अमर सिंह ने खुद को पीछे करने के लिए तैयार कर लिया है. उन्होंने मुलायम सिंह यादव से कह दिया है कि अगर उनको किनारे कर देने या निकाल देने से सुलह हो जाती है तो वह इसके लिए तैयार हैं. उन्हें कोई एतराज नहीं है.

उधर, शिवपाल यादव भी अखिलेश यादव खेमे की इस शर्त को मानने को तैयार हैं कि वह प्रदेश अध्यक्ष नहीं रहेंगे और प्रदेश की राजनीति के बजाए केंद्रीय राजनीति में जाएंगे. वह पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बनने को तैयार हैं. पर उनकी शर्त भी है कि अनुशासनहीनता करने वाले व मुलायम सिंह यादव के खिलाफ बोलने वाले रामगोपाल यादव पर कोई न कोई कार्रवाई तो होनी ही चाहिए.

शनिवार को भी मान मनौव्वल का दौर अभी भी जारी है. आज़म खान एक बार फिर से मुलायम सिंह यादव से मिलने गए. हालांकि इस बात की उम्मीद कम ही है कि कोई रिजल्ट सामने आए. इसकी मुख्य वजह है कि अखिलेश यादव राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद छोड़ने को तैयार नहीं हैं और मुलायम इसे अपना अपमान मान रहे हैं.

कुछ सूत्रों के मुताबिक शनिवार को मुलायम सिंह यादव प्रेस कांफ्रेंस करके पार्टी के टूटने की घोषणा कर सकते हैं.

इस बीच अखिलेश यादव के वकील मुलायम सिंह यादव के आवास से निकलने के बाद कहा कि एसपी के चुनाव चिह्न को लेकर वे चुनाव आयोग में रामगोपाल यादव की तरफ से जवाब दाखिल करने जा रहे हैं.

साभार: प्रदेश18 

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
KUMBH: IT's MORE THAN A MELA

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi