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मोदी एक लोकप्रिय विश्वनेता लेकिन राष्ट्रपिता या भगवान नहीं

केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा ने गुजरात के वडनगर स्टेशन को टूरिस्ट स्पॉट में बदलने की बात कही थी.

Subhesh Sharma Updated On: Jul 14, 2017 10:51 PM IST

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मोदी एक लोकप्रिय विश्वनेता लेकिन राष्ट्रपिता या भगवान नहीं

करीब 16 साल बाद बीजेपी की सत्ता में वापसी कराने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पार्टी के लिए 'भगवान' के अवतार से कम नहीं हैं. पार्टी के कुछ नेताओं ने भी बार-बार अपने बयानों से इस बात की पुष्टि भी की है. कभी किसी मंत्री ने उन्हें विकास पुरुष बताया तो कभी किसी ने उन्हें भगवान का दर्जा तक दे डाला. मोदी की तारीफ में अब केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने उन्हें महात्मा गांधी का दूसरा रूप बताया है. महेश शर्मा ने कहा है कि 'मोदी बापू की ही तरह देश के राष्ट्रपिता हैं और कई पीढ़ियों को उन्होंने प्रभावित किया है. उन्होंने कहा है कि हम खुश किस्मत हैं कि हमारे पास नरेंद्र मोदी के रूप में एक और गांधी जी हैं.'

केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा के बयानों पर गौर करें तो वो पीएम मोदी के सबसे बड़े फैन मालूम देते हैं. मोदी को देश का दूसरा बापू बताने से पहले वो उस जगह को भी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की बात कह चुके हैं, जहां कभी पीएम मोदी चाय बेचा करते थे. केंद्रीय मंत्री ने गुजरात के वडनगर स्टेशन को टूरिस्ट स्पॉट में बदलने की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि वडनगर स्टेशन पर एक छोटा सा चाय का स्टॉल है, जहां पीएम मोदी चाय बेचा करते थे और यहीं से उन्होंने अपने जीवन का सफर भी शुरू किया था. इसके चलते हम टी स्टाल को टूरिज्म स्पॉट में विकसित करना चाहते हैं और वडनगर वर्ल्ड टूरिज्म मैप में शामिल कराना चाहते हैं. हालांकि बाद में अपने बयान से पलटते हुए उन्होंने कहा था कि हम टी स्टाल को कोई नया रूप नहीं देने वाले हैं. हम वडनगर स्टेशन को डेवलप करने को लेकर काम कर रहे हैं.

एक और बात भी है. पीएम मोदी ने हाल-फिलहाल के सालों में खुद की राजनीति को लौह पुरुष वल्लभ भाई पटेल के से जोड़ा है. गुजरात में सरदार पटेल की एक विशालकाय मूर्ति का भी निर्माण कराया जा रहा है जिसके लिए मोदी ने देशभर के किसानों से लोहा भी मांगा था. पीएम बापू का जिक्र भी बेहद श्रद्धा के साथ करते हैं. लेकिन एक आम गुजराती उनकी छवि में सरदार पटेल ही तलाशता है.

कहीं मोदी के नाम पर बन रहा है मंदिर तो कहीं टूट रही है शादी

मोदी के नाम की भक्ति पूरे देश में है. कहीं उनके नाम मंदिर बन जाता है तो कहीं उनके नाम पर शादी टूट जाती है. कुछ समय पहले पीएम के राजकोट दौरे से पहले उनके सम्मान में मंदिर तक बना दिया गया. हालांकि जब यह बात पीएम मोदी तक पहुंची तब उन्होंने एक ट्विट कर आयोजकों को तुरंत ही उनकी मूर्ति हटाने को कहा. उन्होंने ट्वीट में कहा था कि 'स्वच्छ भारत अभियान के लिए अपना योगदान दें. मेरे नाम पर मंदिर बनाकर मेरी मूर्ति रखने से मैं काफी आहत और दुखी हूं.'

कुछ दिन पहले कानपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों को लेकर दूल्हा-दुल्हन के बीच में विवाद इतना बढ़ गया कि शादी से एक दिन पहले ही दोनों का रिश्ता टूट गया. दूल्हे ने कहा कि मैं पीएम के खिलाफ एक शब्द नहीं सुन सकता और शादी टूट गई.

इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी लोगों में पीएम को लेकर खूब बहस होती है. सरकार और नीतियों की आलोचना करने वालों को मोदी फैंस एंटी नेशनल बताते हैं तो वहीं जो मोदी के भक्त नहीं हैं वो जवाब में कहते हैं कि हमें राष्ट्रभक्ति दिखाने के लिए किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है.

कलाम को भी हिंदू-मुसलमान से जोड़ा

बात करें मोदी के मंत्री महेश शर्मा की तो उनका विवादित बयानों से पुराना नाता है. मोदी को देश का दूसरा गांधीजी बताने से पहले वो विदेशी टूरिस्ट महिलाओं को भारत में स्कर्ट न पहनने की भी सलाह दे चुके हैं. उन्होंने कहा था कि भारत आने वाली विदेशी महिलाओं को अपनी सुरक्षा के लिए शॉर्ट ड्रेस और स्कर्ट्स नहीं पहननी चाहिए. हमारे देश का कल्चर पश्चिमी देशों से अलग है. जब टूरिस्टों को एयरपोर्ट पर क्या करना है और क्या नहीं करना है कि लिस्ट थमाई जाएगी. उनके इस बयान की काफी आलोचना हुई, जिसके बाद उन्होंने अपना बचाव करते हुए कहा कि वो धार्मिक स्थलों की बात कर रहे थे और महिलाओं के ड्रेसकोड पर कोई बयान नहीं दिया था.

यही नहीं महेश शर्मा पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को लेकर भी विवादित बयान दे चुके हैं. उन्होंने कहा था कि एक मुस्लिम होने के बावजूद कलाम एक महान राष्ट्रवादी थे. औरंगजेब रोड का नाम बदलकर एक ऐसे महापुरुष के नाम पर किया गया है जोकि मुसलमान होते हुए भी इतना बड़ा राष्ट्रवादी और मानवतावादी इन्सान था.

आरएसएस को नहीं पसंद मोदी की भगवान से तुलना

केंद्रीय विकास मंत्री वेंकैया नायडू भी मोदी को भगवान का अवतार बता चुके हैं. नायूड ने मोदी को देश के लिए भगवान का तोहफा बताया था. उन्होंने पीएम मोदी को गरीबों का मसीहा बताया था और कहा था कि भारत को उसकी पहचान और इज्जत भी पीएम मोदी की वजह से मिली है. उनके इस बयान की विपक्ष के साथ-साथ आरएसएस ने भी आलोचना की थी. आरएसएस ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और पार्टी के नेताओं से साफ शब्दों में कहा था कि पार्टी राष्ट्रवाद और विकास के मुद्दे को बढ़ावा दे न कि किसी एक व्यक्ति की पूजा अर्चना में लगे.

बयानों की बजाए काम पर लगाए मन

इकोनोमिक्स टाइम्स के मुताबिक, टूरिज्म भारत में 40 मिलियन जॉब्स देता है और माना जा रहा है कि 2023 तक ये सेक्टर 7.9 फीसदी की एनुअल एवरेज ग्रोथ हो जाएगी. ऐसे में महेश शर्मा को पर्यटन मंत्री रहते हुए इस तरह के बयानों की बजाए इस बढ़ती इंडस्ट्री पर ध्यान देना चाहिए. कश्मीर एक मेजर टूरिस्ट हब है लेकिन पिछले काफी समय से कश्मीर के जो हालात हैं उसका टूरिज्म पर बुरा असर पड़ा है. हर साल लाखों श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा पर जाते हैं लेकिन इतनी कड़ी सुरक्षा के बाद भी आतंकी हमला होता है और तीर्थयात्री मारे जाते हैं. कश्मीर की तरह ही उत्तराखंड भी देश का टूरिज्म हब है. लेकिन यहां भी लोगों में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए किए गए इंतजामों पर सवाल उठते रहते हैं. ऐसे में महेश शर्मा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये कुछ ठोस प्लान जनता के सामने लाएं तो उनकी अलग पहचान बनेगी.

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