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यूपी चुनाव 2017: पीएम मोदी की आज अलीगढ़ में रैली

पीएम मोदी अलीगढ़ में रैली को संबोधित करेंगे

Updated On: Feb 05, 2017 02:13 PM IST

FP Staff

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यूपी चुनाव 2017: पीएम मोदी की आज अलीगढ़ में रैली

प्रधानमंत्री मोदी रविवार को यूपी के अलीगढ़ में एक रैली को संबोधित करेंगे. शनिवार को उन्होंने मेरठ में रैली की थी. मेरठ की रैली में उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर नोटबंदी तक बीजेपी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं थी.

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के मुताबिक अलीगढ़ की रैली के लिए दोपहर एक बजे वो नई दिल्ली के सफदरजंग हवाई अड्डे से रवाना होंगे. दोपहर करीब 1.50 बजे उनका चॉपर अलीगढ़ के नुमाइश ग्राउंड के हेलीपैड पर लैंड करेगा. प्रधानमंत्री दो से तीन बजे तक जनसभा को संबोधित करेंगे. इसके बाद वो वापस दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे.

अलीगढ़ के पास के करीब छह विधानसभाओं के मद्देनजर पीएम की रैली की गई है. इस रैली के असर में अलीगढ़ शहर के अलावा पास के कोल, अतरौली, छर्रा, बरौली, खैर, इगलास और हाथरस के विधानसभा क्षेत्र आएंगे. इन सारे विधानसभा क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं के पहुंचने का अनुमान है.

अतरौली विधानसभा क्षेत्र कल्याण सिंह का गढ़ माना जाता है. यहां से इस बार उनके पोते संदीप सिंह चुनाव लड़ रहे हैं.

मेरठ की रैली में जमकर बरसे पीएम मोदी

शनिवार को मेरठ की रैली में पीएम मोदी ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव के प्रति आक्रामक रुख अख्तिायार किया था. उन्होंने केंद्र सरकार की उपलब्धियों का बखान किया और जनता से भ्रष्टाचार व 'माफियाराज' के खिलाफ मतदान करने की अपील की.

कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को निशाने पर लेते हुए उन्होंने सपा-कांग्रेस गठबंधन पर कटाक्ष किया. मोदी ने कहा, "पहले कई गठबंधन देखे, लेकिन ऐसा गठबंधन नहीं देखा कि जो पहले एक दूसरे पर हमला बोलते थे, अब गले मिल रहे हैं. जो खुद को नहीं बचा सकते, वो उप्र को क्या बचाएंगे."

मेरठ के शताब्दीनगर में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक पर दुनिया के कई देशों में रिसर्च हो रही है और यहां तक कि कई राजनीतिक दल इसको राजनीतिक मुद्दा बनाने में जुटे हुए थे.

फिर लहराया सर्जिकल स्ट्राइक का मुद्दा

मोदी ने कहा कि एक तरफ जहां सर्जिकल स्ट्राइक कई देशों के लिए पहेली बनी हुई है, वहीं यहां के कई राजनीतिक दलों को चिंता इस बात की है कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारतीय जवान सही सलामत कैसे लौट आए.

प्रधानमंत्री ने कहा, "उन्हें इस बात की चिंता है कि भारतीय जवान कैसे बच गए. हमें तो इस तरह की राजनीति पर काफी पीड़ा होती है. क्या राजनीति का स्तर इतना गिर सकता है."

वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, "जवानों के लिए यह योजना पिछले 40 वर्षो से अटकी हुई थी, लेकिन केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद तुरंत इसको अमली जामा पहनाया गया. इस फैसले से सरकार पर लगभग 12,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार भी पड़ा. लेकिन जवानों के हित के लिए सरकार ने यह कदम उठाया."

सपा-बसपा-कांग्रेस तीनों निशाने पर

मोदी ने शनिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता को 'स्कैम' से मुक्ति दिलाना है. उन्होंने कहा कि यूपी से गुंडाराज का खात्मा करना है, ताकि बहन-बेटियों की सुरक्षा की जा सके. मोदी ने स्कैम का मतलब समझाते हुए कहा, "एस मतलब सपा, सी मतलब कांग्रेस, ए मतलब अखिलेश और एम मतलब मायावती."

उन्होंने कहा, "मुझे प्रदेश के लिए और कुछ करना बाकी है. मैं उत्तर प्रदेश को लाभ पहुचाना चाहता हूं, लेकिन यहां की सरकार रुकावट डाल रही है. इसलिए इनको हटाना बहुत जरूरी है. मेरठ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास का द्वार है."

यूपी में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़ा करते हुए मोदी ने कहा, "उत्तर प्रदेश के आन-बान और शान की ताकत मेरठ में है, लेकिन हालात ये हैं कि यहां यह गारंटी नहीं कि कोई आदमी शाम को सही सलामत घर लौटेगा. यहां व्यापारियों की सरेआम हत्या की जा रही है. प्रदेश में गुंडों का राज है."

केंद्र सरकार के दिए पैसे खर्च नहीं कर पाती यूपी सरकार

प्रधानमंत्री ने अखिलेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षो में यूपी में किसानों की जमीनों पर अवैध कब्जे हुए. पूरा प्रदेश भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है. लेकिन इस चुनाव में उप्र से 'माफियाराज' को हटाने के लिए मतदान करना होगा.

उन्होंने कहा, "उप्र की जनता की बेहतरी के लिए जितना संभव है, उतना मैं करता हूं. लेकिन एक बात कहना चाहता हूं कि यूपी का कर्ज मेरे ऊपर है. यह कर्ज चुकाना है. यूपी की जनता का बहुत स्नेह और प्यार मिला है."

मोदी ने आगे कहा, "गरीबों, माता-बहनों को बीमारी में सरकार की ओर से मदद मिले, इसलिए भारत सरकार ने करीब चार हजार करोड़ रुपये यूपी सरकार को मदद के लिए दिए हैं. लेकिन मुझे बड़े दुख के साथ कहना पड़ा रहा है कि 2014-15 में ढाई हजार करोड़ रुपये भी सरकार नहीं खर्च कर पाई है. हिसाब देने से कतराते रहते हैं."

उन्होंने कहा, "2015-16 में यह मदद बढ़ा दी गई. सात हजार करोड़ रुपये सरकार को दिए गए, लेकिन इसके बावजूद 2800 करोड़ रुपये भी नहीं खर्च किए गए हैं."

प्रधानमंत्री ने कहा कि क्या बीमार की भी जाति होती है क्या? क्या उनका वोटबैंक होता है? लेकिन ये उप्र की सरकार हर चीज वोटबैंक के तराजू से तौलती रही है.

प्रधानमंत्री ने कहा, "आजादी के 70 साल बाद हर परिवार के पास अपना घर होना चाहिए. मैंने पीड़ा उठाया है कि 2022 में जब आजादी के 75 साल होंगे तो सभी परिवारों के पास अपना घर होगा. इसमें राज्यों को ऐसे लोगों की सूची केंद्र सरकार के पास भेजनी थी, जिसके पास मकान नहीं है. भारत सरकार यूपी सरकार को चिट्ठी लिखती रही कि मकानों के जरूरतमंदों की सूची दे, लेकिन अभी तक नहीं मिली."

गन्ना किसानों का जिक्र करते हुए कहा, "मैं यूपी से पूछता हूं कि बताएं कि चीनी मिलों से आपका क्या रिश्ता है. छह चीनी मिलें किसानों का पैसा नहीं देती है, लेकिन सरकार कुछ नहीं कर रही है."

उन्होंने कहा कि क्या कारण है कि 97 फीसदी किसानों को उनके भाग्य पर सरकार छोड़ देती है.

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