S M L

कर्नाटक में 'कमल' खिलाने वाले अनंत कुमार सबसे कम उम्र में बने थे केंद्रीय मंत्री

अनंत कुमार ने 1996 से लेकर अभी तक बेंगलुरु साउथ संसदीय क्षेत्र से लगातार 6 बार जीत हासिल की थी

Updated On: Nov 12, 2018 10:17 AM IST

FP Staff

0
कर्नाटक में 'कमल' खिलाने वाले अनंत कुमार सबसे कम उम्र में बने थे केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता अनंत कुमार का सोमवार तड़के निधन हो गया. उन्होंने लगभग 2 बजे बेंगलुरु में अंतिम सांस ली. वो पिछले कुछ समय से लंग कैंसर से जूझ रहे थे. अनंत कुमार इसके इलाज के लिए लंदन और न्यूयॉर्क जा चुके थे. लेकिन बाद में 20 अक्टूबर को वहां से लौटने के बाद वो बेंगलुरु के एक अस्पताल में भर्ती थे.

अनंत कुमार का जन्म 22 जुलाई, 1959 को एक मिडिल क्लास कन्नड़ परिवार में हुआ था. उनके पिता नारायण शास्त्री रेलवे में कर्मचारी थे. उनकी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई मां गिरिजा एन शास्त्री की देखरेख में हुई, जो खुद भी एक ग्रैजुएट महिला थीं. बाद में अनंत कुमार ने हुबली के केएस ऑर्ट कॉलेज से बीए की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने जेएसएस लॉ कॉलेज से एलएलबी की डिग्री हासिल की.

RSS से विचारधार से प्रभावित होकर ABVP का सदस्य बने

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा से प्रभावित होकर अनंत कुमार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े. आपातकाल का विरोध करने और मोर्चा खोलने की वजह से इंदिरा गांधी की सरकार ने उन्हें और हजारों छात्रों को जेल में बंद करवा दिया था.

एबीवीपी के रास्ते 1987 में बीजेपी से जुड़कर उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की. उनकी योग्यता को देखते हुए कुछ समय बाद उन्हें कर्नाटक बीजेपी का सचिव बनाया गया. कर्नाटक में बीजेपी का कमल खिलाने में बीएस येदुरप्पा के साथ अनंत कुमार का बड़ा योगदान रहा है.

Ananth Kumar with Vajpayee-Advani

अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी के साथ अनंत कुमार (फोटो: रॉयटर्स)

1998 में वाजपेयी मंत्रिमंडल में सबसे कम उम्र के मंत्री बने

पार्टी ने 1996 में बेंगलुरु साउथ से उन्हें उम्मीदवार बनाया तो उन्हें चुनाव जीतकर संसद की सीढ़ियां चढ़ी. 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में अनंत कुमार को मंत्री बनाया गया. वाजपेयी मंत्रिमंडल में वो सबसे कम उम्र में केंद्रीय मंत्री बने. उन्हें नागरिक विकास उड्डयन मंत्री बनाया गया. 1999 में दोबारा चुनाव जीतने पर वाजपेयी सरकार में उन्हें कई विभागों की जिम्मेदारी मिली. वो सिविल एविएशन, पर्यटन, खेल, युवा मामलों और संस्कृति, शहरी विकास और गरीबी उन्मूलन मंत्री थे.

अनंत कुमार ने 1996, 1998, 1999, 2004, 2009 और 2014 में बेंगलुरु साउथ से लगातार 6 बार जीत हासिल की. 2014 में उन्होंने यहां से कांग्रेस के उम्मीदवार रहे नंदन निलेकणी को हराया था. नरेंद्र मोदी सरकार में वो उर्वरक-रसायन मंत्रालय के साथ-साथ संसदीय कार्य मंत्री का भी जिम्मा संभाल रहे थे.

अनंत कुमार अपने पीछे पत्नी डॉ. तेजस्विनी और दो बेटियां- ऐश्वर्या और विजेता छोड़ गए हैं.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Jab We Sat: ग्राउंड '0' से Rahul Kanwar की रिपोर्ट

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi