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पदयात्रा रोककर पॉलिटिकल माइलेज लेने की फिराक में अमित शाह

शाह ने मेरठ की अपनी पदयात्रा स्थानीय व्यापारी अभिषेक वर्मा की हत्या के विरोध में रोक दी.

Updated On: Feb 03, 2017 02:31 PM IST

Amitesh Amitesh

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पदयात्रा रोककर पॉलिटिकल माइलेज लेने की फिराक में अमित शाह

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने पश्चिमी यूपी के मेरठ की अपनी पदयात्रा आखिरी वक्त पर रोक दी. अमित शाह ने एक दिन पहले ही मेरठ के व्यापारी अभिषेक वर्मा की हत्या के विरोध में ऐसा कदम उठाया.

एक दिन पहले ही मेरठ के युवा व्यापारी अभिषेक वर्मा की हत्या हो गई थी. अभिषेक मेरठ के ही ब्रम्हपुरी इलाके के रहने वाले थे. बीजेपी अध्यक्ष ने बाद में ब्रम्हपुरी इलाके में अभिषेक के घर जाकर उनके परिवारवालों को सांत्वना भी दी.

इसके पहले मेरठ में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए शाह ने अभिषेक की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी धारण किया.

कानून-वयवस्था के मुद्दे पर अखिलेश पर वार

अमित शाह ने मंच से उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर अखिलेश यादव सरकार को निशाने पर लिया. शाह ने ताबड़तोड़ हमला करते हुए कहा कि यूपी के भीतर कानून का राज खत्म हो गया है. यूपी में रोज 13 हत्याएं हो रही हैं. जबकि 24 बलात्कार की घटना रोज हो रही है.

अमित शाह ने हाल ही में हुए लखनऊ में श्रवण साहू की हत्या का मुद्दा उठाकर भी अखिलेश सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया.

एकतरफ अमित शाह ने पश्चिमी यूपी पर फोकस किया है तो दूसरी तरफ अखिलेश और राहुल की जोड़ी भी उनसे मुकाबला करने के लिए मैदान में है. अमित शाह ने दोनों को मेरठ की धरती से खूब निशाने पर लिया.

अखिलेश-राहुल की जोड़ी पर सवाल

अमित शाह ने अखिलेश-राहुल की जोड़ी पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि एक शाहजादे ने देश को लूटा तो दूसरे ने उत्तर प्रदेश को. दोनों शाहजादे मिलकर भी यूपी का विकास नहीं कर सकते.

अमित शाह ने कहा कि यूपी में कानून-व्यवस्था के बारे में दोनों को जवाब देना होगा. दरअसल, बीजेपी को लग रहा है कि अखिलेश यादव अपनी साफ-सुथरी छवि लेकर जनता के बीच जा रहे है. जनता को लुभाने का प्रयास हो रहा है. लिहाजा बीजेपी ने पूरी तरह से अखिलेश की छवि को ही अपने निशाने पर लिया है.

amit shah-akhilesh yadav

ये पूरी तरह से बीजेपी और अमित शाह की रणनीति का हिस्सा है कि अमित शाह पश्चिमी यूपी से कानून और व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा उठाते हैं और फिर इसी मुद्दे को आगे ले जाते हुए अपनी पदयात्रा रोकने का ऐलान करते हैं.

कानून व्यवस्था के नाम पर माहौल गरमाने की कोशिश

पश्चिमी यूपी का इलाका पहले से ही संवेदनशील रहा है. बीजेपी ने इस पूरे इलाके के समीकरण को गरमाने और ध्रुवीकरण के लिहाज से ही कत्लखाने को बंद करने का वादा किया है. पार्टी ऐसा कर वोटों का ध्रुवीकरण करना चाहती है. अमित शाह ने मेरठ पहुंचकर एक बार फिर से इस मुद्दे को मंच से दोहरा दिया.

पंजाब और गोवा में चुनाव प्रचार थमने के बाद सभी पार्टियों का फोकस अब यूपी पर आ गया है. खास तौर से पश्चिमी यूपी में जहां पहले चरण के लिए 11 फरवरी को वोट डाले जा रहे हैं. सभी पार्टियों ने यहां अपना जोर लगाया है. ऐसी सूरत में माहौल को गरमाने वाला हर मुद्दा उठाया जा रहा है.

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