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बजट 2018-19: जीएसटी घटाने की मांग कर रहा है रियल एस्टेट

रियल एस्टेट इंडस्ट्री की डिमांड है कि जीएसटी मौजूदा 12 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी कर दिया जाए

Updated On: Jan 14, 2018 06:47 PM IST

FP Staff

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बजट 2018-19: जीएसटी घटाने की मांग कर रहा है रियल एस्टेट

सेक्टर रेगुलेटर रेरा, जीएसटी और नोटबंदी की वजह से रियल एस्टेट सेक्टर को तगड़ी चोट लगी है. अब इस सेक्टर को उम्मीद है कि बजट 2018 में सरकार कुछ ऐसे कदम उठाएगी, जिनसे उन्हें राहत मिलेगी.

रियल एस्टेट सेक्टर उम्मीद कर रहा है कि सरकार रियल एस्टेट सेक्टर को 'इंफ्रास्ट्रक्चर' का दर्जा दे. साथ ही टैक्स का बोझ घटाए ताकि सेक्टर को थोड़ी राहत मिल सके. 2017 में इस सेक्टर को कई तरह के पॉलिसी रिफॉर्म्स से गुजरना पड़ा. इसकी वजह से होम लॉन्च में गिरावट आई है. 2017 में कुल 1,03,570 यूनिट्स लॉन्च हुए जबकि 2016 में 1,75,822 यूनिट थे.

इंडस्ट्री से जुड़े लोग उम्मीद कर रहे हैं कि बजट 2018 में सरकार जीएसटी रेट्स को वाजिब लेवल पर ला सकती है. अभी रियल एस्टेट सेक्टर में 12 फीसदी जीएसटी है. इसे घटाकर 6 फीसदी करने की मांग हो रही है. नारेडको के नेशनल प्रेसिडेंट निरंजन हीरानंदानी ने कहा, 'जीएसटी को घटाकर 6 फीसदी पर लाने और समूचे रियल एस्टेट पर इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलने से राहत मिल सकती है.' अभी जीएसटी सिर्फ उन्हीं प्रॉपर्टी पर लगता है जो पूरी तरह तैयार हो. अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी पर जीएसटी नहीं लगता. लिहाजा इन पर बिल्डर्स को कोई इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिलता है. इस सेक्टर की डिमांड है कि जीएसटी हर तरह की प्रॉपर्टी पर लागू हो और उन्हें इनपुट टैक्स क्रेडिट मिले.

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